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गलत विचारो को मन से निकालने की कोशिश करना आवश्यक

 गलत विचारोका शिरकाव बंद करनेके लिए मनके दरवाज़े बंद रखिये! साध्वी स्नेहा श्री जी म.सा. के विचार। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे “ गुरु आनंद जन्मोत्सव” सप्ताह गुरुमॉं चंद्रकला श्रीजी म.सा. आदिठाणा 3 के निश्रा मे जारी है! आज आनंदोत्सव के पॉंचवे दिन बहुमंडल द्वारा भक्तिगीत की प्रस्तुति हुई! प्रवचन का प्रारंभ साध्वी श्रुतप्रज्ञाश्री जी ने पु. आनंद ऋषिजी के जीवन पर आधारित स्तवन से किया और साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा. ने “ गुरु आनंद जबतक आपका सहारा है, जीवन हमारा सुधरा है!” यह भजन पेश कर मनमे आये गलत विचारेंगी सफ़ाई करनेका एहलान किया! जिस प्रकार हम हमारे मकान से प्रतिदिन साफ़ सफ़ाई कर धुल को निकालते हैं और घर स्चच्छ रखते है उसी प्रकार हमारे मनमे गलत विचारकों स्थान न देते हुये मनकों साफ़ रखे! इंदौर स्थित गुरुमॉं के परम भक्त पाकीज़ा परिवार के शादी मे जैनत्व का पुरा पालन करने का उद...

गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न

राजधानी दिल्ली के ऋषभ विहार में 2025 के पावन चातुर्मास में उपप्रवर्तक महाश्रमण इतिहास केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ। 20 जुलाई प्रातः 8:15 बजे ही ऋषभ विहार जैन स्थानक का हाल जनता से भरता ही गया और जब पूज्य गुरुदेव ने नवकार आना पूर्वी का मांगलिक आराधना का आह्वान किया अनुपम एवं दिव्य माहौल का निर्माण होता ही गया सवा डेढ़ घंटा कहां बीत गया उपस्थित जनता को मालूम ही न पड़ा पूरे हॉल में नवकार महामंत्र की गूंज थी पिन ड्रॉप साइलेंट माहौल था नवकार मंत्र के अलावा और कोई ध्वनि जैन स्थानक के विशाल हॉल में न थी ।    उपस्थित अबाल वृद्ध जनता ने सामूहिक आनापूर्वी के इस अद्भुत प्रयोग की मुक्त कंठ से सराहना की।        इस अवसर पर महाश्रमण उप प्रवर्तक गुरुदेव श्री जी ने अपने मांगलिक उद्बोधन में नवकार महामंत्र की महिमा ...

डाकू को संत बन देती है- श्वेत क्रांति = डाॅ. वरुण मुनि

विनाश से विकास की ओर ले जाती है- अहिंसक क्रांति श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित उपप्रवर्तक श्री पंकजमुनिजी म. सा. ने मंगलाचरण के साथ प्रवचन सभा का शुभारंभ किया । मधुर गायक श्री रुपेश मुनि जी म. सा. ने अत्यंत मधुर भजन के साथ सभी श्रोताओं को मंत्र- मुग्ध कर दिया । तत्पश्चात दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ. श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय प्रवचन में फरमाया कि क्रांति का अर्थ है मोड़ देना, बदल देना या आमूलचूल परिवर्तन कर देना । क्रांति दो प्रकार की होती है । एक क्रांति खूनी क्रांति या हिंसात्मक क्रांति, जिसमें रेल, बस या सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करना, किसी कमजोर या निहत्ते पर वार करना, किसी को अनावश्यक क्षति पहुंचाना, दु:ख पहुंचाना या मार- काट करना आदि होता है । दूसरी क्रांति है- श्वेत क्रांति या अहिंसात्मक क्रांति, जिसमें शांति, प्रेम, दया...

