Featured News

“डोर रिस्तों की” सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया

ब्यावर एसोसिएशन मद्रास का दीपावली मिलन समारोह “डोर रिस्तों की” सांस्कृतिक कार्यक्रम दिनांक -20 oct 2024 रविवार को सुबह राजा अन्नामलई मंडपम में आयोजित किया गया। ब्यावर एसोसिएशन के सचिव श्री राज़ेश बोहरा ने बताया कि इस समारोह में लगभग 600 सदस्यों ने शिरकत की । अध्यक्ष श्री अजीत जी गोठी ने सभी का स्वागत अभिनंदन किया । दिवाली चेयरमैन श्री सुनील रांका ने बताया कि ८५ लोगों ने अपनी प्रतिभा को मंच पर दिखाया । कमलेश कोठारी और मनीष कोठारी ने मंच संचालन किया। ब्यावर यूथ एसोसिएशन की टीम प्रवीण सपना सेठया अध्यक्ष श्री राकेश ललवानी की देख रेख में सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम नायब रूप से पेश किया गया।  प्रोग्राम की हाईलाइट “चार पीढ़ी” संयुक्त परिवार एक साथ स्टेज पर आये। ब्यावर एसोसिएशन के श्री भंवरलालजी अजीत जी गोठी परिवार ने समारोह के आयोजन का लाभ लिया। समारोह में पूर्व अध्यक्ष श्री सुभाष चंद रांक...

जपाचेही खूप महत्व-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: जपालाही खूप महत्व आहे, आपण येथे तर दररोज जप करतो. मात्र आपल्या घरी सुध्दा तसे वातावरण असायला हवे, असा हितोपदेश साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. तत्पूर्वी साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनीही मार्गदर्शन केले. यावेळी पुढे बोलतांना साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. म्हणाल्या की, जपालाही खूप महत्व आहे, आपण येथे तर दररोज जप करतो. मात्र आपल्या घरी सुध्दा तसे वातावरण असायला हवे, तरच आपली मनोकामना पूर्णत्वत्वास जाईल. अन्यथा नाही. आपण येथे करत असलेला जप हा कोणत्या उद्देशाने करत आहोत, तो का केला जातो, तर त्याचेही खूप अनन्यसाधारण असे महत्व आहे. म्हणून तो केला जातो, असेही त्यांनी सांगितले. यावेळी बोलतांना साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, भगवान महावी...

संसार के विषय भोग कटु फल देने वाले हैं – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

मुनि हितेंद्र ऋषि को जन्मदिन की बधाई संदेश का लगा तांता एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने शुक्रवार को उत्तराध्ययन सूत्र के 19वें अध्याय मृगपुत्रीय की विवेचना करते हुए कहा कि यह अध्याय में सुग्रीव नगर के युवराज मृगपुत्र पर आधारित है। पिछले अध्यायों से इस अध्याय की विशेषता यह है कि इसमें नरक और नरक की वेदना का वर्णन हुआ है। एक बार युवराज मृगपुत्र अपने महल में गवाक्ष में बैठा नगर की चहल-पहल देख रहा था। उसकी दृष्टि एक मुनि पर पड़ी। उस मुनि को देखकर उसे जाति स्मरण ज्ञान हो जाता है कि वह भी उसी प्रकार एक श्रमण था। पूर्व जन्म की स्मृति के कारण वह संसार से विरक्त हो जाता है। माता-पिता से दीक्षा की अनुमति मांगता है। माता-पिता के यह कहने पर कि श्रमणाचार का पालन करना तलवार की धार पर चलना है, मृगपुत्र कहता है मेरी आत्मा ने नरकों में ऐसे कष्ट भो...

गुमानचंद्रजी म.सा का 223 वां स्मृति दिवस मनाया गया

आज कार्तिक कृष्ण अष्ठमी गुरुवार 24 अक्टूबर 2024 को रत्नवंश के प्रथम आचार्य पूज्यश्री गुमानचंद्रजी म.सा का 223 वां स्मृति दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में जप-तप- त्याग,पूर्वक स्वाध्याय दिवस के रुप मे मनाया गया | सभी श्रदालुओं ने संयम चालीसा की रागपूर्वक स्तुति की | श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने जोधपुर में अखेराज – चैनाबाई के यहां जन्म लेने वाले गुमानचंद्र का बाल्यकाल व माताश्री के वियोग हो जाने पर मेडता में रत्नवंश परम्परा के मूलपुरुष श्री कुशलचंद्रजी म.सा के पास वैराग्य को प्राप्त करने के पश्चात अपने पिताश्री के संग दीक्षा लेने वाले रत्नवंशीय प्रथम आचार्य गुमानचंद्रजी म.सा के चारित्रमय जीवन परिचय पर प्रकाश किया | वे कुशल पारखी व सुतीक्ष्ण बुद्धि के धनी थे | बाल्य वय में दीक्षित होने के...

