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स्वाध्याय आत्म कल्याण की कुंजी

स्वाध्याय आत्म कल्याण की कुंजी! संघ समाज के सहारे ही वर्षावास की सफलता- डॉ. राज श्री जी आज आकुर्डी स्थानक भवनमें “ पुच्छिसुणं” जाप के 18वाँ गाथा का संपुट डॉ. मेघाश्रीजी ने करवाया! इस गाथा की माला फेरने से घर-परिवार, संघ- समाज के झगड़े समाप्त हो सकते है! साध्वी समिक्षा श्री जी ने “ पानी की नदियॉं सरसर बहती जाये, जीवन का संदेश सुनाये” यह सुंदर भजन सुनाया! साध्वी जिनवाणी श्री जी ने अपने उद् भोदन मे “ मंज़िल पाने के लिए ख़ुशी मत खो देना “ यह कहते हुये SMILE PLEASE इस संज्ञा पर प्रवचन देते वक्त S-Satisfaction(समाधान) – Morality- नितिमत्ता I-Intiligence ( होशियारी/ बुध्दीमत्ता) L-Love ( प्रेम/प्रित) E-Energy (शक्ति) जीवन में हॉंसी कभी खोनी नहीं चाहिए! हम बिना टिकट/ बिना रिझर्वेशन गुरु भगवंतो के साथ महात्माओं के साथ जुड़ सकते है! आज मुंबई से ओसवाल उत्कर्ष मंडल का संघ दर्शन यात्रा के लिए आकु...

जिनका आत्म निश्चय कमजोर है वही पदार्थ के रंग में रंगते है

*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*   *🪷प्रवचन प्रवाहक:🪷* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   *☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 6️⃣8️⃣ 336) जिनका आत्म निश्चय कमजोर है वही पदार्थ के रंग में रंगते है.! 337) आत्मबोध से बलवान कुछ नही.! 338) जो उचित व्यवहार का पालन करता है वह कभी मार्ग से भ्रमित नही होता.! 339) मानव भव प्राप्त करके भी विभाव त्याग का पुरुषार्थ नही किया तो भविष्य में ये अवतार मिलना दुर्लभ हो जाएगा.! 340) अज्ञानता से नाता जोड़ना अर्थात अपने पतन से दिल लगाना.! 💐 *तत्त्व चिंतन की शुभकामनाएं..*    

एकाग्रता से जिनवाणी सुनो वह स्वाध्याय है

आत्म कल्याण के लिए आगम के माध्यम से मोक्ष मार्ग की प्ररूप की उसके दो मार्ग बताएं, एक संसार का मार्ग दूसरा मुक्ति का मार्ग दोनों की दिशाएं अलग-अलग हैl संसार में राग है मुख्य मार्ग में विराग है संसार में भोग है मोक्ष मार्ग में त्याग हैl संसार में खाना पीना है मौज मजा आदि सब कुछ है पर मोक्ष मार्ग में तप त्याग व्रत नियम है दोनों का रास्ता अलग-अलग हैl संसार मार्ग से मुक्ति की राह पर आना तीन रात को छोड़ना जरूरी हैl पहला राज्य शरीर का संसार की जन्मभूमि राग है पर यह राग आत्मा के अंदर प्रवेश करता है तो जीव को पता ही नहीं चलताl दूसरा राग संबंधियों का यह मेरी पत्नी यह मेरा परिवार इस संबंधियों के बंधनों में बंध जाता हैl इसके कारण जिंदगी के अमूल्य समय का भोग दे देता है तीसरा राग संसार का राग मेरा संसार हरा भरा हो पद पैसा प्रतिष्ठा सारे संसार में छा जाएl यह तीनों भी राग छोड़ने जैसा है जो छोड़ता है वह कु...

संयमी किसी को भी पीड़ा पहुंचे ऐसा व्यवहार नही करते

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 6️⃣7️⃣ ⚪ 🌻 संयमी किसी को भी पीड़ा पहुंचे ऐसा व्यवहार नही करते… 🤍 संयमी किसी के भी जीवन में अंतराय हो ऐसी प्रवृत्ति नही करते… 😊 जो संयमी के सत्संग में रहते है उनको सुकुन मिलता है.! 🌧️ संयमी को सभी जीवों की दुआ मिलती है क्योंकि उनके कारण जीवसृष्टि को अभय की प्राप्ति होती है.! 🪷 संयम में रहते है उनसे किसी को कोई भय नहीं लगता..! अतः षट्काय अर्थात एक से पंचेंद्रिय तक की समस्त जीवसृष्टि को अभय करने के कारण संयम शीतगृह यानि AC HOME जैसा शांतिप्रद है.! *📔श्री आचारांग नियुक्ति📔*   🌷 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर    

