कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): मैसूर रोड के कुम्बलगोडु में स्थित आचार्यश्री तुलसी महाप्रज्ञ चेतना सेवा केन्द्र में चतुर्मास कर रहे जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, प्रभावी प्रवचनकार आचार्यश्री महाश्रमणजी के श्रीमुख ने निरंतर प्रवाहित हो रही ज्ञानगंगा श्रद्धालुओं को परम तृप्ति प्रदान कर रही है। यह तृप्ति लोगों आकर्षित कर रही है और सहज ही आचार्यश्री की सन्निधि में ले आती है। ‘महाश्रमण समवसरण’ में पहुंचने वाला हर एक व्यक्ति आचार्यश्री महाश्रमणजी की वाणी का श्रवण कर अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। शनिवार को आचार्यश्री महाश्रमणजी ने ‘महाश्रमण समवसरण’ में उपस्थित श्रद्धालुओं को पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि भगवान महावीर के एक शिष्य द्वारा एक प्रश्न पूछा गया कि पहले मुर्गी आई या पहले अण्डा? तो भगवान महावीर ने उसे प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि दोनों ही शाश्वत हैं और...
कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती चातुर्मास के लिए चेन्नई के आलवारपेट में वीनस कॉलोनी स्थित आस्तिक समाजम में विराजित है। वे यहां 14 सितम्बर तक रहेंगे। चातुर्मास के दौरान 29 जुलाई को वैदिक भिक्षा वंदना का आयोजन होगा जिसमें देशभर से 300 से ज्यादा वैदिक पंडित हिस्सा लेंगे। उसी दिन दोपहर 12 से 2 बजे तक स्वर्ण पादिका पूजा भी होगी। कार्यक्रम का आयोजन शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती के नेतृत्व में किया जाएगा। गौरतलब है कि अष्टिका समाजम में शंकराचार्य हर रोज सुबह 10 से 2 बजे तक और शाम को 8 से 10 बजे तक पूजा करते हैं। 3 अगस्त को आडि पेरुक्कु की शाम को कावेरी पूजा, 15 अगस्त को ऋग उपकर्म, यजुर उपकर्म, 23 अगस्त को गोकुलाष्टमी, 2 सितम्बर को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
इंदौर। हृींकारगिरी तीर्थ धाम में प्रतिष्ठापित मूलनायक परमात्मा पार्श्वनाथ जी की प्रतिमा का 50 दिवसीय 18 अभिषेक शुक्रवार को भी जारी रहा। 18 अभिषेक विधान के लाभार्थी कोठारी परिवार रहा। कृष्णगिरी श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठाधिपति, यतिवर्य, राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजय जी की पावन निश्रा में विधिकारक हेमंत वेदमूथा मकशी इस धार्मिक आयोजन को संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ भक्ति भाव से पूर्ण करा रहे हैं। श्री नगीनभाई कोठारी चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय कोठारी ने बताया कि प्रतिदिन सुबह के सत्र में संतश्री वज्रतिलकजी की निश्रा में प्रतिक्रमण व भक्तामर मंत्र जाप किया जा रहा है जो शुक्रवार को भी जारी रहा। चातुर्मास कार्यक्रम से जुड़े वीरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि हृींकारगिरी तीर्थ धाम में चातुर्मास कर रहे राष्ट्रसंत यतिवर्य डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने प्रवचन में कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे बचपन से ही बच...
कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): आचार्यश्री तुलसी महाप्रज्ञ चेतना सेवा केन्द्र में चतुर्मासकाल के प्रवासित जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली ज्ञानगंगा की अवरिलता बेंगलुरुवासियों के मानस को आध्यात्मिक भावों से आप्लावित कर रही है। आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष प्रारम्भ है। इस कारण बेंगलुरुवासियों का यह सौभाग्य है कि आचार्य महाप्रज्ञजी द्वारा संस्कृत भाषा में रचित ग्रन्थ ‘सम्बोधि’ के आधार पर आचार्यश्री के श्रीमुख से निरंतर सम्बोध प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। इस व्याख्यान के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवनोपयोगी ऐसी प्रेरणाएं प्राप्त हो रही हैं, जिनका अंश मात्र अनुकरण भी उनके जीवन को नई दिशा प्रदान कर सकता है। पावन ‘सम्बोधि’ की व्याख्यानमाला के अंतर्गत शु...