ही भगवान महावीरांची वाणी प्रत्येकाने श्रवण केलीच पाहिजे-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

जालना : गेल्या काही दिवसापासून आपण सर्वजन भगवान महावीरांची वाणी ऐकत आहोत. त्या वाणीत बरेच काही आहे, त्याचा पुरेपूर लाभ हा आपल्याला घ्यायचा आहे, तो घेण्यात कसलाही कसूर ठेऊ नये, असा हितोपदेश साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. तत्पूर्वी साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनीही मार्गदर्शन केले. यावेळी पुढे बोलतांना साध्वी प. प. सत्यसाधनाजी म. सा. म्हणाल्या की, गेले काही दिवसापासून प्रभू भगवान महावीरांची वाणी आपण ऐकत आलो आहोत, सध्याही त्यावरच चिंतन सुरु आहे. आज आपण उत्तरायण सुत्रातील दहाव्या आणि बाराव्या अध्यायाचा अभ्यास केला आहे. उर्वरित पुढे चालून अभ्यास करु परंतू भगवान महावीरांची ही वाणी व्यर्थ जाणारी नाही. त्याने आपणासर्वांचे कल्याणच होणार आहे, हानी मुळीच होणार नाही. परंतू तशी श...

सभी को भगवान महावीर की वाणी सुननी चाहिए: साध्वी सत्यसाधनाजी म. सा

जालना: हम सभी पिछले कुछ दिनों से भगवान महावीर की वाणी सुन रहे हैं. साध्वी पी ने कहा कि उस आवाज में बहुत कुछ है, हमें उसका भरपूर लाभ उठाना है, लेने में कोई गलती नहीं करनी है. डब्ल्यू सत्यसाधनाजी म. सा यहां बोल रहा हूं.   वे तपोधाम क्षेत्र में गुरु गणेश सभा मंडप में चार्तुमास के अवसर पर आयोजित प्रवचन में बोल रही थीं।   इससे पहले साध्वी प. डब्ल्यू हर्षप्रज्ञाजी म. सा. उन्होंने मार्गदर्शन भी किया. इस समय आगे बोलते हुए साध्वी सत्यसाधनाजी म. सा उन्होंने कहा कि हम पिछले कुछ दिनों से भगवान महावीर की वाणी सुन रहे हैं और अब भी हम इसके बारे में सोच रहे हैं. आज हमने उत्तरायण सूत्र के दसवें और बारहवें अध्याय का अध्ययन किया। बाकी का अध्ययन जारी रखें लेकिन भगवान महावीर की यह वाणी व्यर्थ नहीं जाएगी। वह हम सबका भला करेगा, कोई नुकसान नहीं पहुँचाएगा। लेकिन हमारे अंदर ऐसी आस्था और भक्ति होनी चाहिए, ऐसा उन्हों...

स्व की प्राथमिकता ही परम सुख का मार्ग है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 9️⃣5️⃣ 🪞 *_471)_* स्व की प्राथमिकता ही परम सुख का मार्ग है.! *_472)_* अपनी मस्ती में रहेगा वो बलाओं से मुक्त रहेगा.! *_473)_* धर्म अध्यात्मलक्षी हो तो ही शाश्वत सुख का कारण बनेगा.! *_474)_* मोह के कारण गलत,गलत नहीं लगता.! *_475)_* साधना का परिणाम नही मिल रहा प्रसन्नता की प्राप्ति नही हो रही तो उसका कारण है सही दिशा में सही उद्देश्य से पुरुषार्थ की कमी..!   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*  

सुशिष्य के लक्षण

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   9️⃣4️⃣ 🪷 *सुशिष्य के लक्षण:* 💎 *जो विनयावनत हो…* अर्थात गुरु के सामने सदैव विनम्रता पूर्वक रहें, अहंकार से सिर ऊंचा न करें विनयपूर्वक मस्तक झुकाकर रहे.. 💎 *जो कृतपांजली हो..* अर्थात गुरु कुछ पूछे कोई बात कहे या बुलाए तब गुरु की आवाज सुनकर अविलंब उपस्थित होना और अंजली जोड़कर कर खड़े रहना, आज्ञा प्राप्त करने उत्साही रहना.! 💎 *जो छंदानुवर्ती हो…* अर्थात जो कार्य गुरु को सम्मत हो उसमें विश्वास करना.. उस कार्य का समर्थन करना.. वही कार्य करना एवं करवाना…! 🤔 इससे विपरित जो स्वछंद हो, मन चाहा निर्णय करता हो, गुरु की बात अनसुनी करता हो, अप्रिती वैसा कार्य करता हो, गुरुविरुद्ध प्रवृत्ति प्रचार करता हो गुरुसे ऊपर उठने की मनसा रखता हो.. अंतर से विनय बह...

