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जैन संस्कार विधि : बढ़ते चरण

                              नूतन गृह प्रवेश  गंगाशहर, मुम्बई निवासी, चेन्नई प्रवासी श्रीमती चाँदनीदेवी – श्री गणेश तातेड़ के ‘आदिनाथ आशीर्वाद अपार्टमेंट’ में नए फ्लैट का गृह प्रवेश आज दिनांक 15 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रातः 08:05 के शुभ मुहूर्त में तेरापंथ युवक परिषद, चेन्नई के तत्वावधान में वरिष्ठ संस्कार श्री स्वरूप चन्द दाँती एवं संतोष सेठिया द्वारा संपूर्ण विधि विधान सहित मंगल मंत्रोच्चार के साथ जैन संस्कार विधि से परिसम्पन्न करवाया। वरिष्ठ संस्कार श्री स्वरूप चन्द दाँती ने नमस्कार महामंत्र से शुभारम्भ कर सम्पूर्ण मंत्रोच्चार एवं अनेक रोचक प्रसंगों द्वारा जैन संस्कार विधि की महत्ता, उपयोगिता एवं भावी पीढ़ी पर पढ़ने वाले सुसस्कारों के बारे में बताते हुए शुभारम्भ संस्कार सम्पूर्ण करवाया। संस्कारक संतोष सेठिया ने सभी को तिलक एवं मोली बांध कर अभिनन्दन किया। परिवार की ओर स...

वैराग्य मूर्ति जैनम जैन का तिलक रस्म समारोह

जैन संत डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी ने दीक्षा का महत्व बतलाते हुए कहा कि जैनधर्म त्याग का महामार्ग है!तीर्थंकर आदिनाथ भगवान से लेकर भगवान महावीर स्वामी तक यह अखण्ड परम्परा चल रही है! महावीर के बाद भी गणधर व आचार्य गण इस परम्परा को अखण्ड रूप से आज तक चली आई है जिसमें हजारों हजार संयमि बनकर अपनी आत्म कल्याण की साधना मे रत है! दीक्षा मुख्यत : तीन प्रकार की कहीं गई है – मन की दीक्षा वचन की दीक्षा काया की दीक्षा इसका बाहरी रूप वचन व काया का नजर आता है भीतरी स्वरूप मन मे प्रवर्तमान रहता है! जब तक मानसिक रूप से दीक्षा न आ पाए तब तक वाचिक कायिक रूप सफल नहीं हो पाता, निरंतर हमारा जीवन तरह तरह के विचारों से बंधा सा रहता है!अशुभ व संसार परक विचारों के कारण कर्म बन्धन पाप बन्धन निरंतर जारी रहता है! इन्ही पापों की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जैन धर्म मे समस्त संसार परक सम्बन्धो का परित्याग करके जैन दीक्...

शुद्ध भावों से जीवन ऊर्जा का निर्माण होता है: डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी

जैन संत डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी ने परम पिता परमात्मा ऋषभ देव के प्रति मानतुंग आचार्य द्वारा भक्ति स्वरूप भक्तामर जी की विवेचना करते हुए कहा, ईशवर परम विशुद्ध आत्मा होती है प्राय : सभी धर्मों मे उसकी भिन्न भिन्न रूप मे मान्यता दी गई है!जैन धर्म मे भी इसे तीर्थंकर अरिहंत सिद्ध आदि रूपों मे वर्णित किया गया! आस्तिक जन इसे जीवन का कर्ता धर्ता मानकर ईशवर के प्रति पूर्णतः समर्पित रहता है! जो कुछ भी शुभ अशुभ घटना मे ईशवर को ही सर्वस्व मान लेता है एवं उसके जीवन मे धर्म के प्रति भावनाएं बनी रहती है! साथ ही शारीरिक मानसिक ऊर्जा का संचार होता है एवं जीवन विकास मे विविध गुणों का आगमन बना रहता है! मानव के जीवन मे सुख दुःख लाभ हानि जीवन मरण समस्त घटनाओ मे एक सहजता जागृत हो जाती है वह न तो दुखों से घबराता है न सुखों मे उसका अहंकार जागृत होता है! सभा मे साहित्यकार श्री सुरेन्द्र मुनि जी द्वारा नवरात्री की...