अहंकार छोड़ धर्म स्थानक में प्रवेश करे

निमित्त के लिए उपाधान ( योग्यता- क्षमता) मज़बूत चाहिए! – साध्वी स्नेहाश्री जी का उद्बोधन। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रावधान मे गुरुमॉं पु. चंद्रकला श्री जी, वाणी के जादुगर पु स्नेहाश्री जी म.सा. मधुर गायिका पु. श्रुत प्रज्ञाश्री म.सा. के सानिध्य मे गुरु आनंद जन्मोत्सव सप्त दिवसीय कार्यक्रम जारी है! आज “ आनंद-चालीसा” मंडल द्वारा आनंद चालीसा का सामुहिक पठन किया गया! अपने उद्बोधन में साध्वी स्नेहाश्री जी ने अपने वक्तव्य में हरअेकने अहंकार का त्याग कर धर्मस्थानक मे आने का एहलान किया ! अच्छे निमित्त का कारण बन अपने क्षमता नुसार संकल्प को पुरा करना चाहिए! संकल्प सिध्दी के लिए एक युवा युवती के त्याग की सत्य घटना कथित कर हर एक के ऑंखे मे ऑंसु बहने लगे! आचार्य भगवंत के जीवन पर आधारित स्वयं रचित स्तवन अपने मधुर वाणीमे पेश किया! आनंद चालीसा की सुंदर प्रस्तुति माधुरी भंसाली, सारिका ...

शांतशील संयममूर्ती: पू. आनंद ऋषीजी म.सा. यांची जीवनगाथा

प्रवचन – 21.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) आज आपण पूज्य आनंद ऋषीजी म.सा. यांची 126वी जन्म जयंती निमित्त त्यांच्या महान व्यक्तिमत्त्वाचे गुणगान करणे हा आत्मिक गौरवाचा क्षण आहे. अल्पवयातच त्यांनी आपल्या गुरूप्रती अढळ श्रद्धा, प्रगाढ भक्तिभाव व संपूर्ण समर्पणभाव जोपासला. त्यांनी अत्यंत विनयशीलतेने आगमशास्त्राचे गहन अध्ययन केले आणि तप-जप यांच्या माध्यमातून आत्मिक उन्नती साधली. अखेर त्यांनी संघात अत्युच्च “आचार्य पद” प्राप्त करून आत्मिक तेजाने संघाला प्रकाशित केले. त्यांचे संपूर्ण जीवन संयम व सेवा यांचे मूर्तिमंत उदाहरण होते. त्यांनी कधीही क्रोध केला नाही, आणि कोणतीही स्थिती असो, मन:शांती व क्षमा त्यांच्या वर्तनात सदैव दिसून आली. शिक्षण घेताना वयाने व दर्जाने लहान असणाऱ्या व्यक्तीकडूनही शिकण्याची तयारी ठेवत, त्या गुरूचा सन्मान करत आपले आसन सोडण्याची न...

गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ

राजधानी दिल्ली के ऋषभ विहार में 2025 के पावन चातुर्मास में उपप्रवर्तक महाश्रमण इतिहास केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री आनंद मुनि जी महाराज के सान्निध्य में *नवकार आना पूर्वी जब आराधना* का मांगलिक आयोजन संपन्न हुआ। 20 जुलाई प्रातः 8:15 बजे ही ऋषभ विहार जैन स्थानक का हाल जनता से भरता ही गया और जब पूज्य गुरुदेव ने नवकार आना पूर्वी का मांगलिक आराधना का आह्वान किया अनुपम एवं दिव्य माहौल का निर्माण होता ही गया सवा डेढ़ घंटा कहां बीत गया उपस्थित जनता को मालूम ही न पड़ा पूरे हॉल में नवकार महामंत्र की गूंज थी पिन ड्रॉप साइलेंट माहौल था नवकार मंत्र के अलावा और कोई ध्वनि जैन स्थानक के विशाल हॉल में न थी ।    उपस्थित अबाल वृद्ध जनता ने सामूहिक आनापूर्वी के इस अद्भुत प्रयोग की मुक्त कंठ से सराहना की।        इस अवसर पर महाश्रमण उप प्रवर्तक गुरुदेव श्री जी ने अपने मांगलिक उद्बोधन में नवकार महामंत्र की महिमा ...

उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा प्रणेता पु प्रविण ऋषिजी म. सा . का सपना किया परिवर्तन चातुर्मास 2025 समिती ने किया साकार

उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा प्रणेता पु प्रविण ऋषिजी म. सा . का सपना किया परिवर्तन चातुर्मास 2025 समिती ने किया साकार! “उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जेता का हुआ है आना! परिवर्तन चातुर्मास 2025 का हमे पुरा लाभ है उठाना! सव्वा करोड जाप की हुई सामुहिक आराधना ! 2100 अठाईयों की हर घर से चल रही है साधना! हम आयेंगे आपको भी सहपरिवार हररोज है आना! अविरत साधना, धारणा, संस्कारोकी हमे मिलेंगी “ प्रविण” प्रभावना! सुनील- राजश्री- अनिल युवा युवती संग आदिनाथ का हमे उपलब्ध हुआ है खजाना! “ गुरु- आनंद” की क्रुपा सारी नही चाहिये कोई भी बहाना! नित्य रुपसे आकर हमे इस धर्म-नगरी मे है नहाना! सुभाष ललवाणी संघाध्यक्ष आकुर्डी

पुना है तो हर संकल्प सिध्द है

🟨 * *हजारो परिवारो एक स्वर में गुंजाय उठा गगन सव्वा करोड़ महामंत्र नवकार के सामुहिक जपानुष्ठान का भारतवर्ष का पहला इतिहास* ⬜* *अर्हम् विज्जा प्रणेता उपाध्याय भगवंत परम पूज्य श्री प्रवीण ऋषिजी म सा* का सपना किया *श्रीआदिनाथ जैन संघ तथा परिवर्तन चातुर्मास समिती ने साकार* 🟩 *चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्री सुनिलजी नहार सचिन जी नहार परिवार एवं राजेंन्द्र जी खिवराज जी मुथा सुखी परिवार ने लिया लाभ इस महामंत्र जपानुष्ठान तथा गुरु आनंद जन्मोत्सव के आयोजन के लाभार्थी का पाया सौभाग्य* 🟦 *गुरु आनंद फाऊंडेशन की एवं नवकार तीर्थ फाऊंडेशन तथा गौतमलब्धी फाऊंडेशन पुना की रही सक्रिय भुमिका* 🏳️‍🌈 *सुबह 6.00 बजे से ही पुना वासियों के कदम इस पावन स्थान की और बढे* 🟫 *उपाध्याय श्रीजी ने जतायी बड़ी प्रसन्नता तथा पुना वासियों के प्रति कृतज्ञता* 🟪 *पूज्य गुरुदेव के स्वर के साथ एक साथ लाखों स्वर महामंत्र जपानुष्ठान ...

सर्व मनोरथ सिद्धि दाता है लोगस्स – मुनि दीपकुमार

 पल्लावरम में हुआ ‘लोगस्स कल्प अनुष्ठान’ का भव्य आयोजन पल्लावरम 20.07.2025 : तमिलनाडु के पल्लावरम क्षेत्र में स्थित तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री दीपकुमारजी ‌ठाणा-2 के सान्निध्य में ‘लोगस्स कल्प अनुष्ठान’ का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, पल्लावरम के तत्वावधान में आयोजित हुआ। नमस्कार महामंत्र समुच्चारण से शुभारम्भ अनुष्ठान में सहभागी साधको को लोगस्स का महत्व बताते हुए मुनिश्री दीपकुमारजी ने कहा कि लोगस्स तीर्थकर स्तुति का महान मंत्र है। यह एक महाशक्ति है। भक्ति साहित्य की एक अमर, अलौकिक, रहस्यमयी और विशिष्ट रचना है। जैन समाज में इतना मान्य, लोकप्रिय है कि इसको अत्यन्त श्रद्धा एवं महत्त्व प्राप्त है। लोगस्स शाश्वत सुख का राजपथ है। आरोग्य, बोधि, समाधि, सिद्धि प्रदाता है। लोगस्स में भक्ति की भागीरथी प्रवाहित है। साधक जब इस...

