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पाप-पुण्य का हिसाब रखना जरूरी : आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोण्डितोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा, पाप-पुण्य का हिसाब रखना जरूरी है। किसी का अपमान किया हैं तो उससे क्षमा मांगें।...

व्यक्ति आरम्भ और परिग्रह से मुक्त बने : आचार्य श्री महाश्रमण

*नौ दिवसीय उपासक प्रशिक्षण शिविर का हुआ प्रारम्भ*     *देश भर से 103 सम्भागी बने सहभागी* आदमी के जीवन में आरम्भ और परिग्रह है| ये दोनों चीजें जब तक उसके जीवन मे...

नौ तत्वों में चौथा तत्व पाप: आचार्य महाश्रमण

चेन्नई. माधवरम में जैन तेरापंथ नगर स्थित महाश्रमण सभागार में विराजित आचार्य महाश्रमण ने गुरुवार को कहा कि पाप एक है। नौ तत्वों में चौथा तत्व पाप है। नरक से निकल...

जो मिला है उसका सदुपयोग करें : प्रवीणऋषि

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा आहार में संयम रखें। इससे स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। परमात्मा ने जीवन को चलाने के लिए छ...

संयम, तप से दूर होता है जीवन का अंधकार : गौतममुनि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा मनुष्य जितनी सावधानी से प्रवचन सुनेगा उसे उतना ही लाभ मिलेगा। परमात्मा की दृष्टि वाणी सभी के ज...

जीवन की सफलता के लिए उदारता को अपनाएं: कपिल मुनि

चेन्नई. गोपालपुरम स्थित छाजेड़ भवन में विराजित कपिल मुनि ने कहा इंसान का जीवन एक तिजोरी के समान है इसमें सद्गुण रूपी आभूषण रखें व दुर्गण नहीं। कृपणता जीवन में उ...

शुद्ध बुद्धि ही दिलाती है सिद्धि: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में मुनि संयमरत्न विजय ने कहा शुद्ध बुद्धि ही सिद्धि दिलाती है। साधनों में मस्त रहने वाला साधना से दूर हो जाता है। मोक्ष-...

संयोग में वियोग की कल्पना कर लेनी चाहिए: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा बंधन दो प्रकार का होता है-द्रव्य और भाव। दोनों से मुक्त हुए बिना मोक्ष नहीं मिल सकता। भक्त भगवान को...

पापी भी पुनीत हो जाता है सद्गुरु की संगत से: साध्वी धर्मप्रभा

चेन्नई. एमकेबी नगर जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने बताया कि वर्तमान में बढ़ती वृद्धाश्रम की संख्या से हमेें खुश नहीं होना चाहिए। ये समाज के लिए कलंक ...

जीवन की सफलता के लिए उदारता को अपनाएं: कपिल मुनि

चेन्नई. गोपालपुरम स्थित छाजेड़ भवन में विराजित कपिल मुनि ने कहा इंसान का जीवन एक तिजोरी के समान है इसमें सद्गुण रूपी आभूषण रखें व दुर्गण नहीं। कृपणता जीवन में उ...

परमात्मा से जोड़ती है भक्त की पवित्रता: आचार्य पुष्पदंतसागर

चेन्नई. कोंडीतोप स्थि सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंतसागर ने कहा भक्त की पवित्रता परमात्मा से जोड़ती है। सरलता परमात्मा के करीब ले जाती है एवं निष्...

जैन सबसे पहले भगवान महावीर का अनुयायी उसके बाद किसी संप्रदाय का

चेन्नई. अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी कुमुदलता ने  बुधवार को प्रवचन में जैन धर्म की शक्ति और इसकी विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कह...

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