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साधना का पर्व सुनहरा विषय पर प्रेरक उद्बोधन तेले के तपस्यार्थियों का निकला वरघोड़ा

अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में साध्वी कुमुदलता व अन्य साध्वीवृन्द के सान्निध्य तथा गुरु दिवाकर कमला वर्षावास समिति के तत्वावधान में शनिवार को करीब 700 तेले तप ...

संस्कारों की विरासत कष्ट और तूफान में काम आती है: प्रवीणऋषि

पुरुषावाक्कम स्थित श्री एमकेएम जैन मेमोरियल में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा जैसा आचरण वह करता है उसे दूसरे लोग सहज ही स्वीकार करते हैं। संस्कारों की...

भूल सुधारने के लिए कोई वक्त बुरा नहीं: कपिल मुनि

गोपालपुरम स्थित छाजेड़ भवन में विराजित कपिल मुनि ने अष्ट दिवसीय पर्वाधिराज पर्यूषण प्रवचन माला के तहत शनिवार को कहा कि श्रमण संस्कृति का चरम और परम उद्देश्य बंध...

मनुष्य को अपने कर्तव्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए: गौतममुनि

साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन शनिवार को कहा कि पर्यूषण के समय में एक अद्भुत धर्म का नजारा देखने को मिलता है। म...

तानो का चरम विकास ही मोक्ष है: साध्वी धर्मलता

एसएस जैन संघ ताम्बरम में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि जीवन में सम्यक ज्ञान,दर्शन और चरित्र की अराधना करना आवश्यक है। यह त्रय रत्न आत्मा का निज गुण है। मोक्ष...

स्वाध्याय ज्ञानवर्धन का उपाय: आचार्य महाश्रमण

माधवरम में जैन तेरापंथ नगर स्थित महाश्रमण सभागार में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि जो तत्व जैसा है उसे यथार्थ रूप में प्रस्तुत करना उस पर श्रद्धा करना उसका सम्यक हो...

विश्व कल्याण की भावना से करें पर्व की आराधना: साध्वी धर्मप्रभा

एसएस जैन संघ एमकेबी नगर स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा कि यह पर्व साधना की उत्कृष्ट स्थिति का ज्ञान कराता है। यह उत्तम मांगलिक और आत्मशुद्धि की उपास...

संस्कार हीन और चरित्र रहित शिक्षा उत्पात मचा सकती है: पुष्पदंत

कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा कि संस्कार हीन और चरित्र रहित शिक्षा उत्पात मचा सकती है लेकिन शांति का कारण नहीं बन सकती। अमीर उ...

माधावरम बनी देवनगरी

श्रद्धालुओं का उमड़ रहा जनसैलाब   माधावरम स्थित जैन तेरापंथ नगर में महाश्रमणमय वातावरण छाया हुआ है। समस्त क्षेत्र मानो देवनगरी बना हुआ है। देश के विभिन्न प्रान्त...

चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...

त्योहार मनुष्य की इन्द्रियों, मन और शरीर को पुष्ट करते हैं: गौतममुनि

साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन कहा पर्यूषण आने से घर घर में आनंद छाता है। पर्व और त्योहार हमारे समाज के अंदर हम...

यात्रात्रिक यानी परमात्मा की भक्ति: मुनि संयमरत्न विजय

साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजय ने पर्यूषण के दूसरे दिन वार्षिक 11 कर्तव्य समझाते हुए कहा जो कर्तव्य पथ पर चलता हुआ ठोकरें नहीं गि...

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