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जिस कार्य से कर्मों को तपाया जाए वही तप है:

चेन्नई. ताम्बरम में विराजित साध्वी धर्मलता ने प्रवचन में तप का अर्थ बताते हुए कहा जिस कार्य से कर्मों को तपाया जाए वही तप है, इच्छाओं पर नियंत्रण करना तप है। उन...

मन को वश में करना जरूरी: आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोंडितोप में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने प्रवचन में कहा, राग-द्वेष का सबसे बड़ा कारण मन होता है। मन पर अंकुश लगाना और इसे संयम से बांध...

सेवा करने वाले को विनयवान होना आवश्यक: साध्वी धर्मप्रभा

चेन्नई. एम.के.बी. नगर जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने शनिवार को कहा कि धर्म में पुरुषार्थ करना बहुत कठिन है क्योंकि संसार में कई ऐसे भी इंसान होते है...

मोक्ष प्राप्ति में सम्यक्त्व आवश्यक : आचार्य श्री महाश्रमण

श्रद्धा और तत्व को समझ कर सम्यक्त्व स्वीकार करने की दी पावन प्रेरणा महातपस्वी के सान्निध्य में बह रही तप की अविरल गंगा माधावरम स्थित महाश्रमण समवसरण में धर्मसभा...

कड़वी बोली से उत्पन्न होता है राग-द्वेष: गौतममुनि

चेन्नई. मनुष्य का प्रत्येक कार्य अगर आत्मा से हो तो वह दूसरों को भी आनंद प्रदान करता है। साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने शनिवार को कहा कि ...

संयम का पालन करने वालों के पास समस्त ऋद्धि-सिद्धियां: भुवनरत्न विजय

चेन्नई. जगत की समस्त शक्तियां उसके पैरों में व समस्त ऋद्धि-सिद्धियां उसके हाथों में आ जाती है, जो संयम का पालन करता है। साहुकारपेट के राजेन्द्र भवन में मुनि संय...

गोहत्या से भी अनंत गुना ज्यादा पाप भ्रूण हत्या’: राष्ट्रसंत कमल मुनि

—राष्ट्रसंत कमल मुनि की बेबाक टिप्पणी कोलकाता. भ्रूण हत्या गोहत्या से भी अनंत गुना ज्यादा पाप है। वात्सल्य ममता रूपी मां की कोख में पल रही निर्दोष संतान क...

भक्ति की पहली शर्त है पूर्ण आत्मसमर्पण:

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा अनन्तानुबंध भोगी कार्मों से मुक्त होना है तो तपस्या का सहारा लेना होगा। सम्यक विधि...

विकार से विकास की यात्रा के लिए धर्म जरूरी:

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा यह मानव जीवन धर्म, तप कर जीवन को सफल बनाने के लिए मिला है। तप की आराधना कर इस मौके का लाभ उठान...

किया गया दान, कर्म व अभ्यास निष्फल नहीं जाता: मुनि संयमरत्न

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न ने ‘कस्तूरी प्रकरण’ के बारे में बताया कि पुत्र का जन्म होने, महादेवी द्वारा सिद्धि ...

पाप मिटाने के लिए धर्म करना जरूरी: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा पाप मिटाने के लिए धर्म करना जरूरी है। जब तक विषयों में मस्ती, कषायों से दोस्ती होगी तब तक धर्म में ...

कर्मों की निर्जरा होती है भक्ति से : साध्वी धर्मप्रभा

चेन्नई. एमकेबी नगर जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा भक्ति मोक्ष प्राप्ति का सबसे बड़ा साधन है। जैसे गंदे बर्तन में दूध फट जाता है वैसे ही यदि भक्त...

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