कर्मजा शक्ति के प्रवाह का प्राणतत्व है महिला शक्ति : साध्वी अणिमाश्री

पल्लावरम तेरापंथ महिला मण्डल का शपथ ग्रहण                        साहुकारपेट, चेन्नई  :- साध्वी अणिमाश्री के सान्निध्य में तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट में पल्लावरम तेरापंथ महिला मंडल का शपथ ग्रहण समारोह समायोजित हुआ। साध्वी श्री अणिमाश्री ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा – ममता, हिम्मत और लज्जा व लगन के त्रिवेणी प्रवाह का नाम है महिला। महिला सुखद समाज संरचना का कारक तत्व है। कर्मजा शक्ति के प्रवाह का प्राण तत्व है। समाज का सुघड़ व्यक्तित्व है, कर्मठता का कर्तृत्व है और नए आयाम का नया नेतृत्व है- महिला। नई सोच को अंजाम देने की ऊर्वरा धरती है- महिला। महिला संकल्प के साथ जब पुरुषार्थ का संकल्प लेकर सृजन की धरती पर कदम रखती है तो निर्माण की फसल लहलहा उठती है। उसके मस्तिष्क में जब सृजनात्मकता की तरंगे तरंगित होती है तो कल्याण के स्वस्तिकों की कतार खड़ी हो जाती है। ऐसी कार्यशील, कर्मशील ...

तप जब से ही भाग्य का निर्माण होता है – प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज

13 अक्टूबर अशोक नगर समय परिवर्तन शील है कब बदल जाये यह कौई नहीं जानता परन्तु धर्म पर अडिग रहकर  सच्ची आस्था श्रध्दां विश्वास के साथ भगवान का निस्वार्थ भावना से जप और तप जो करते है वहीं प्राणी अपने भाग्य को बदलकर संसार के जन्म मरण के चक्रो से आत्मा को मुक्त करा पायेगा। बिना भगवान का नाम लिये इंसान भाग्य नहीं बदल पायेगा। प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने नवरात्रि व आयंबिल ओली पर पर चल रहे सामूहिक जाप के दौरान उपस्थित श्रध्दालुओं को लोकाशाह जैन स्थानक सम्बोधित करतें हुये कहें ! अखिलेश मुनि डॉक्टर वरूणा मुनि ने कहांकि मंत्रों का एकाग्रचित्त व तल्लीन होकर जो व्यक्ति जप करता वह मनवांछित फल प्राप्त कर सकता है!  श्री संघ के महामंत्री राजेन्द्र खोखवत ने बताया कि 15अक्टूबर शुक्रवार को मरूधरा के आचार्य सम्राट भूधर जी महाराज साधना शिखर पुरूष उपाध्याय पुष्कर मुनि की जन्मजयंती व राष्ट्रीय संत प्रवर्तक गणेश म...

हमारा जीवन भीतर बाहर अमृत तुल्य बने: डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी

जैन संत डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी ने तीर्थंकर परम पिता परमात्मा श्री आदिनाथ भगवान के जीवन धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि आपका जीवन विशव के समस्त महान गुणों से परिपूर्ण है इसी के साथ आपके शुभ पुद्दगल बाहरी जगत के सम्पूर्ण शुभ पदार्थों से परिपूर्ण है! अशोक वृक्ष के साथ साथ सिंघासन व इन्द्रो के द्वारा किए जाने वाले चंवर एवं तीन धात्र तीनो लोक को सुख शान्ति आनन्द मंगल के प्रदाता है! वास्तविकता मे जो स्तुति प्रार्थना हृदय पूर्वक की जाती है उसकी ऊर्जा आभा सर्वत्र व्याप्त हो जाती है! ईश्वर के ईश्वरीय गुणों के कारण समस्त चराचर जीवों को आनंदित करते है! व्यवहारिक जगत मे जो घर परिवार व्यापार व्यवसाय मिलने जुलने के दैनिक कार्य मनोपूर्वक किए जाते है तो उसका सामने वाले के दिल पर गहरा असर नजर आता है। इसके विपरीत जो दिखावा मात्र कार्य होते है उसमें वह सरसता नहीं आती अत : कहा जाता है पेट तो भर गया पर मन न...

