Blog

श्रीअरिहंत के विरह में आचार्य सन्मार्ग संवाहक है

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣4️⃣ 💛 *_416)_* श्रीअरिहंत के विरह में आचार्य सन्मार्ग संवाहक है.! *_417_* शुद्ध शास्त्रोक्त प्ररूपणा जैनाचार्य की पहचान हैं.! *_418)_* अंतर में समर्पण हो तो व्यवहार में, आचार में विनय नम्रता प्रगट होते ही हैं.! *_419)_* दुष्ट राजवी से उत्तम साधक बन गए ऐसे प्रदेशीराजा के उपकारी थे श्रीकेशी गणधर.! *_420)_* अनुकूलता छोड़कर कंटक छाए मार्ग पर चले, क्रियोद्धार से संयमधर्म की, अभिधान सर्जन से ज्ञानमार्ग की सेवा करनेवाले थे सूरि राजेन्द्र.! *(श्री ओलीजी पर्व प्रवचन-४)*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*   🌷 *प्रवचन ग्रुप से जुड़ने हेतु* *ब्लू लिंक पर क्लिक करिए..*  

श्रावक के 14 नियम जो हमें रोज़ लेने चाहिये

*1. सचित्त :- सचित्त अर्थात जिस पदार्थ में जीव राशि है ।* इसमें सचित पदार्थो के सेवन की दैनिक मर्यादा रखी जाती है।जैसे कच्ची हरी सब्जी , कच्चे फल , नमक , कच्चा पानी, कच्चा पूरा धान आदि का सम्पूर्ण त्याग अथवा इतनी संख्या से अधिक उपयोग नही करूँगा ऐसा नियम करना । ( 3, 5 ,7 आदि ) *2. द्रव्य :- खाने – पीने की वस्तु / द्रव्य की प्रतिदिन मर्यादा रखनी है , इसमें पदार्थो की संख्या का निश्चय किया जाता है ।* भिन्न भिन्न नाम व स्वाद वाली वस्तुएं इतनी संख्या से अधिक खाने के काम में नहीं लूँगा । जैसे खिचड़ी , रोटी, दाल, शाक, मिठाई, पापड़, चावल आदि की मर्यादा करना । (11, 15, 21 आदि ) *3 . विगय :-* : – प्रतिदिन तेल घी दूध दही शक्कर / गुड तथा घी या तेल में तली हुयी वस्तु ये छः विगय है । इनका यथाशक्ति त्याग करना या रोज कम से कम 1 विगय त्याग करना । *4. उपानह :- जूता, मोजा, चप्पल, आदि पाँव में पहनने की ची...

साधना सिद्धि का विशिष्ट समय होता नवरात्र : साध्वी डॉ॰ गवेषणाश्री

 नव दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का हुआ समापन   Sagevaani.com /माधावरम्, चेन्नई: युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा 4 के साथ में नौ दिन का नवरात्र का अनुष्ठान बहुत ही जागरुकता और उत्साह के साथ किया गया।  साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा कि- हर दिन, हर पल, हर समय अपने आप में मंगल होता है। पर इन 365 दिनों में कुछ दिन खास माने जाते हैं, इसमें भी नवरात्र का समय साधना की दृष्टि से तंत्र, मंत्र और यंत्र की अपेक्षा प्रभावशाली माना जाता है। जो तांत्रिक होते है, उनकी साधना सिद्धि का विशिष्ट समय माना जाता है। इसीलिए इन मैली विद्या से सुरक्षित रहने का एक मात्र उपाय है तो वह है- विशेष मंत्रों की साधना।  साध्वी श्री मयंकप्रभा ने कहा कि मंत्र विविध शक्तियों का खजाना है। सभी धर्मों में मंत्र जप की परम्परा रही है। प्रत्येक अक्षर अपने आप में मंत्र है, शक्ति ह...

सिद्ध प्रभु की पहचान अरिहंत प्रभु कराते है 

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣3️⃣ 💛 *_411)_* सिद्ध प्रभु की पहचान अरिहंत प्रभु कराते है इसलिए उनको प्रथम वंदन.! *_412)_* तप करना श्रेष्ठ हैं.. तप करने की शक्ति नही है तो कमसेकम तप करनेवाले की निंदा अन्तराय मत करो.! *_413)_* कैसे होता कर्मबन्ध कैसे होती कर्म निर्जरा इसका विज्ञान समझना ही सिद्धत्व की प्राप्ति का मार्ग हैं.! *_414)_* धर्म का प्राथमिक ध्येय समकित अंतिम ध्येय निर्वाण..! *_415)_* जहां से हमें कोई निकाल न सके वही हमारा अपना स्थान है, सिद्धशिला के अतिरिक्त विश्व में ऐसा कोई स्थान नहीं है.! *(श्री ओलीजी पर्व प्रवचन-3)*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*  

