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मानव भटक रहा है दो नाव में पांव रखने की आदत से

तिरुपति. मानव जीवन आजकल दो मार्गो से उन्नति की राह पर बढ़ रहा है। एक मार्ग धर्म का है जिस पर चलकर मानव कल्याण होता है तो दूसरा रास्ता भौतिक सुख का, जो कि वैज्ञा...

ज्ञानी वही,जो वर्तमान में जिए: श्रुतमुनि

चेन्नई. साहुकरपेट में विराजित श्रुतमुनि और अक्षरमुनि ने कहा कि तीर्थकारों के अनुसार जो व्यक्ति क्षण को जानता है वही पंडित है। साधारण लोग अतीत या भविष्य में जीने...

भाव के बिना निष्फल होती है क्रिया: जयधुरंधर मुनि

चेन्नई. आलंदूर जैन स्थानक में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा कि मोक्ष के चार द्वार होते हैं दान, शील, तप और भावना। जैन धर्म भावना प्रधान धर्म है। जैसे पहियों में ...

हमेशा गुरु भगवन्तों का समागम रखें: श्रुतमुनि

चेन्नई. साहुकारपेट में विराजित उपप्रवर्तक श्रुतमुनि एवं अक्षर मुनि के सान्निध्य में रविवार को साध्वी प्रभाकंवर की 75वीं दीक्षा जयंती सामायिक के रूप में मनाई गई।...

संसार की सभी कलाओं में धर्म कला सर्वोपरि: कपिल मुनि

चेन्नई. पुरुषवाक्कम में ताना स्ट्रीट स्थित जैन स्थानक में विराजित कपिल मुनि ने रविवारीय विशेष प्रवचन में कहा जीवन निर्वाह की कला का ज्ञान तो सृष्टि के प्राणिमात...

पुद्गलों में नहीं आत्मा में है सच्चा सुख: जय धुरंधर मुनि

चेन्नई. नंगनल्लूर जैन स्थानक में विराजित जय धुरंधर मुनि ने कहा हर आत्मा में अनंत सुख मौजूद रहता है लेकिन व्यक्ति पुद्गलों में सुख ढूंढ़ता है। पुद्गलानंदी नहीं आ...

व्यक्ति अपने हिताहित का विवेक रखे: जयधुरंधर मुनि

चेन्नई. सईदापेट स्थित जैन स्थानक में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा हर मनुष्य को यह सदैव चिंतन करना चाहिए कि उसके लिए क्या करना हितकर है एवं अहितकारी है। भगवान मह...

सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में जीवशुद्ध होता है अपने आहार व आचार से : गौतममुनि 

कृष्णगिरि. यहां श्री पाश्र्व पद्मावती शक्तिपीठ में मंगलवार को आचार्य श्रीमद् विजय प्रेमसूरीश्वर का जन्मशताब्दी वर्ष एवं शक्ति पीठाधिपति यतिवर्य राष्ट्रसंत डा. व...

सम्यक ज्ञान को धारण कर सम्यकता की तरफ बढ़ें: साध्वी कुमुदलता

वनियम्बाडी. साध्वी कुमुदलता की प्रेरणा एवं गुरु दिवाकर कमला महिला मंडल के प्रयास से सुमति इश्वर तातेड़ एवं महिला मंडल के सहयोग से डायालिसिस सेंटर में सहयोग राशि...

क्रोध रूपी अग्नि जलाती है स्व और पर को: जयधुरंधर मुनि

चेन्नई. सईदापेट बाजार रोड जैन स्थानक में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा की क्रोध, मान, माया, लोभ रूपी कषाय के कारण ही संसार का परिभ्रमण बढ़ता है। कर्म वृक्ष का सी...

दया भाव से जाग्रत होता है आत्मज्ञान: श्रुतमुनि

चेन्नई. रॉयपेट्टा स्थित हेमराज सिंघवी जैन स्थानक में विराजमान श्रुतमुनि ने कहा कि हमें जगाने और सिखाने के लिए ही संत आते हैं। ये हमें शिक्षा देते हैं कि आत्मा ह...

सफल होने के लिए करें लक्ष्य का निर्धारण: गौतममुनि

कृष्णगिरि. जिले के पूंगावणम में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन में गलत भावनाओं और कृत्यों को उत्पन्न करता है तो जीवन का गलत निर्माण ...

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