आज उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सर्व धर्म दिवाकर भारत संत गौरव श्री पीयूष मुनि जी महाराज के स्वर्ण जयंती वर्ष प्रवेश के उपलक्ष्य में गुणानुवाद सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। चतुर्विध संघ ने गुरू चरणों में अपने भाव रखे।प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज की आज्ञा से सकल समाज द्वारा गुरूदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज को श्रुत वारिधि की उपाधि से अलंकृत किया गया। गुरूदेव को जन्म जयंती पर सकल समाज की और से हार्दिक बधाई।
प्रातः स्मर्णीय युग निर्माता, प्रतिपल वन्दनीय उत्तक्रांती प्रदाता परम पूजनीय आचार्य प्रवर श्री 1008 श्री रामलाल जी म. सा.बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेशमुनि जी म.सा. आदि ठाणा एवं महासतीयाजी के दर्शनार्थ एवं बंगलोर से मुमुक्षु कु. जिया जी कोठारी 18-वर्ष (सुपुत्री:- श्री मती कविता जी, श्री मान प्रकाशजी सा कोठारी) सुपौत्री (श्री मति मंजुबाई जी श्री प्यारेलाल जी सा कोठारी) बैंगलोर, देवगढ निवासी की जैन भागवती दीक्षा अनुमोदना हेतु भीलवाड़ा, बड़ी सादड़ी, ब्यावर एवं जयपुर में सेवा दर्शनार्थ श्री संघ मेवाड़ की पावन धरा गत दिनाँक 03/10/24 से 08/10/24 तक गया था। गुरु दर्शन यात्रा सयोजक ललित खिंवसरा के नेतृत्व में प्रवीण बोथरा, एवंत कंकरिया, प्रियंका कोठारी। इनके अलावा हर्षुल सोनी, संपत दक, कमलेश गांधी, सुशील पींचा, विजय कोठारी, मोहित रांका एवं अन्य युवा साथियों ने साथ मिलकर गुर...
*☀️प्रवचन वैभव☀️* *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣0️⃣ ☘️ 396) *भयभीत* *साधक की साधना* *फलीभूत नही होती.!* 397) जिसको जंजीर बंधनरूप नही लगती, वह उससे मुक्त होने का पुरुषार्थ कभी नही करेगा.! 398) *देह के दुख को* *देह में ही रहने दो,* *उसे आत्मा का* *बोझ मत बनाओ.!* 399) एक्सन का रिएक्सन अवश्य होगा, विभाव का एक्सन हैं तो बंधन का रिएक्सन भी होगा.! 400) *प्रवृत्ति की अहिंसा* *परिणामों में प्रगट हो* *यही धर्म की सफलता हैं.!* *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
जालना : हमारी प्रार्थना निरंतर चल रही है। यह चक्कर काटकर आगे बढ रहे है!! परंतु एवढ्यावरच आपले समाधान आहे काय? तर मुळीच नाही, म्हणूनच भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो आपल्या मदतीस धावून आल्याशिवाय राहणार नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. ये जीवन में सावन आयेगा, खुशियोंसें जीवन फुलेगा!! या गितावर आधारीत पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, हमारी प्रार्थना निरंतर चल रही है। यह चक्कर काटकर आगे बढ रहे है!! परंतु एवढ्यावरच आपले समाधान आहे काय? तर मुळीच नाही, म्हणूनच भगवंतावर श्रध्दा ठेवा, एक ना एक दिवस तरी तो ...
दिनांक 6 अक्टूबर 2024 चेन्नई श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु ने धार्मिक खुली पुस्तक परीक्षा स्वाध्याय भवन, चेन्नई व अनेक केन्द्रों मे आयोजित की | चेन्नई : श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान मे श्री जैन रत्न युवक परिषद तमिलनाडु के सुसंचालन मे अखिल भारतीय श्री जैन रत्न युवक परिषद् द्वारा अखिल भारतीय श्री जैन रत्न आध्यात्मिक शिक्षण बोर्ड की कक्षा एक से चार तक की पुस्तक की “खुली पुस्तक परीक्षा” स्वाध्याय भवन – साहूकारपेट, स्वाध्याय भवन, किलपाक, पुनमल्ली, तिरुवन्नामले, के एल पी अपार्टमेंट, नंगनल्लूर, ताना स्ट्रीट, वेल्लूर, आवडी, पोलूर मे आयोजित की गई | परीक्षा के आयोजन मे श्रावक संघ, श्राविका मंडल एवं युवक परिषद तमिलनाडु के पदाधिकारियों एवं अनेक सदस्यों की सेवाओं व प्रयासों के परिणाम स्वरुप तमिलनाडु के नौ केन्द्रों में 220 परीक्षार्थियों ने स...
