माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सुत्र दूसरे अध्याय के 447वें श्लोक का विवेचन करते हुए कहा कि मनुष्य क्षेत्र के बीच में दो तरह के समुन...
दादावाड़ी में विराजित साध्वी कुमुदलता ने कहा पौषध करना यानी आत्मा का पोषण करना। आजकल सब शरीर का पोषण करते हैं। इन आठ दिनों में आत्मा का पोषण करें। सामायिक प्रति...
साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजयज ने कहा नदी का प्रवाह जिस तरह बिना किसी उपाय के नीचे की ओर बहता है, उसी प्रकार लक्ष्मी भी न्यायवंत...
कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...
मंगलवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर, पुरुषावाक्कम, चेन्नई में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि महाराज एवं तीर्थेशऋषि महाराज के प्रवचन कार्यक...
साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने मंगलवार को कहा कि संसार के समस्त कार्यो को छोडक़र परमात्मा की भक्ति में लगने वाले लोग सौभाग्यशाली होते है। ...
एसएस जैन संघ ताम्बरम में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि जैसी जिज्ञासा होगी वैसे गुरु से ज्ञान मिलेगा। जिज्ञासु ग्रहक है और गुरु व्यापारी। जिज्ञासा और ज्ञान का...
एसएस जैन संघ एमकेबी नगर स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा कि इस लोक में ज्ञान के समान कोई वस्तु नहीं है। भगवान महावीर ने आत्म साधना के लिए ज्ञान को परम...
कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मुथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा कि शक्ति और ज्ञान प्रदर्शन से परमात्मा नहीं मिलता बल्कि आत्म समर्पण से मिलता है। फूल जैस...
ईश्वर से इस बात की कभी शिकायत नहीं करनी चाहिए कि हमारी मुश्किलें बढ़ी हैं बल्कि हमें मुश्किलों से कहना चाहिए कि ईश्वर बढ़ा है। चेन्नई के कामराज अरैंगम में आयोजि...
यहां शांति भवन में विराजित ज्ञानमुनि ने कहा संसार के ज्यादातर प्राणी मोह-माया में फंसे हैं जो कि दुख का मूल कारण है। इस संसार में ऐसी कौन सी वस्तु है जो हमारी ह...
यहां जैन स्थानक में विराजित साध्वी मयंकमणि ने कहा वाणी संयम, मौन एवं मित भाषण जीवन दर्शन का मौलिक सूत्र है। मौन सर्वोत्तम भाषण है यदि बोलना ही है तो कम बोलो। ए...