साध्वीजी भगवंत के मंगल पदार्पण से आज श्री ऋषभ कला मंदिर का आंगन पावन पवित्र बना

*🙏🏻श्री ऋषभदेवाय नमः🙏🏻* *☺️🪷आज आनंद अंग अंग जागियों जागियों🪷☺️* 🪷🌹☺️🪷🌹☺️🪷 *🙏🏻तार्किक शिरोमणि श्रमणी गणनायक गीतार्थ गुरुदेव प.पू. आचार्य श्री अभयशेखर सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा* एवम् अनेक *साध्वीजी भगवंत के मंगल पदार्पण से आज श्री ऋषभ कला मंदिर का आंगन पावन पवित्र बना ।* *🌈शासन समर्पिता कला शिरोमणि श्री ऋषभ बालिका मंडल द्वारा आराधना भवन से श्री ऋषभ कला मंदिर तक शासन ध्वज लहराकर आचार्य भगवंत का सामैया एवम् गहुली से स्वागत किया ।* *🪷🙏🏻गुरुदेव श्री ने सद्गुण, सदाचार, एवम् संस्कारों का महत्त्व बताते हुए हमें हमारे एवम् श्री संघ के बच्चों को सुसंस्कारों का सिंचन करने का शुभाशीष प्रदान किया।* *🪷🙏🏻बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए हर माता को संस्कार पालन करने की प्रेरणा दी ।* *🌈 100 वी ओली के तपस्वी महात्मा एवम् 8 साल से अखंड आयंबिल के तपस्वी साध्वीजी के दर्शन एवम् पदार्पण से जीवन धन्य बना ।* *🌈 श्री...

जिनका आत्म निश्चय कमजोर है वही पदार्थ के रंग में रंगते है

*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 6️⃣7️⃣ 331) जिनका आत्म निश्चय कमजोर है वही पदार्थ के रंग में रंगते है.! 332) 90 वर्ष की उम्र में हिमालय के शिखर पर चढ़ने से भी अधिक मुश्किल व्यर्थ में गंवाए हुए इस जन्म को दोबारा प्राप्त करना हैं.! 333) जो निज स्वभाव में स्थिर रहता है,वही सच्चा लोकप्रिय बन सकता हैं.. क्योंकि ऐसा व्यक्ति किसी के जीवनमें डिस्टर्ब नही करता, पीड़ा का कारण नही बनता..! 334) दृष्टिराग छोड़ो गुणानुराग से नाता जोड़ो.! 335) न नरकलोक दुर्गति है, न देवलोक सद् गति है, जहां है सन्मति, वही हैं सदगति.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर

हर एक व्यक्ति की प्रवृत्ति रुचि स्वभाव सामान नहीं होता

श्री हीराबाग जैन स्थानक में विराजित साध्वी आगम श्री जी म सा ने बताया कि परमात्मा ने जगत जिओ को आगम के माध्यम से आत्म साधना का उपदेश दियाl हर एक व्यक्ति की प्रवृत्ति रुचि स्वभाव सामान नहीं होताl तीन प्रकार के व्यक्ति होते हैं, जिसमें सातवा, गनी और रजोगुणी यह तीन प्रकार के होते हैं। शांत सुशील धर्म वान होता है रजोगुणी वाला गुस्सा आवेश वाला होता है अंदर में स्वयं की पकड़ रखने वाला होता है और प्रसंग को टालने की ताकत उसमें नहीं होती तमोगुण वाला व्यक्ति अज्ञानता के अंधकार में भटकता है। जिसमें कोई सार का विवेक नहीं होता लोकेशन के प्रवाह में तनाव लाने वाला होता है विविध प्रकार के प्रवृत्ति के लोग समाज में होते हैं। भगवान ने स्वयं के केवल ज्ञान में यह सब होगा यह जानकर क्या करना हमें अपनी आत्मा का अभिमान नहीं करना। हमें तो मुख्य मार्ग से गमन करना है उसमें कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। गौतम स्वामी प्रथम...

म्हणून सर्वांनीच जाप केला पाहिजे-साध्वी प.पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: मन हे कितीही चंचल असू द्यात त्याला काबूत आणण्याचे साधन म्हणजे जाप हे आहे. म्हणूनच जाप हा प्रत्येकानेच केला पाहिजे. त्यामुळे आपल्याला एका वेगळ्या शक्तीची अनुभूती आल्याशिवाय राहत नाही, असा हितोपदेश संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आज संघामध्ये विविध प्रकारचा जाप करण्यात आला. श्रावक- श्राविकांना उभे राहून चारही दिशांना वळण्याचे सांगण्यात आले. पुढे बोलतांना संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. म्हणाल्या की, काल आणि आजही आपण विविध प्रकारचा जाप केला. काल सुर्यदेवांबद्दल माहिती घेतली. तर आज...