शुध्द आराधना मोक्ष का मार्ग दिखाती है। ज्ञान का बोध प्राप्त करना है तो साधु- संतोंका समागम आवश्यक है – डॉ. राज श्री जी म.सा. श्रुत ज्ञान अज्ञान का क्षय करता है! श्रुत ज्ञान याने सम्यक् ज्ञान का बोध! केवलज्ञान अनमोल ज्ञान है! स्वाध्याय करनेसे कर्म का ज़हर उतर जाता है! साधुकी साधकता अपने अंदर होती है! साधकता की पुजा होती है! हम सभोको आत्माके अंदर ज्ञाता दिप जलाना है! ज्ञान नहीं तो दान देना निरर्थक है, फल की कामना भी निरर्थक है! यदि हमे मनके सिंहासन पर राम को बैठाना है तो रावण रुपी विकारों को हटाना होगा ! डॉ. मेघाश्री जी ने अपने उद् भोदन मे AEIOU का विश्लेषण कर A-Anger क्रोध को खत्म करो E-Ego – अहंकार, क्रोध को मिटाना है! I- Idiot बदमाशी, शैतन्य को मिटाना है! मानव प्रव्रुति सहकार प्रव्रुति है! O-Observation निरिक्षण! हमें आत्म निरींक्षण करना है! U-Useful हमें मददगार , सहाय्यक बनना...
*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. 7️⃣9️⃣ 🌼 🧘♂️ इंद्रियों के विषयों के प्रति विराग ही शील है… 🛑 कोई साधक महा विद्वान है, शास्त्रो का ज्ञाता है,, प्रतिबोध प्रवचन कुशल है लेकिन शील, सदाचार संपन्न नही है तो इन्द्रियों के विषय उसके ज्ञान को नष्ट निष्फल विकृत कर देंगे.! 🪔 यदि सदाचार से, चारित्र से विशुद्ध बना अल्पज्ञान हो तो भी महान फलदायक है.! शीलधर्म मोक्ष की सीडी है.! 💛 अहिंसा,जीवदया शक्ति, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य,संतोष,समकित ज्ञान एवं तप आदि गुण शील के पारिवारिक सदस्य है.! *📚श्री शील प्राभृतम्📚* *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
*☀️प्रवचन वैभव☀️* *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 7️⃣9️⃣ ⚡ 391) बेहोशी से बाहर आना ही साधना का उद्देश्य हैं.! 392) सभी क्रिया, शास्त्र,श्लोक आत्मा को स्वदेशकी दिशामें ले जातें हैं लेकिन उद्देश्य स्वलक्षी हो तो.! 393) पदार्थो की परिणति जिसके अंतर में न हो वह साधक मार्गस्थ है.! 394) जागृति रहोगे तो सुरक्षित रहोगे… 395) विकारों का पवन आत्मा को स्वभाव से विचलित करता हैं लेकिन आत्मा चाहे तो विभाव की खिड़की बंध करके विकारों को रोक सकता है.! *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
“समाजभुषण” राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष जी ललवाणी सन्मानित ! सुर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन्स बन्सी-रत्न वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा गया नवाज़ा! पुनाः अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत “ सुर्यदत्ता” एज्युकेशन फ़ाउंडेशन द्वारा रजत वर्ष के सुअवसरपर “बन्सी-रतन” वेलफ़ेयर ट्रस्ट द्वारा आज विविध पुरस्कारोंसे मान्यवरोंको सन्मानीत किया गया! सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र मे विविध सन्मानो से सन्मानीत ज्येष्ठ समाजसेवी सुभाषजी ललवाणी को “ समाज- भुषण” इस राष्ट्रीय पुरस्कारसे आचार्य पु. लोकेशमुनीजी म.सा., सुर्यदत्ता के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजयजी चोरडीया,प्रसिध्द उद्योजक विठ्ठलसेठ मनियार,प्रसिध्द गायक एवं कलाकार अबु मलिक, एअर मार्शल ( रिटायर्ड) भुषण जी गोखले , बी के दशरथ भाई वरिष्ठ राजयोग शिक्षक ब्रम्हाकुमारी , सुषमाजी चोरडीया आदि मान्यवरों के करकमलो द्वारा स्म्रुति चिन्ह, ...