आचार्यांसारखं वर्तन जीवनात उतरवलं तर आपणही परमात्मा बनू शकतो-हर्षप्रज्ञाजी

Sagevaani.com /जालना: आपण आपल्या आयुष्यात आचार्यांसारखं वर्तन उतरवण्याचा प्रयत्न केला तर आपला देह सुध्दा परमात्मा बनल्याशिवाय राहणार नाही, परंतू त्यासाठी आपल्याला आचार्यंसारखं जीवन जगावे लागेल, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, श्रीपाळ आणि नैनासुंदरीचं आयुष्य कसं होतं? याचाही विचार करायला हवा. सासू-सासर्‍यालाही आपला जावई ओळखू येत नाही. म्हणूनच नैनासुंदरीची आई आणि वडीलसुध्दा नैनासुंदरीला दोष देऊ लागले होते. परंतू मधल्या व्यक्तींनी तिच्या आई- वडीलांना समजावून सांगितल्यानंतर हाच आपला जाव...

चक्रवर्ती के लिए विजय प्राप्त करने योग्य  क्षेत्र को विजय कहा जाता है

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   8️⃣1️⃣ 🏳️ चक्रवर्ती के लिए विजय प्राप्त करने योग्य क्षेत्र को विजय कहा जाता है.. 🌎 ढाई द्वीप में कुल 170 विजय है.! 5 भरत क्षेत्र की 5 विजय 5 ऐरावत क्षेत्र की 5 विजय 5 महाविदेह की 160 विजय… 👑 चक्रवर्ती 170 विजय में प्रत्येक विजय के 6 खंड के सभी देव देवी राजा महाराजा पर विजय प्राप्त करते है तब दिग्विजय पूरा होता है.! 🪔 बरसों तक दिग्विजय करके प्राप्त सत्ता संपत्ति ऐश्वर्य चक्रवर्ती को दुर्गति से नही बचा सकते.. यदि दीक्षा ग्रहण करे तो ही उसे सदगति मिलती है बाकी उसकी नर्क निश्चित है..! *📖श्रीलघु संग्रहणी ग्रंथ📖*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*

Oath taking ceremony of Terapanth Professional Forum, Chennai organised

Smt. Babita Chopra became President and Shri Jayesh Daga became Secretary  Sagevaani.com /Madhavaram, Chennai: The oath taking ceremony of the newly formed team of Terapanth Professional Forum (TPF) Chennai was organized at Tirthankara Samavasaran, Jain Terapanth Nagar under the guidance of Sadhvi Dr. Gaveshnashriji Thana-4, the learned disciple of Acharya Shree Mahashramanji.  The program started with the Navratri Anusthan of Sadhvishriji. President Shri Prasanna Bothra gave the welcome address and thanked everyone for their cooperation and support during his 2-year tenure and conveyed his best wishes to the newly formed team and handed over the charge with all possible cooperation. TPF South Zone President Shri Vikram Kothari threw light on the activities of Terapanth Professional Forum....

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, चेन्नई का शपथ ग्रहण समारोह समायोजित

श्रीमती बबीता चोपड़ा अध्यक्ष एवं श्री जयेश डागा बने मंत्री Sagevaani.com /माधावरम्, चेन्नई : आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा- 4 के सान्निध्य में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) चेन्नई की नवगठित टीम का शपथ ग्रहण समारोह तीर्थंकर समवसरण, जैन तेरापंथ नगर में समायोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वीश्रीजी के नवरात्र अनुष्ठान द्वारा हुई। अध्यक्ष श्री प्रसन्न बोथरा ने स्वागत स्वर प्रस्तुत करते हुए अपने 2 वर्षीय कार्यकाल में मिले सभी के सहयोग, सहकार के लिए साधुवाद देते हुए नवगठित टीम के प्रति शुभकामनाएँ संप्रेषित करते हुए हर संभव सहयोग के साथ पदभार हस्तांतरण किया। टीपीएफ साउथ ज़ोन अध्यक्ष श्री विक्रम कोठारी ने तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम की गतिविधियों के बारे में प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार संकलेचा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए नवगठित टीम को शपथ दिलाई।...

