Standard Category

विमलशिष्य वीरेन्द्रमुनि का धर्म सभा संबोधन

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में विराजित जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्रमुनि ने धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि आज हम यह एकाभवतारी आचार...

आदमी को अंतरात्मा से खमताखामणा कर लेना चाहिए कि : आचार्य महाश्रमण

चेन्नई .जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ माधवरम के महाश्रमण समवसरण में आचार्य महाश्रमण कहा कि अनाहार की तपस्या के बाद आज क्षमापना दिवस है। भीतर के भावों में शरीर ...

जप दो प्रकार के होते हैं: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. एसएस जैन संघ ताम्बरम में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि जप दो प्रकार के होते हैं। वाचिक जप और मानसिक जप। दोनों आत्म उत्थान के लिए उपयोगी हैं। साध्वी न...

क्रोध आत्मा का सबसे बड़ा शत्रु : आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मुथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा कि पर्यूषण एक ऐसा पर्व है जिसके अंदर न भय है, न लोभ है और न लालच। विस्मय भी नहीं...

दान दें तो हृदय से : साध्वी धर्मप्रभा

चेन्नई. एमकेबी नगर के एस एस जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा कि समय का चक्र अविराम गति से निरंतर चलता रहता है। जैसे किसी घड़े में एक एक बूंद रिसकर...

परस्पर सहयोग से होता है जीवन निर्माण: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी कुमुदलता ने शनिवार को प्रवचन के विषय ‘सेवा भावनाÓ पर उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जि...

दीक्षार्थी महिला का सम्मान करते संघ के पदाधिकारीगण: गौतममुनि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने शनिवार को सामूहिक खमतखामणा के अवसर पर कहा कि मनुष्य चाहे कितनी भी आराधना, तपस्या, तप और धर्म कर ले...

जीवत्व की सिद्धि ही जैन दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता : प्रवीणऋषि

विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने आचारांग सूत्र के माध्यम से वनस्पतिकाय के बारे में बहुत विस्तार से बताया गया है। उन्होंने कहा, जीवत्व की सिद्धि ही जैन दर्शन ...

तप त्याग पूर्वक संपन्न हुआ पर्यूषण

चेन्नई. श्री शांति वल्लभ टीवीएच लुम्बिनी जैन संघ के तत्वावधान एवं मुनि तीर्थसिद्ध विजय एवं तीर्थअर्हम विजय के सान्निध्य में पर्यूषण महापर्व सम्पन्न हुआ। इसके बा...

ध्यान साधना सत्र और वज्रपंजर स्तोत्र महाजाप अनुष्ठान कल

चेन्नई. गोपालपुरम में लॉयड्स रोड स्थित छाजेड़ भवन  में चातुर्मासार्थ विराजित कपिल मुनि के सानिध्य व श्री जैन संघ गोपालपुरम के तत्वावधान में रविवार को सवेरे 7.30...

स्वार्थ का त्याग ही सबसे बड़ा तप : आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मुथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा कि स्वार्थ का त्याग ही सबसे बड़ा तप है। दान में पदार्थ दिया जाताहै। दर्शन दिया ज...

मानव सोचकर कर्म करें: साध्वी मंयकमणि

वेलूर. यहां आरकाट स्थित एसएस जैन स्थानक भवन में विराजित साध्वी मंयकमणि ने बताया कि कर्म दो प्रकार के होते हैं-निधत कर्म एवं निकाचित कर्म। निधत कर्म की त्याग, तप...

Skip to toolbar