राष्ट्रीय स्तर पर चेन्नई तेरापंथ महिला मंडल सम्मानित

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में चित्तौड़गढ़ में आयोजित 46वें वार्षिक अधिवेशन समर्पिता में चेन्नई तेरापंथ महिला मंडल को महानगर श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।  2019 से 2021 तक स्वस्थ परिवार-स्वस्थ समाज, फिजियोथेरेपी सेंटर का शुभारंभ, आध्यात्मिक अनुष्ठान, तत्वज्ञान तेरापंथ दर्शन, नन्ही कली, आचार्य श्री तुलसी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन, कोविड-19 महामारी के समय  अनेकानेक सहायता कार्यक्रम, संवर्धन कार्यशाला, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर wow really, अनेकानेक online प्रतियोगिता का आयोजन, ऐसे अनेकानेक कार्यक्रम का सम्पादन करने पर मूल्यांकन के बाद चेन्नई तेरापंथ महिला मंडल को महानगर श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। साध्वीश्री अणिमाश्री ने कहा कि महिला समाज समर्पित, निष्ठावान, सक्रिय संगठन है। बहनें अपने आध्यात्मिक उन्नति के साथ संगठन के सवर्धन में सजगता से जुड़ी हुई है।...

श्रावक अपने आत्मा के विशेषज्ञ बने: साध्वी पूज्या श्री रुचिकाश्री जी महाराज

बेंगलुरु। श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी बावीस संप्रदाय जैन संघ ट्रस्ट, गणेश बाग श्री संघ के तत्वावधान में एवं शासन गौरव महासाध्वी पूज्या डॉ. श्री रुचिकाश्री जी महाराज, पूज्या श्री पुनितज्योति जी महाराज, पूज्या श्री जिनाज्ञाश्री जी महाराज के पावन सानिध्य में मंगलवार दिनांक 12 अक्टूबर 2021 को श्री गुरु गणेश जैन स्थानक, गणेश बाग में श्रावक के 21 गुण पर प्रवचन आयोजित किया गया। साध्वी पूज्या श्री रुचिकाश्री जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रावक के 21 गुण में श्रावक के विशेषज्ञ गुण का वर्णन करते हुए फ़रमाया कि विशेषज्ञ प्राणियों का वा ज्रड पदार्थो का गुण दोष जान कर विचार पूर्वक उनका उपयोग करता है, जिससे वो धर्म पा सकता है, और अनर्थ दंडवा पाप से बच सकता है, और पक्षपाती कदाग्र ही के जाल में नहीं फंसता न धर्म भ्रष्ट होता है, न दूसरो को फंसाता है। साध्वी जी ने प्रेरणा दी की श्रावक अपने आत्मा के विशेषज्ञ ...

इंसान की जैसी संगत होगी वैसी रंगत बनेगी – प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज

12 अक्टूबर अशोक नगर सदगुरु के पास बैठने पर जीवन मे सदगुण प्राप्त होते है दुर्गणी के पास बैठने पर अवगुण, इंसान जैसा करेगा वैसा ही फल पायेगा। अशुभ कर्म करने पर जीवन भी अशुभ बनेगा शुभ नहीं। प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने लोकाशाह जैन स्थानक मे मंगलवार को आयंबिल तप ओली के शुभारंभ पर धर्मसभा मे आयंबिल के प्रत्याख्यान लेने वालो को सम्बोधित करतें हुये कहां कि इंसान की जैसी संगत होगी वैसी उसकी रंगत होगी डॉक्टर वरूण व मुनि अखिलेश मुनि ने श्री घण्डाकर्ण स्तोत्र का सामूहिक जाप करवाया ! मीडिया प्रवक्ता, सुनिल चपलोत, लोकाशाह जैन स्थानक, अशोक नगर, उदयपुर

