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नारी सोने की तरह है, तो पुरुष लोहे की तरह है: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजय ने कहा प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव, दूसरे महादेव और तीसरे रामदेव, इन तीन महापुरुषों के नाम में ह...

सरल बनना अलग है और बड़ा बनना अलग: आचार्य पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा सरलता धर्म है एवं वक्रता अधर्म। सीधी लकड़ी फर्नीचर बनाने के काम आती है और टेढ़ी ...

संत वही जो परार्थ के लिए जीता है: साध्वी धर्मप्रभा

चेन्नई. संत वही होता है जो कभी स्वार्थ के लिए नहीं परार्थ के लिए जीता है। उसका हृदय मक्खन की तरह कोमल होता है यानी दीन एवं जरूरतमदों के दुखों को देखकर वे द्रवित...

समझ शक्ति के अभाव में संघर्ष हो जाता है: धर्मलता

एसएस जैन संघ ताम्बरम में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा कि संक्सरी क्षमापना से अप्रत्याख्यानी कषाय का जोर टालता है और अनंतानुबंधी कषाय का उदय नहीं होता है। नमामि...

संत निराकार होता है

आचार्य शुभचंद्र की गुणानुवाद सभा चेन्नई. संत निराकार होता है। शुभचंद्र जहां विराजमान होते थे सभी उनके गुणों से लाभान्वित होते थे।  वे सरल और वात्सल्य के प्रतीक ...

यौवन अवस्था में दीक्षा लेकर जिनशासन का गौरव बढाया शिवमुनि ने

चेन्नई. अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी कुमुदलता व अन्य साध्वीवृन्द के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य शिवमुनि की 176वीं जन्म जयंती ...

अधिकार जता कर कुछ हासिल नहीं किया जा सकता: पुष्पदंत सागर

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मुथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा कि कुछ पाने के लिए झुकना आवश्यक होता है लेकिन अहंकार व्यक्ति को झुकने नहीं देता।...

उत्तम कार्य ही मनुष्य को ऊंचाइयों पर ले जाता है: गौतममुनि

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने रविवार को कहा कि उत्तम कार्य ही मनुष्य को ऊंचाइयों पर ले जाता है। जीव दया करने से जीवन में बहुत ला...

पंचेन्द्रियों का सदुपयोग करें तो मोक्ष प्राप्ति संभव: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. रविवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर, पुरुषावाक्कम, चेन्नई में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि महाराज एवं तीर्थेशऋषि महाराज के प्रवचन...

महिला वर्ग सामुहिक क्षमायाचना कार्यक्रम का आयोजन

परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी एवं मातृहदया साध्वीश्री प्रमुखाश्री जी के सान्निध्य मे श्री जैन महासंघ के तत्वावधान में आचार्य महाश्रमण चातुर्मास व्यवस्था समित...

जीवन में मनुष्य जन्म लेना दुर्लभ: ज्ञानमुनिजी

यहां शांति भवन में विराजित श्री ज्ञानमुनिजी ने कहा कि इस संसार में भाग्य से मनुष्य जन्म जी रहे हैं। सब ग्रन्थ,पंत सभी मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हंै सभी जीव भी...

नजरिए को बदलें, दुनिया अच्छी नजर आएगी – राष्ट्र-संत ललितप्रभ

मुंबई: संत महोपाध्याय श्री ललितप्रभ सागर महाराज ने कहा कि दुनिया में अच्छाइयाँ भी हैं और बुराइयाँ भी। आपको वही नजर आयेगा जैसा आपका नजरिया है। अच्छी दुनिया को दे...

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