Standard Category

अहिंसा एक पीयूष हैं : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में फ्यूरेख और आचार्य श्री महाश्रमण चातुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित *“वि...

चिंतन करने से जीवन में होगा प्रकाश

चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने शुक्रवार को कहा सेवा धर्म मनुष्य के लिए सुखों के मार्ग का निर्माण करता है। ऐसे मौके आने पर खुद को ...

भीतर में शक्ति केन्द्र को जागृत करती है जप साधना : कपिल मुनि

चेन्नई: यहाँ गोपालपुरम स्थित भगवान महावीर वाटिका में श्री कपिल मुनि जी म.सा. ने शुक्रवार को अपने प्रवचन के दौरान कहा कि नवरात्री के पवित्र दिन शक्ति उपासना और आ...

मोक्ष प्राप्ति में सहायक हैं – औदारिक शरीर : आचार्य श्री महाश्रमण

तेजस और कार्मण शरीर हैं संसारी आत्मा के सच्चे मित्र   साध्वी प्रमुखाश्री ने कहा नहीं करे पाण्डित्य का अभिमान माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण म...

लोभ, माया और अहंकार होंगे तीर्थंकर शरण से दूर: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

16 अक्टूबर से आयंबिल ओली की आराधना चेन्नई. शुक्रवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज का प्रव...

शक्ति का संचय और नकारात्मकता को रोकना है सामायिक: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

16 अक्टूबर से आयंबिल ओली की आराधना चेन्नई. गुरुवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज का प्रवच...

अपने दुखों का शमन कर सकते हैं: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. अपने दुखों का शमन कर सकते हैं। अनुष्ठान का हिस्सा बनकर न केवल अपने कर्मों की निर्जरा अपितु पुण्य उपार्जन भी कर सकते हैं। अयनावरम दादावाड़ी चातुर्मास कर ...

धन मंगल एवं अमंगल दोनों होता है: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. धन मंगल एवं अमंगल दोनों होता है पर धर्म मंगल ही है। धन एवं धर्म का चुनाव होने पर प्राय: लोग धन को चुन लेते हैं। धर्म को गौण कर लेते हैं। परन्तु ताम्बरम ...

इन्द्रियों का करे संयम : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सूत्र के छठे स्थान के ग्यारहवें श्लोक के दूसरे भाग का विवेचन करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि ...

सुखी बनना है तो अपनी इंन्द्रियों के विकारों का त्याग करना होगा: गौतममुनि

चेन्नई. सुखी बनना है तो अपनी इंन्द्रियों के विकारों का त्याग करना होगा। विकार का त्याग करने वालों को ही मंजिल मिल पाती है। साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रव...

स्वच्छता हम सबके लिए बहुत जरूरी: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई. स्वच्छता हम सबके तन व मन की खुशी के लिए लिए बहुत जरूरी है। स्वच्छता से जीने वाला सभी जगह आदर पाता है। स्वच्छता अनैच्छिक नहीं अपितु स्वेच्छिक कार्य है जि...

ज्ञान के साथ जुड़े चेतना का तार : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सूत्र के छठे स्थान के ग्यारहवें श्लोक के पहले भाग का विवेचन करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहा कि ज...

Skip to toolbar