संतति के सही विकास से जीवन में विपत्ति नहीं आती = डाॅ. वरुण मुनि

*प्रेस विज्ञप्ति* आचार्य सम्राट श्री आनंदऋषिजी म. सा. के जन्मोत्सव पर विशेष उद्बोधन  श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ. श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय प्रवचन मे फरमाया कि *तित्थयरा समोसूरि* अर्थात आचार्य तीर्थंकर के समान होते हैं । प्रभु महावीर के बाद श्री सुधर्मास्वामी आचार्य के पाट पर विराजमान हुए, क्योंकि गौतमस्वामी केवली थे और केवली आचार्य के पाट पर विराजमान नहीं होते । श्रमण संघ के दूसरे पट्टधर के रूप में आचार्य सम्राट श्री आनंदऋषिजी म. सा.आसीन हुए। पूज्य प्रवर्तक श्री अमरमुनिजी म.सा.फरमाते थे कि जो मर्यादा पूर्वक हर कार्य करते हैं, वह आचार्य कहलाते हैं । जो मर्यादा की आंखों से देखते हैं, मर्यादा के कानों से सुनते हैं, मर्यादित हाथों से कार्य करते हैं अर्थात जिनके हर कार्य में मर्यादा होती हैं, वही आचार्य ...

नैतिकता क्यो जरूरी है

! जय आत्मानन्द-देवेन्द्र-शिव-महेन्द्र!! !! जय गुरु अंबेश सौभाग्य मदन कोमल!! !! जय गुरुणि प्रेम उगम राज विजय ! __________________________ जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष् 😷श्रमण संघीय मेवाड़ उपप्रवर्तक मेवाड़ भास्कर गादीपती युवामनीषी परम पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा(करुणाकर) आदि ठाना 😷सेवाभावी श्री रमेशमुनि जी मा.सा 😷नवदीक्षित अध्यनशील श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना 3 🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️🛣️ 🌼 *चातुर्मास स्थल* 🌼 📍 *कुंवारिया* 📍 2️⃣0️⃣/0️⃣7️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣5️⃣ आज का प्रवचन (*नैतिकता क्यो जरूरी है*) *नैतिकता* जब कोई व्यक्ति बिना किसी बाहरी निगरानी के भी सही कार्य करता है तो यही सच्ची नैतिकता होती है। नैतिकता और चरित्र एक-दूसरे के पूरक हैं। नैतिकता जहाँ सही एवं गलत का बोध कराती है, वहीं चरित्र यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति अपने नैतिक मू...

उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जेता का हुआ है आना

 परिवर्तन चातुर्मास 2025 का हमे पुरा लाभ है उठाना! सव्वा करोड जाप की हुई सामुहिक आराधना ! 2100 अठाईयों की हर घर से करनी है साधना! हम आयेंगे आपको भी सहपरिवार हर रोज है आना! अविरत साधना, धारणा, संस्कारो की हमे मिलेंगी “ प्रविण” प्रभावना! सुनील- राजश्री- अनिल युवा युवती संग आदिनाथ का हमे उपलब्ध हुआ है खजाना! “ गुरु- आनंद” की क्रुपा सारी नही चाहिये कोई भी बहाना! नित्य रुपसे आकर हमे इस धर्म-नगरी मे है नहाना! सुभाष ललवाणी संघाध्यक्ष आकुर्डी

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