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असली आजादी अपनाए : आचार्य श्री महाश्रमण

*ठाणं सुत्र का विवेचन करते हुए आचार्य श्री ने कहा “मनुष्य ही मोक्ष पद का अधिकारी”* *अहिंसा यात्रा वाहिनी एवं युवा वाहिनी बस का लोकार्पण* माधावरम् स्...

लोक से दूर रहकर श्लोक में आनंदित रहना ही संयम: मुनि संयमरत्न विजयजी

चैन्नई के साहुकार पेठ स्थित श्री राजेन्द्र भवन में आचार्य श्री जयन्तसेनसूरिजी के सुशिष्य मुनि संयमरत्न विजयजी,श्री भुवनरत्न विजयजी के सान्निध्य में श्री नेमिनाथ...

जनता सुखी तो राजा भी सुखी: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा किस...

जिसमें बांधा जाए जाए वह बंधन है: साध्वी धर्मलता

महासती ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मानव स्वतंत्रता पसंद करता है। बंधन नहीं, मानव तो क्या पशु भी स्वतंत्रता पसंद करते है परंतु सच्ची स्वतंत्र...

न्यायाधीश श्री जी रमेश ने आचार्य श्री महाश्रमण के किये दर्शन

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जी रमेश ने परमाराध्य आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन सेवा के लिए उपस्थित हुए| श्री जी रमेश एक सरल श्रावक की तरह कुर्सी पर नहीं अ...

सभी के भरपूर सहयोग से भारत आजाद हुआ: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि आज भारत की आजादी का द...

क्रोध हड्डियों का केंसर है- महासती जी: साध्वी धर्मलता 

महासती साध्वी धर्मलता जी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार अंडे से मुर्गी और मुर्गी संडे की उत्पत्ति होती है ठीक उसी प्रकार मोह से मोह और तृष्णा...

जीव स्वयं कर्मों का कर्ता और भोक्ता : आचार्य श्री महाश्रमण

*तेरापंथ विश्व भारती” परियोजना का लोकार्पण* *संघीय स्मारक समिति का महासभा में विलीनीकरण* माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में परम पावन शा...

जीवन रूपी दूध को माया रूपी विष दूषित कर देती है: मुनि संयमरत्न विजयजी

*श्रीफल की तरह भीतर से कोमल व बाहर से कठोर होते हैं संत*चैन्नई के साहुकार पेठ स्थित श्री राजेन्द्र भवन में आचार्य श्रीजयन्तसेनसूरिजी के सुशिष्य मुनि संयमरत्न वि...

कट्टरता अपने आप में अधर्म : संत कमल मुनि कमलेश

कोलकाता. कट्टरता क्रूरता की जननी है इससे स्वयं के सद्गुण नष्ट हो जाते हैं। वात्सल्य प्रेम सद्भाव का झरना सूख जाता है। कट्टरता अपने आप में अधर्म और पाप है। विश्व...

महासभा मजबूत संस्था है : आचार्य महाश्रमण

तेरापंथी सभा का तीन दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन शुरू चेन्नई. माधवरम में जैन तेरापंथ नगर स्थित महाश्रमण सभागार में विराजित आचार्य महाश्रमण ने सोमवार को तेरापंथी सभा...

माया विश्वास को हर लेती है: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजय ने कहा नागिन जिस तरह लोगों के प्राण हर लेती है वैसे ही माया विश्वास को हर लेती है, विश्वास...

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