तपस्वी भाई-बहन का तपोभिनंदन
आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य एवं तेरापंथी सभा के तत्वावधान में बुधवार को स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में मास्टर देव महनोत एवं सुश्री मानसी महनोत ( भाई – बहन – सुपुत्र-सुपुत्री : प्रदीप कुमार-पूजा देवी) के क्रमश: नौ (9) एवं अठाई (8) की तपस्या के उपलक्ष्य में तपोभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तेरापंथी सभा, गुवाहाटी की ओर से साहित्य एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर तपस्वी भाई-बहन के तप की अनुमोदना की गई।
इस अवसर पर मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने तपस्वी भाई-बहनों की अनुमोदना करते हुए कहा कि आज दो छोटे-छोटे बच्चों ने 9 एवं 8 की तपस्या करके अपनी आत्मा को पुष्ट किया है। तपस्वी व्यक्ति अपने परिवार, समाज एवं संघ का गौरव बढ़ाता है। तपस्वी भाई-बहन इसी तरह तपस्या के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहें। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि जो दुष्कर है, दुष्प्राप्य है उसकी सिद्धि तप के द्वारा की जा सकती है। तपस्या के द्वारा अपनी आत्मा पर आच्छादित आठ कर्मों को निर्मूल किया जा सकता है। तपस्वी भाई-बहन के पारिवारिक जनों की ओर से वक्तव्य एवं गीतिका के माध्यम से तप की अनुमोदना की गई। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनि पद्म कुमार ने किया।
नित्य प्रवचन में मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने फरमाया कि लोगस्स के जप से समता भाव बढ़ता है। कायोत्सर्ग से सरलता आती है, जिससे मन एकाग्र होता है। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि अपने आप से प्रश्न पूछना चाहिए कि वह कौन-सा कर्म है जिससे मेरा भविष्य उज्ज्वल बने, निराशा आशा में बदले तथा अधोगति से ऊर्ध्वगति को प्राप्त करें। अपने आपसे प्रश्न पूछना एक कला है, जिससे अपने भीतर से समाधान प्राप्त होता है। वह व्यक्ति अपने जीवन में नया निर्माण करता है, अपना विकास करता है।
*वार्ड पार्षद पहुंचे संत दर्शन हेतु*
मंगलवार की रात्रि में 19 नं. वार्ड के पार्षद एवं भाजपा के प्रवक्ता प्रमोद स्वामी ने मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, मुनि रमेश कुमार के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान समाज सुधार एवं नशामुक्ति की दिशा में कार्य करने पर चर्चा हुई। इस आशय की जानकारी सभा के मंत्री राजकुमार बैद ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
*संप्रसारक*
*जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गुवाहाटी असम*





