तेरापंथ भवन में हुआ चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हमारी धरती ऋषि परम्परा से जुड़ी हैं। उनकी साधना शक्ति से ओत:प्रोत धरती हमें विनम्रता, सहनशीलता, क्षमा के भावों से सरल बनाती हैं, उपरोक्त विचार तेरापंथ भवन, साहूकारपेट में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के अवसर पर साध्वी अणिमाश्री ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहें। साध्वीश्री ने आगे कहा कि जो जीवन का समयबद्ध नियोजन करता है, वहीं आत्मज्योति को प्राप्त कर सकता हैं। व्यक्ति को प्यास भी है, पानी बरस रहा है, हाथ में बर्तन भी हैं, लेकिन बर्तन को औंधा रखने पर पानी नहीं भर सका और प्यासा ही रह जाता हैं, इसी तरह हमें भी इस वर्षाकाल (चातुर्मास्य) में समय का नियोजन करते हुए चारित्र आत्माओं के सान्निध्य में अपने आप को नियोजित कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। साध्वी श्री ने आगे कहा कि हमारे मन में कोई भी बात हो सरल दिल से साधु-साध्वियों को विनम्र भाव स...
तेयुप का शपथ ग्रहण एवं ओसवाल गार्डन में नवीन ज्ञानशाला का हुआ शुभारम्भ ओसवाल गार्डन क्लब हाउस में साध्वी अणिमाश्री जी के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद् चेन्नई की नवगठित टीम का शपथ ग्रहण एवं नवीन ज्ञानशाला का शुभारम्भ हुआ। साध्वी श्री अणिमाश्री ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि युवा परिवार की रीढ़ है, समाज का नवजीवन है एवं राष्ट्र का महाप्राण है। युवा परिवार, समाज, राष्ट्र को अपने श्रम से संवार सकता है, निखार सकता हैं। युवा वह दर्पण है, जिसमें मानवता प्रतिबंधित होती है। तेरापंथ युवक परिषद चेन्नई ऐसे युवाओं का संगठन है, जो समाज एवं संघ के लिए अपने समय श्रम एवं शक्ति का नियोजन कर रही है। अपनी संघनिष्ठा, गुरुनिष्ठा, समर्पण, भक्ति-शक्ति से गण अनुरक्ति के फूल खिला रही है। साध्वीश्री ने श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के नेतृत्व में चेन्नई शहर की 24वीं ज्ञानशाला का ओसवाल गार्डन में शुभारम्भ पर ...
मंगल विहार के पुर्व दिवस पर आयोजित हुआ मंगल भावना समारोह साध्वीवृंद सोमवार को करेगी चातुर्मासिक प्रवेश माधावरम् के जैन तेरापंथ नगर की इस पुण्य धरा पर आज भी पूज्य आचार्य प्रवर के ऊर्जामय परमाणुओं का अनुभव हो रहा है। माधावरम चेन्नई का तीर्थस्थल कहा जा सकता है। इस तीर्थ भूमि में हमारा 81 दिन का प्रवास आरोग्यवरदायी, साताकारी रहा। उपरोक्त विचार मंगल विहार से पूर्व तेरापंथी सभा, चेन्नई एवं माधावरम वासियों द्वारा आयोजित मंगल भावना समारोह में साध्वी अणिमाश्री ने कहें। साध्वी श्री ने आगे कहा श्रावक समाज न केवल यहां का, बल्कि सम्पूर्ण चेन्नई का श्रावक समाज संघनिष्ठ, गुरुनिष्ठ, समर्पित, आज्ञाकारी एवं सेवाभावी है। साधु-साध्वियों के दृष्टि की आराधना करने वाला है। मंगल प्रेरणा देते हुए साध्वी श्री ने कहा- हमारा मानव जीवन बड़ा दुर्लभ है। जीवन को सुखमय, शांतिमय, आनंदमय बनाने का प्रयास करे। मन की शांत...