श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु ने तपस्वी जितेन्द्रमुनिजी की 53 की तपस्या के अनुमोदन मे भक्ति दिवस मनाया | आज रविवार 6 अक्टूबर 2024 को आचार्य श्री हीराचन्द्रजी म.सा भावी आचार्य श्री महेन्द्रमुनिजी म.सा के सुशिष्य तपस्वी श्री जितेन्द्रमुनिजी म.सा की 53 उपवास की तपस्या के अनुमोदन को भक्ति दिवस के रुप मे श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान मे श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के सुसंचालन मे स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट,चेन्नई मे भक्ति दिवस के रुप मे मनाया| युवक परिषद् के सचिव महावीरजी कर्णावट ने संचालन करते हुए गुणगान किए और श्राविका मण्डल से भक्ति कार्यक्रम करने हेतु श्रीमती शशिजी कांकरिया को आमंत्रित किया | मंगलाचरण व भक्ति दिवस कार्यक्रम की रुपरेखा शशिजी कांकरिया ने रखी | श्री विनोदजी जैन व मनीषजी जैन ने क्रमशः तपस्वी मुनिश्री के चरित्रमय जीवन व वैराग्यमय मुक्तक प्रस्तुत...
सुखी बनो, संपन्न बनो, विजयी बनो- कृत्तियों में है जीवन दर्शन के सूत्र छत्तीसगढ के तीन ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालयों का रहा तत्वावधान एवं सहभागिता Sagevaani.com / रायपुर: अणुव्रत समिति, रायपुर की आयोजना में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख विश्वविद्यालय पं. रविशंकर प्रसाद शुक्ल विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय व कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान श्री भगवत गीता एवं उत्तराध्ययन सूत्र आधारित आचार्य श्री महाश्रमणजी की कृत्तियों पर “साहित्य समीक्षात्मक संगोष्ठी” का आयोजन रविवार को पटवा भवन, टैगोर नगर, रायपुर में आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री सुधाकरजी के सान्निध्य में किया गया है। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दुजी सक्सेना व विशिष्ट अतिथि विद्या भारती संस्थान के श्री विवेक सक्सेना ने भ...
आज मंगलवाड चौराहे में *मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनिषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा (करूणाकर)* आदि ठाणा के सानिध्य में खुब संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने धर्म-ध्यान तप-त्याग दया ऐकासन व दान पुण्य कर के श्रमण संघीय द्वितीय पट्टधर आचार्य सम्राट श्री आनन्दऋषि जी म.सा. के सुशिष्य एवं वर्तमान आचार्य ध्यानयोगी डा. श्री शिवमुनि जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती *आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि, श्रमण संघ के आन, बान, शान भावी अनुशास्ता युवाचार्य प्रवर पूज्य श्री महेन्द्र ऋषि जी म.सा* का 58 वें पावन जन्मोत्सव मनाया व गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा द्वारा तमाम मेवाड़ के श्रावक श्राविकाओं को खुब खुब धर्म ध्यान करने का सदेस दिया गया व कई संख्या में प्रत्याख्यान भी हुए गुरुदेव ने बताया की युवाचार्य भगवंत सदैव हसमुख व मिलनसार रहते है आपने बहोत ज्यादा उग्र विहार करके सभी श्रावक श्राविकाओं को संभाला है...