निज पद में  स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना

*☀️प्रवचन वैभव☀️*   *🪷 सद् उपदेशक:🪷* *युग प्रभावक कृपाप्राप्त* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 8️⃣1️⃣ 🤍 *401)* निज पद में स्थिर होने के लिये करनी नवपद साधना..! नवपद सानिध्य में रहेंगे तो दोषों से सुरक्षित रहेंगे.! *402)* *_नवपद_* *_आराधना से_* *_सिद्धों के परिवार में_* *_प्रवेश प्रशस्त होता है.!_* *403)* वही दोषमुक्त बनेगा, जो दोषदृष्टि को छोड़ेगा.. *404)* *जितनी विशाल भावना* *उतना भव्य पुण्योदय होगा.!* *405)* शासन की उपासना के बिना कर्ममुक्ति असंभव है इसलिए परमात्मा की भावना सवि जीव करूं शासनरसी हैं.! *(श्री ओलीजी पर्व प्रवचन)*   *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*  

जैन धर्मामध्ये नवपदाला खूप अनन्य साधारण महत्व-साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी

दिपावलीत रांगोळी आणि मंदिर व होली आदी जसे महत्वपूर्ण आहेत, अगदी तशाच प्रकारे जैन धर्मात सुध्दा नवपद खूप महत्वाचे मानले आहे. आपल्यासुध्दा श्रीपाळ सारखं आयुष्य मिळावं, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, दिपावलीत रांगोळी आणि मंदिर व होली आदी जसे महत्वपूर्ण आहेत, अगदी तशाच प्रकारे जैन धर्मात सुध्दा नवपद खूप महत्वाचे मानले आहे, असे सांगून त्यांनी आपला मोर्चा श्रीपाळच्या कहाणीकडे वळवला. त्या म्हणाल्या की, आपल्यासुध्दा श्रीपाळ सारखं आयुष्य मिळायला हवं, कोड असूनही तो नस्तानाबूत करण्याची शक्ती ...

नवकार महामंत्र गुणवान आणि गुणकारी आहे -साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा.8

Sagevaani.com /जालना: नवकार हा मंत्र नुसता मंत्रच नाही तर तो खर्‍याअर्थाने महामंत्र आहे. एमडब्लू गाडीमध्ये आज कोणाला बसू वाटत नाही, परंतू ज्यातच मनवफकार आहे तो महामंत्र ज्यांच्याकडे आहे त्याला अशा कारची गरजच नाही, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा व अन्य काही साध्वींची याप्रसंगी उपस्थिती होती. नवकार या गितावर आधारीत पुढे बोलतांना साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. म्हणाल्या की, आपल्याकडे श्रध्दा असायला हवी. मग कोणीही काहीही करु देत आपल्याला काहीही होत नाही आणि होणार नाही, मात्र ज्याकडे श्रध्दा नाही, अशांचा आत्मा परमात्मा कसा काय बनेल? एक कार आपल्याला आपल्या हव्या ठिकाणी पोहचू शकते, अगदी अशाच ...

लायन्स क्लब मीनमब्बाकम ने किये असाध्य रोगग्रस्त बच्चों के सपने साकार

Sagevaani.com /चेन्नई: 8 अक्टूबर मंगलवार को लायन्स क्लब मीनमब्बाकम ने मेक ए विश फाऊंडेशन के सहयोग से करीबन 55 चयनित असाध्य रोग ग्रस्त बालक- बालिकाओं को उनकी ईच्छानुरुप सामग्री प्रदान कर उनके सपनों को साकार किया।  इस आयोजन को एग्मोर स्थित अशोका होटल में अति उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ प्रस्थित किया गया। इसमें स्वप्नार्थियों के पारिवारिक अभिभावकगण भी साक्षी बने। क्लब के जोशिले एवं दूरदृष्टिधारक, हीरक जयंती वर्ष के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने समागत महानुभावों का अपनी प्रखर अभिव्यक्ति से अभिवादन कर स्वागत किया।  मुख्य अतिथि लायन्स इन्टरनॅशनल डिस्ट्रिक्ट 324 K के गवर्नर श्री मुरगेशकुमार अपनी पुरी टीम के साथ आयोजन मे सम्मिलित हुए। अपनी अभिव्यक्ति मे आपने इस अनुठे कार्यक्रम के संपादन हेतु लायन्स क्लब मीनमब्बाकम की भूरि भूरि प्रशंसा की। क्लब द्वारा प्रदत्त ईच्छापूर्ति सामग्री मे टीवी, लॅपटॉप, बॅटरी ...

Skip to toolbar