छत्तीसगढ़ प्रवर्तक श्रमण गौरव संत श्री रतन मुनि, डॉ सतीश मुनि, शुक्ल मुनि रमण मुनि आदित्य मुनि एवं घोर तपस्वी गणेश लाल जी महाराज के शिष्य श्री विवेक मुनि सौरव मुनि गौरव मुनि आज पदनाभपुर दुर्ग से जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में चातुर्मास हेतु प्रवेश किया। श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के कार्यकर्ता पदनाभपुर पहुंचकर संत समुदाय की अगवानी की। श्रमण संघ दुर्ग की चातुर्मास प्रवेश यात्रा मोती काम्प्लेक्स दुर्ग से प्रारंभ हुई जहां जैन समाज के सभी जैन संघ के प्रमुख सदस्यों की विशेष उपस्थिति तथा श्रमण संघ परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति में प्रवेश यात्रा आगे बढ़ी जवाहर चौक गांधी चौक शनिचरी बाजार होते हुए गंजपारा स्थित आनंद मधुकर रतन भवन मैं साधु वृंद का मंगलमय प्रवेश हुआ। जगह जगह वंदना अर्पित करते हुए गुरुदेव भगवनतो का प्रवेश अवसर पर स्वागत सत्कार किया गया। प्रथम बार छत्तीसगढ़ आए संत विवेक ...
वार्षिक अधिवेशन में साध्वी अणिमाश्रीजी का मिला पावन पाथेय श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई का 55वां वार्षिक अधिवेशन आचार्य महाश्रमण जैन तेरापंथ पब्लिक स्कूल में अध्यक्षा शांति दुधोडिया की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। साध्वी अणिमाश्री के मुखारविंद से नमस्कार महामंत्र उच्चारण से कार्यक्रम शुभारम्भ में साध्वीश्री ने फरमाया कि महिला मंडल की कार्य शैली में वर्तमान युगानुरूप अच्छा परिवर्तन आया है। सभी बहनें समय प्रबंधन करना सीखे, सबको साथ लेकर चलना सीखे, शक्ति का नियोजन करे। आने वाले अध्यक्ष के लिए विशेष प्रेरणा देते हुए कहा कि देव, गुरु, धर्म के प्रति श्रद्धा रखें। गुरु इंगित की आराधना करें। सबके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखें। सभी सदस्यों को प्रेरणा देते हुए साध्वीश्री ने कहा चातुर्मास आत्मजागरण का समय है, उसमे आध्यात्मिक विकास करें। भक्तामर, प्रतिक्रमण, पच्चीस बोल कंठस्थ करने की विश...
जेटीएन के संस्थापक श्री महावीर सेमलानी सूरत, गुजरात से पधार कर तेरापंथ महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती शांति दुधोड़िया द्वारा मण्डल में पिछले दो दशकों से उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए साधुवाद, धन्यवाद दिया। श्रीमती शांति दुधोड़िया ने आचार्य श्री महाश्रमणजी के चेन्नई चातुर्मास में अध्यक्ष श्रीमती कमलाजी गेलड़ा के साथ 2 वर्ष मंत्री पद पर एवं पिछले दो वर्षीय अपने अध्यक्षीय काल में आध्यात्मिक, पारिवारिक एवं मानवीय कार्यों की विशिष्ट श्रृंखला से मण्डल को नई ऊंचाइयां प्रदान की। आप संघ और संघपति के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा भाव से जुड़ी हुई हैं। जैन तेरापंथ न्यूज (जेटीएन) के संस्थापक श्री सेमलानी ने उनके ऐतिहासिक कार्यकाल की शानदार पूर्णाहुति पर शुभ मंगलभावनाएं सम्प्रेषित की एवं आगे भी उत्तरोत्तर अभिवृद्धि करती रहे, ऐसी मंगलकामना की। ज्ञातव्य हो कि श्रीमती शांति दुधोड़िया भी जेटीएन की सदस्या हैं। इस अवसर पर श्री...
