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गुरुर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः

*“गुरुर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः*  *गुरूर्देवो महेश्वरः*  *गुरुः साक्षात् परब्रह्म*  *तस्मै श्री गुरवे नमः।”*. आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसरपर आकुर्डी निग...

जीवन की सुन्दरता का रहस्य: साध्वी संबोधि

जो व्यक्ति न्याय, नीति और धर्मपूर्वक अपना जीवनयापन करते हैं, दूसरों के प्रति सहानुभूति, दया, क्षमा, सेवा, समता, करुणा, आत्मोपम्य का भाव रख कर जीते हैं, ऐसे लोग ...

सत्संग से जीवन निर्माण : साध्वी संबोधि

कोई भी मानव अपने जन्म के साथ ही विद्वता, वीरता अथवा कोई अन्य उल्लेखनीय योग्यता लेकर नहीं आता। वह आगे जाकर जो कुछ भी बनता है, केवल संगति से ही बनता है। विद्वत्-क...

वीरथिईमाध्यमातून जे अमृत मिळाले ते अत्भूत आहे-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : प्रभू महावीर जे आहेत, जसे आहेत, तसेच ते तुम्हा-आम्हाला लाभले, हे आमचे भाग्य समजतो, वीरथिईच्या माध्यमातून जे अमृत मिळाले ते अत्भूत आहे, असा हितोपदेश वाणी...

पूज्य श्री कांतिमुनीजी म सा स्वास्थ्य अपडेट

श्री मरूधर केशरी जैन वैयावच्च समिति चेन्नई जैन भवन साहुकार पेट में आंशिक रूप से स्वास्थ्य लाभ के लिए स्थानांतरित श्रमण संघीय पूज्य गुरुदेव श्री कांतीमुनि जी महा...

दो तपस्वियों का तपोभिनंदन समारोह

महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डाॅ ज्ञानेन्द्र कुमार जी , मुनि श्री रमेश कुमार जी आदि ठाणा -4 के पावन सान्निध्य में तेरापंथी सभा...

सूदूर प्रांत नागालैंड में जैन संस्कार विधि द्वारा  तप संपूर्ति अनुष्ठान : तेरापंथ सभा, डीमापुर 

 डीमापुर (नागालैंड) : भारत देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र स्थित सूदूर प्रांत नागालैंड के डीमापुर में अभातेयुप के निर्देशन में तेरापंथ सभा, तेरापंथ महिला मण्डल के तत्...

समय गोयम ! मा पमायए: साध्वी संबोधि

शास्त्रों में मानव जन्म की प्राप्ति को दुर्लभ बताया गया है यदि पुण्योदय से मिल भी गया तो उसकी सफलता के लिए शुभ कर्म करना चाहिए न कि इसे मौज-मस्ती, काम भोगों में...

जितकी भुक तितकेच खा-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : जितकी भुक आहे तितकेच खाल्ले तरच ते पंचन होते, अन्यथा नाही. म्हणूनच भगवंतांनी सांगून ठेवले आहे की, आपल्याला जितकी भुक असेल तेवढेच गृहन केले तरच ते आपल्या...

नेमिनाथ जैन ब्रह्मचर्याश्रम (जैन गुरुकुल) चांदवड आधुनिक काळातील ज्ञानगंगा

शिक्षण हे परिवर्तनाचे सर्वात प्रभावी माध्यम आहे. कारण शिक्षणाच्या माध्यमातूनच व्यक्ती विकास, समाजविकास व राष्ट्रविकास साध्य होत असतो. याच उच्च उद्देशाने श्री ने...

मोक्ष का मार्ग शुभ भाव: साध्वी संबोधि 

 आत्मा भावों के झूले पर ऊंचा नीचा झूलता हुआ ही कभी ऊपर उठता है तो कभी नीचे गिरता है। भाव ही राम है और भाव ही रावण है। भाव ही कृष्ण है. भाव ही कंस है। भाव ही महा...

मीठा बोलेंगे तो लोगों के दिलों में राज करोंगे-साध्वी स्नेहाश्री

टेढ़ी जुबान से जहां नजदीकियां भी खत्म हो जाती है वहीं मीठी जुबान से बनी हुई दूरियां दूर हो जाती है। मीठा बोलेंगे तो लोगों के दिलों में उतरेंगे और कड़वा बोलेंगे ...

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