मन के बिना सिर्फ वचन काया से तीव्र कर्मबंध नही होता

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 6️⃣6️⃣ 🧘🏼‍♂️ ⚡ मन के बिना सिर्फ वचन काया से तीव्र कर्मबंध नही होता.! ♦️ *वचन,* *काया के बिना,* *सिर्फ अकेला मन* *अतितीव्र कर्मबंध हेतु समर्थ हैं.!* 💥 विवेकहीन जीव के लिए तो मनोनिग्रह दुष्कर ही है लेकिन निकट भव मोक्षगामी एवं विवेक संपन्न के लिए भी मन का नियंत्रण मुश्किल हैं.! 🤔 दुर्गति एवं संसार के मूलरूप ऐसा कोई दुख नहीं है जिसका कारण मन न हो.! 🏴 मन, पवन एवं धजा से भी अधिक चंचल हैं.! ✅ समस्त धर्माचरणो का एक ही उद्देश्य है मन का निग्रह करना.! 🪔 *जिस स्थान,* *व्यक्ति के संग से,* *मन बिगड़े ऐसे व्यक्ति* *स्थान को छोड़ देना चाहिए.!* *_📒श्री मनोनिग्रह कुलकम्_*   🌷 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर ...

स्वाध्याय मन शांती एवं पुण्य की चाबी

स्वाध्याय मन शांती एवं पुण्य की चाबी ! अतित में नही वर्तमान मे जिना सिखों- साध्वी डॉ. राज श्री जी म. सा. आज आकुर्डी स्थानक भवन मे कोथरुड जैन श्रावक संघ का महिला मंडल दर्शनार्थ एवं प्रार्थना हेतु सुबह 6.45 बजे आया ! इस अवसर पर उद् भोदन में डॉ. राज श्री जी म. सा. नीयमीत रुपसे स्वाध्याय करने का एहलान करते हुये घड़ी मे लगे तीन कमेंटों का उदाहरण देते हुये सेकंद कॉंटे की गती जैसा बचपन शीघ्र गती से गुजर जाता है, मिनिट कॉंटे समान जवानी गुज़र जाती हैं और हर एक घंटे मे आगे बढ़ने वाला कॉंटा धिमी गतीसे हमारा बुढ़ापा बिताता है ! हमें उसका इंतज़ार न करते नियमित रुपसे बचपन सेही धर्म आराधना करनी चाहिएँ! वह पुण्य की पुंजि है ! इस अवसर पर आयोजक कविता जी गोठी को श्री संघ द्वारा विश्वस्त ज्योति खिंवसरा ने सन्मानित किया! लुधियाना से जैन अमर परिवार के मुखियॉं वयोव्रुध्द सेनानी कस्तुरीलालजी एवं माताजी कमलादेवी अ...

तेरापंथ जैन विद्यालय, पट्टालम ने मनाया शिक्षक दिवस

Sagevaani.com /पट्टालम, चेन्नई: तेरापंथ जैन विद्यालय पट्टालम में मंगलवार को शिक्षक दिवस मनाया गया।  कार्यक्रम का शुभारंभ ईश- वंदना से किया गया। प्रधानाचार्या श्रीमती आशा क्रिस्टी ने विद्यालय कार्यकारिणी के सदस्यों का स्वागत किया एवं शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में अपने विचार व्यक्त किये। इसके पश्चात वरिष्ठ शिक्षकों ने अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। ट्रस्ट के चेयरमैन श्री गौतमचंद बोहरा में अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यालय के शिक्षकों के सेवा कार्य की सराहना की। महासंवाददाता श्री संजय भंसाली ने शिक्षक दिवस पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए बताया कि शिक्षकों को कैसा होना चाहिए। ट्रस्ट के महामंत्री श्री रेख धोका ने अपने भाव प्रकट करते हुए सभी शिक्षकों को बधाईयाँ दी एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध मंडल से श्री मेघराज जी लुणावत, श्री कमलेश नाहर, श्री प्रमोद गादिया भी उपस्थित थे, जिन...

सुर्योदयालाही अनन्य साधारण महत्व-साध्वी प.पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना : सुर्योदयाला अनन्य साधारण असे महत्व आहे. पूर्वी लोक सुर्योदयापूर्वी जेवायचे आणि सुर्यास्तानंतर जेवण सोडून देत असत, असा हितोपदेश संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. आज संघामध्ये विविध प्रकारचा जाप करण्यात आला. श्रावक- श्राविकांना उभे राहून चारही दिशांना वळण्याचे सांगण्यात आले. पुढे बोलतांना संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. म्हणाल्या की, खरे तर सिंह राशीच्या लोकांना सुर्याचे खूप वेड आहे, असे म्हटले तर ते वावगे ठरणार नाही. सिंह राशीचा स्वामी आहे सुर्यदेव! सुर्याचं महत्व काय आहे? आपण सु...

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