आचार्यश्री ने स्वाध्याय और साधना के द्वारा मोह को कम करने की दी पावन प्रेरणा कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): दक्कन के पठारी भाग में स्थित कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, महातपस्वी, परम साधक आचार्यश्री महाश्रमणजी की अमृतवाणी की मंगल धारा नियमित प्रवाहित हो रही है, जो जन-जन के मानस को अभिसिंचन प्रदान ही नहीं कर रही, बल्कि उनके मानसिक मैल को भी धोकर उनके मन को निर्मल बना रही है। मानवता के लिए समर्पित ऐसे महामानव की अमृतवाणी की धारा संपूर्ण मानवता को तरंगित कर रही है। तभी तो पंथ, संप्रदाय, रंग-रूप आदि का भेद मिटाकर लोग नियमित रूप से आचार्यश्री महाश्रमणजी के चतुर्मास प्रवास स्थल में बने ‘महाश्रमण समवसरण’ में पहुंच रहे हैं और अपने जीवन का कल्याण कर रहे हैं। गुरुवार को ‘महाश्रमण समवसरण’ में उपस्थित श्रद्धालुओं को महामानव महातपस्वी आचार्यश्री...
चेन्नई. किलपॉक में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरीश्वर कहा धर्म के मूल में अहिंसा है। यद्यपि सब धर्मों ने अहिंसा को प्रधानता दी है लेकिन जैन धर्म में अहिंसा का सूक्ष्म रूप दिखाया है। उन्होंने कहा यदि हमें हमारी आत्मा से लगाव है तो अपनी आत्मा से एक वादा करो कि उसे कभी दुर्गति में नहीं जाने देंगे। यदि स्वदया आपकी आत्मा में विद्यमान है तो परदया अपने आप आ जाएगी। आचार्य ने कहा सकारात्मक अहिंसा की प्रमुख बात है जगत के जीवों को प्रेम का दान देना। सच्चा प्रेम वही है जो आप अपने लिए करते हो, वही भावना सबके लिए हो। आपको जो चीज मिले वही सबमें बांटो। उन्होंने कहा शाश्वत सुख की भावना जीव मात्र के प्रति प्रेम है। आपकी भावना हमेशा यही रहेगी कि आपका परिवार सुखी रहे क्योंकि परिवार के प्रति प्रेम है। जहां प्रेम है वहां यह भावना प्रकट होती है। परमात्मा प्रेम के अवतार हैं। परमात्मा का जगत के प्रति ...
चेन्नई. वेपेरी स्थित जयवाटिका मरलेचा गार्डन में जयधुरंधर मुनि ने कहा आज हर इंसान शांति चाहता है परंतु शांति उसे ही प्राप्त हो सकती है जिसका स्वभाव शांत हो। बाह्य शांति के लिए भीतर में शांति होना जरूरी है। शांति की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को अपने स्वभाव में रमण करना होगा। विभाव दशा में मनुष्य क्रोधी हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप वह चिड़चिड़ा बनकर स्वयं भी अशांत बनता है और दूसरे की शांति भी छीन लेता है। उन्होंने कहा मनुष्य के जो भाव रहते हैं वह अवश्य ही चेहरे पर प्रतिबिंबित होते हैं। शिशु सम सौम्य व्यक्ति हरेक के लिए प्रिय होता है। आत्मा जब विभाव दशा में रहती है उस समय आत्म-गुण आवृत हो जाते हैं। स्वभाव और विभाव यह दोनों दशाएं आत्मा की ही होती हैं। आत्मा में ही राम है तो रावण भी है। एक श्रावक को बुराइयों को छोडक़र अच्छाइयों की ओर बढऩा चाहिए। विभाव को छोड़ स्वभाव में रमण करना चाहिए और अवगुणों ...
चेन्नई. वेपेरी जैन संघ के तत्वावधान में बुद्धिवीर वाटिका में आचार्य विमलसागर सूरी ने कहा श्रवण एक महान योग है। जो सुनने की कला सीख लेते हैं, वे ज्ञानी बन जाते हंै। धर्म उपदेश का श्रवण और ग्रहण एक प्रकार की साधना है जो सुन नहीं सकता वो कभी आध्यात्मिक विकास नहीं कर सकता। श्रवण में जीवन के हित में समाए हुए हैं। सुन सुन कर ही आत्मा पावन बनती है। इसलिए जीवन में कुछ बनें या न बनें सुनने का प्रयत्न जरूर करना चाहिए। जो सुन नहीं सकता। धर्म प्रवचनों का श्रवण जीवन का प्रशस्त करता है। बुद्धिमान ज्ञानी परिपक्व उदार सहृदयी और दयालु होने का पहला सूत्र है धर्म श्रवण। धर्म प्रवचन स्पिरिचुअल रिफाइनरी है। अज्ञान और विषय वासना का कचरा इसी से साफ होता है। प्रवचनों के श्रवण से आत्मा हल्की होती है। सकारात्मक सोच तैयार होती है। प्रवचन प्रेरणा के मूल स्रोत होते हैं। इनसे आत्मा बलवती बनती है। इनसे तत्व चिंतन से की ...