किसान जो बीज बोता है वैसा फल पाता है हम भी जो करते है वो पाते है: डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी

जैन संत डाक्टर राजेन्द्र मुनि जी नेआदिनाथ भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए कि भगवान के गुणों को श्रवण करके हम भी जीवन मे गुणों को ग्रहण करें! लेकिन इन्सान बातें तो पुण्य कि करता है पर कार्य पाप को बढ़ाने वाले करता रहता है! भला किसान अनाज की खेती कर के अंगुर का फल पाना चाहे तो कैसे संभव होगा, हम जैसे बीज बोते है वैसे ही फल प्राप्त होते है! हम जैसा खाना खाते है शरीर मे उसका परिणाम भी वैसा नजर आता है! माइक मे जैसा बोला जाता है वो ही आवाज़ जनता को सुनाई देती है! लोगों को सुख आराम दोगे तो हमें भी सुख आराम मिलेगा जैन दर्शन की स्पष्ट मान्यता है कि हमारा ही किया दिया हुआ कष्ट या सुख पुन : लौटकर हमें प्राप्त होता है! व्यर्थ मे इन्सान अच्छा परिणाम का कर्ता स्वयं को मान लेता है एवं बुरा फल दूसरों का देने वाला मानता रहता है! यही हमारी अज्ञानता मूढ़ता है!महापुरषो ने तो यहाँ तक कहा जो कुछ है वो मेरा है इस ...

तेरापंथ महिला मंडल अहमदाबाद नेमहानगर श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया

श्रीमती मनिताजी सोहनजी चोपड़ा, अहमदाबाद आपके कुशल अध्यक्षीय नेतृत्व में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल अहमदाबाद ने अखिल भारतीय स्तर पर महानगर श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है ! समृद्ध राष्ट्रीय योजना, कन्या सुरक्षा योजना, स्वस्थ समाज -स्वस्थ परिवार योजना, आचार्य तुलसी शिक्षा परियोजना के साथ महिला सशक्तिकरण के कार्य जिस जज्बे और जुनून के साथ कोविड़ की विकट परिस्थितियों में संपादित कर संस्था को सर्वोच्च स्थान दिलाने में सफल हुए है !आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत अनंत शुभ कामनाएं ! तेरापंथ सभा अध्यक्ष, मदुरै जयंतीलाल जीरावला, जसोल

शक्ति संवर्धन का समय है नवरात्र : साध्वी अणिमाश्री

अभिनव आध्यात्मिक मंत्र-जप अनुष्ठान का हुआ आयोजन  साहुकारपेट, चेन्नई : –   साध्वी अणिमाश्री के सान्निध्य में तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट, चेन्नई में पहली बार शारदीय नवरात्र पर अभिनव आध्यात्मिक मंत्र-जप अनुष्ठान का शरीर को रोमांचित कर देने वाला कार्यक्रम आयोजित हुआ। अनुष्ठान में संभागी पूरी परिषद् ने विशिष्ट ऊर्जा संचरण की अनुभूति की। अनुष्ठान का नयनाभिराम दृश्य मन को प्रसन्नता प्रदान कर रहा था।  साध्वी अणिमाश्रीजी ने अपने मंगल उद्‌बोधन में कहा कि नवरात्र का समय शक्ति संवर्धन व शक्ति संचय का महत्वपूर्ण समय है। नवरात्र का समय साधना, आराधना एवं उपासना का विशिष्ट समय है। यह समय ऊर्जा के उन्नयन एवं ऊर्जा के प्रस्फोटन का समय है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ऊर्जा का अक्षय भंडार निहित है। उसका सम्यक रूप से उद्‌घाटन कैसे हो? इस विधि को जाने बिना व्यक्ति अपनी शक्ति से लाभान्वित नहीं हो सकता। मंत्र...

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