गुरुदेव कोमल मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में एक पैदल यात्रा का आयोजन

अत्यंत ही हर्ष का विषय है की दिनांक 25 अक्टूबर 2024 को परम पूज्य गुरुदेव मेवाड़ प्रवर्तक भोले बाबा मदन मुनि जी महाराज साहब की दीक्षा जयंती के उपलक्ष में जीव दया एवं गौशाला तक गुरुदेव कोमल मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में एक पैदल यात्रा का आयोजन पोषधशाला से अंबेश गुरु कृष्ण महावीर गौशाला मंगलवाड तक जाना प्रस्तावित हैl 25 तारीख को सुबह प्रार्थना के पश्चात 8:15 बजे जाना तय हैl आप सभी महानुभावों से और समस्त गुरु भक्तों से निवेदन है कि इस पैदल यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में पधारने का लक्ष्य रखें सा। गुरुदेव के प्रवचन भी कृष्ण महावीर गौशाला मैं ही होंगे l इस पैदल यात्रा में शामिल होने के लिए अपने नाम दिनांक 24 अक्टूबर को प्रवचन के बाद 12 बजे दिन तक लिखवाना अनिवार्य है। इसके पश्चात किसी भी नाम को लक्की ड्रा मैं एंट्री नहीं दी जाएगी।। नियमावली——  *1* . सभी पदयात्री को पौषध शाला स...

जहां ग्रंथी है वहां दुख ही दुख है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 9️⃣4️⃣ 🔎 *_466)_* जहां ग्रंथी है वहां दुख ही दुख है.! *_467)_* प्रभु की त्रिपदी में शाश्वत सुख का त्रैकालिक मार्ग छूपा हैं.! *_468)_* साधन से सुख पाने की इच्छा भ्रम है क्योंकि सुख तो साधना में है साधन में कहीं भी नही हैं.! *_469)_* प्रायश्चित वरदान है पापी के लिए.! *_470)_* जो अध्यात्म से जुड़ जाता है उसे देह स्तर पर कितनी भी पीड़ा का उदय हो लेकिन उसकी आत्मा को जरा सा भी आर्तध्यान नही होता.!   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*

मनात गाठ ठेऊ नका-साध्वी प. पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: सुई- दोर्‍याला आपण गाठ मारुन ठेवली तर धागा निघणार नाही. परंतू त्याच धाग्याला गाठ मारली नाही तर तो अलगतपणे निघेल, तसेच आपल्या आत्म्याचे आहे, तो आत्मा तरी परमात्मा कसा बनेल, असा हितोपदेश साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांचीही उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना साध्वी प. प. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, आपल्याकडील पाचही इंद्रये ही सतत आपल्या ताब्यात राहवयास हवी, कानाला नेहमी चांगलेच ऐकावे वाटते, नाकाला नेहमी चांगलाच सुंगध आवडतो. तसेच डोळ्याचे पण आहे, त्यांनाही नेहमी चांगलेच पाहावे वाटते. तर तोंडाला नेहमी चांगलेच बोलण्याची सवय असते. उगीच एखाद्याने रागाने किंवा उर्मट बोलले तर ते आपल्याला ऐकावे वा...

ये विश्व जीव आदि 6 द्रव्य का समूह हैं

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   9️⃣3️⃣ ✨ ये विश्व जीव आदि 6 द्रव्य का समूह हैं.! 🌏 सभी द्रव्य अणु,परमाणु,स्वतंत्र हैं.. कोई किसीके आधीन नही.! 🌎 कोई द्रव्य अपनी इच्छा से अन्य द्रव्य का भला या बुरा नही कर सकता.! ☄️ सभी द्रव्यों के कार्य उनकी अपनी अपनी योग्यता से ही होते हैं.. उसमे अन्य द्रव्य मात्र निमित्त है.! 💫 कोई द्रव्य अन्य द्रव्य रूप में कभी परिवर्तित नही होते, सभी पर द्रव्य में अप्रवेशी है..! ⚡ एक द्रव्य अन्य द्रव्य से मात्र संयोग संबंध से जुड़ता है.! *📚श्री नवतत्त्व प्रकरण📚*  

Skip to toolbar