चेन्नई. वेपेरी में विराजित आचार्य विमलसागरसूरी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि परिवर्तन के इस नए दौर में जागृति आवश्यक है। अगर इस युग में सांस्कृतिक मूल्यों के जगत का प्रबंध नहीं हुआ तो धर्म और समाज को भारी हानि होगी। संस्कारों की विरासत ही हमें सुरक्षित रख सकती है। आधुनिक होने का अर्थ संस्कार भ्रष्ट होना नहीं है। वेपेरी श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में आचार्य विमलसागरसूरी का पहला जागरण शिविर21 जुलाई को कूक्स रोड स्थित एसपीआर सीटी टाउन हॉल में शुरू होगा जिसमें 5 हजार से अधिक युवक-युवतियां भाग लेंगी। त्रिची, मदुरै, सेलम, वेलूर, कांचीपुरम अदि क्षेत्रों से श्रद्धालु शिविर में भाग लेंगे। शिविर के लिए एसपीआर सिटी में तैयारियां जोरों पर है। संघ के अध्यक्ष बिपिन जैन व सचिव राजेश भंडारी ने बताया कि शिविर में समाज, धर्म और आधुनिक जीवन शैली व मनोविज्ञान को लेकर चिंतन होगा।
चेेन्नई. कपिल मुनि का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 7 जुलाई को विरुगम्बाक्कम स्थित पगारिया भवन में होगा। श्री एसएस जैन संघ विरुगम्बाक्कम के मंत्री महावीरचंद पगारिया ने बताया मुनि रविवार सवेरे 8 बजे संघ के तत्वावधान में मीठालाल पगारिया के निवास पर आयोजित मंगलकारी जप अनुष्ठान के बाद जुलुस के रूप में प्रस्थान करेंगे। चातुर्मासिक प्रवेश यात्रा मुख्य मार्गों से गुजरती हुई चातुर्मास स्थल पगारिया भवन पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित होगी। संघ अध्यक्ष प्रकाशचंद गोलेछा ने बताया कि संघ के पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्यगण, युवक मंडल, महिला मंडल सभी तैयारी में जुटे हैं। विरुगम्बाक्कम संघ के इस प्रथम चातुर्मास प्रवेश पर महानगर के बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों के साथ श्रावक श्राविकाए हिस्सा लेंगे।
चेन्नई. मुनि विनीतचंद्र विजय, मुनि विजयचंद्र विजय, मुनि मनकचंद्र विजय एवं साध्वी मोक्षधर्माश्री, साध्वी समर्पणधर्माश्री और साध्वी ज्ञानधर्माश्री का चातुर्मास प्रवेश 4 जुलाई को श्री पाश्र्वनाथ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ, पांडिचेरी के तत्वावधान में होगा। पांडिचेरी के अन्नासालै स्थित श्री जैन भवन में होने वाला आध्यात्मिक उत्कर्ष वैचारिक विकास को समर्पित यह चातुर्मास ऐतिहासिक होगा। श्री पाश्र्वनाथ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ, पांडिचेरी के अध्यक्ष प्रवीण नागौत्रा सोलंकी, सचिव पूनमचंद पटवारी सहित संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता चातुर्मास की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
चेन्नई. आदिनाथ जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में जारी वर्षीतप उत्सव के तहत सोमवार को गच्छाधिपति जिनमणिप्रभसूरीश्वर के 47वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में सामूहिक वर्षीतप का पारणा हुआ। चूलै में कंदप्पा स्ट्रीट स्थित आदिनाथ सेवा केन्द्र में साध्वी मंजुलाश्री एवं अन्य साध्वीवृंद के सान्निध्य में आयोजित समारोह के दौरान केयूप ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश लूनिया, महामंत्री संजय वैद, उपाध्यक्ष संतोष बरडिया, अशोक बैद भी मौजूद थे। इस अवसर पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मनोज जैन ने गच्छाधिपति के जीवन पर विशेष प्रकाश डाला। समारोह के दौरान साध्वीवृंद ने सामूहिक वर्षीतप की अनुमोदना करते हुए तप की महिमा पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ट्रस्ट की ओर से सहयोगियों का सम्मान किया गया।