प्रज्ञा दिवस का हुआ आयोजन रविवार को प्यारेलाल पितलिया ग्रहण करेंगे पदभार तेरापंथ धर्म संघ के दसवें आचार्य प्रेक्षा प्रणेता आचार्य श्री महाप्रज्ञजी का 102वां जन्मदिवस प्रज्ञा दिवस के रूप में आचार्य महाश्रमण जैन तेरापंथ पब्लिक स्कूल में साध्वी अणिमाश्री के सान्निध्य में मनाया गया। साध्वी श्री अणिमाश्री ने अपने श्रद्धासिक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य महाप्रज्ञजी प्रज्ञा के बेताज बादशाह थे। उनके मस्तिष्क में दुर्लभ ज्ञानमणियां थी। उनके नजरों में नेह का निर्झर प्रवाहित होता था। उनकी साधना में सूर्य सी तेजस्विता थी। उनके आभामंडल में शशि जैसी शीतलता थी। उनके विचारों में, चिंतन में सागर की गहराई थी। उनके चारित्र में हिमालय जैसी ऊंचाई थी। उनके जीवन में निर्झर जैसी गतिशीलता थी। उनके वदन पर फूलों सी मुस्कुराहट थी। उनके भीतर आचार्य भिक्षु जैसी आचारनिष्ठा ...
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, चेन्नई का 70वाँ वार्षिक अधिवेशन वर्ष (2021-2022) श्री तेरापंथ ट्रस्ट भवन, ट्रिप्लीकेन में तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री विमल चिप्पड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। भगवान महावीर की मंगल स्तृति के साथ आज की कार्यवाही प्रारम्भ हुई। अध्यक्ष ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। मंत्री श्री प्रवीण बाबेल, कोषाध्यक्ष श्री अनील सेठिया एवं अन्य विभागों के संयोजकों/प्रभारियों ने अपने कार्यों को सदन के सामने प्रस्तुत किया, जिसे ऊँ अर्हम् की ध्वनी मत से पारित किया गया। अगले वर्ष 2021-2022 के तेरापंथ सभा के अध्यक्ष पद की कार्यवाही के लिए सदन को चुनाव अधिकारी श्री पुखराज बड़ोला को मंच सौपा गया। श्रीमान् चुनाव अधिकारी पुखराज बड़ोला ने अपने अतिरिक्त चुनाव अधिकारी श्री इन्द्रचन्द डूंगरवाल के साथ आज के चुनाव की प्रक्रिया प्रारम्भ करते हुए नियमों की जानकारी सदन को प्रदान की। श्री प्यारेलाल प...
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, चेन्नई का 70वाँ वार्षिक अधिवेशन वर्ष (2021-2022) श्री तेरापंथ ट्रस्ट भवन, ट्रिप्लीकेन में तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री विमल चिप्पड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। भगवान महावीर की मंगल स्तृति के साथ आज की कार्यवाही प्रारम्भ हुई। अध्यक्ष ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। मंत्री श्री प्रवीण बाबेल, कोषाध्यक्ष श्री अनील सेठिया एवं अन्य विभागों के संयोजकों/प्रभारियों ने अपने कार्यों को सदन के सामने प्रस्तुत किया, जिसे ऊँ अर्हम् की ध्वनी मत से पारित किया गया। अगले वर्ष 2021-2022 के तेरापंथ सभा के अध्यक्ष पद की कार्यवाही के लिए सदन को चुनाव अधिकारी श्री पुखराज बड़ोला को मंच सौपा गया। श्रीमान् चुनाव अधिकारी पुखराज बड़ोला ने अपने अतिरिक्त चुनाव अधिकारी श्री इन्द्रचन्द डूंगरवाल के साथ आज के चुनाव की प्रक्रिया प्रारम्भ करते हुए नियमों की जानकारी सदन को प्रदान की। श्री प्य...
आचार्य तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस साध्वी अणिमाश्रीजी ठाणा 5 के सान्निध्य में आचार्य महाश्रमण पब्लिक स्कूल, माधावरम् के प्रांगण में गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस आयोजित हुआ। श्रद्धालु तुलसी भक्तों ने अपनी आस्था के राम गुरुदेव तुलसी को भावाञ्जलि समर्पित की। साध्वी अणिमा श्री ने अपने श्रद्धासिक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि तेजस्विता, तपस्विता, ओजस्विता, वर्चस्विता और उत्कर्षता के अपर पर्याय का नाम है- गुरुदेव तुलसी। जिन्होंने तेरापंथ की तेजस्विता, जिनशासन की यशस्विता, धार्मिक जगत की वर्चस्विता एवं मानवमात्र की उत्कृर्षता के लिए अपने समय, श्रम व शक्ति का नियोजन किया। वे 20वीं सदी के युगनायक, युगदृष्टा व युगपुरुष थे। उन्होंने युग को नए उन्मेष दिए। सामाजिक मान्यताओं को नया मोड़ दिया। धर्मसंघ में नए-नए परिवर्तन लाए, लेकिन प्राचीनता को सुरक्षित रखा। साध्वी श्री ने आगे...
आचार्य तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस साध्वी अणिमाश्रीजी ठाणा 5 के सान्निध्य में आचार्य महाश्रमण पब्लिक स्कूल, माधावरम् के प्रांगण में गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस आयोजित हुआ। श्रद्धालु तुलसी भक्तों ने अपनी आस्था के राम गुरुदेव तुलसी को भावाञ्जलि समर्पित की। साध्वी अणिमा श्री ने अपने श्रद्धासिक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि तेजस्विता, तपस्विता, ओजस्विता, वर्चस्विता और उत्कर्षता के अपर पर्याय का नाम है- गुरुदेव तुलसी। जिन्होंने तेरापंथ की तेजस्विता, जिनशासन की यशस्विता, धार्मिक जगत की वर्चस्विता एवं मानवमात्र की उत्कृर्षता के लिए अपने समय, श्रम व शक्ति का नियोजन किया। वे 20वीं सदी के युगनायक, युगदृष्टा व युगपुरुष थे। उन्होंने युग को नए उन्मेष दिए। सामाजिक मान्यताओं को नया मोड़ दिया। धर्मसंघ में नए-नए परिवर्तन लाए, लेकिन प्राचीनता को सुरक्षित रखा। साध्वी श्री ने आगे...
आचार्य तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस साध्वी अणिमाश्रीजी ठाणा 5 के सान्निध्य में आचार्य महाश्रमण पब्लिक स्कूल, माधावरम् के प्रांगण में गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी का 25वां महाप्रयाण दिवस आयोजित हुआ। श्रद्धालु तुलसी भक्तों ने अपनी आस्था के राम गुरुदेव तुलसी को भावाञ्जलि समर्पित की। साध्वी अणिमा श्री ने अपने श्रद्धासिक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि तेजस्विता, तपस्विता, ओजस्विता, वर्चस्विता और उत्कर्षता के अपर पर्याय का नाम है- गुरुदेव तुलसी। जिन्होंने तेरापंथ की तेजस्विता, जिनशासन की यशस्विता, धार्मिक जगत की वर्चस्विता एवं मानवमात्र की उत्कृर्षता के लिए अपने समय, श्रम व शक्ति का नियोजन किया। वे 20वीं सदी के युगनायक, युगदृष्टा व युगपुरुष थे। उन्होंने युग को नए उन्मेष दिए। सामाजिक मान्यताओं को नया मोड़ दिया। धर्मसंघ में नए-नए परिवर्तन लाए, लेकिन प्राचीनता को सुरक्षित रखा। साध्वी श्री ने आगे...