Author: saadhak

सिर्फ  माहिती  प्राप्त कर लेना ज्ञान नहीं कहा जाता

*विंशत्यधिकं शतम्* *📚💎📚श्रुतप्रसादम्* 🪔 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरणरज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.   1️⃣1️⃣2️⃣ ✒️ सिर्फ माहिती प्राप्त कर लेना ज्ञान नहीं कहा जाता.. 🖋️ मात्र ज्ञानावरणीय के क्षयोपशम से प्रात ज्ञान हितकारी नहीं बन सकता.. 🪔 *ज्ञानावरणीय+मोहनीय के* *क्षयोपशम से प्राप्त* *ज्ञान से ही हेय* *उपादेय का* *बोध एवं* *तदनुसार* *यथासंभव* *आचरण होता है…* 🌷...

शुक्र सुख, समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य के लिए शुभ माना जाता है- युवाचार्य महेंद्र ऋषि

प्रवर्तक कुंदन ऋषि के जन्मदिवस पर हुआ गुणगान एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने सात वार की श्रृंखला में शुक्रवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए काव्यात्मक शैली में कहा कि शुक्र प्यार बढ़ाता है।‌ यह नफरत को दूर भगानेवाला है। यह मन को सुदृढ़ करने वाला है। यह चेहरे पर कांति प्रगटाने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह प्रेम, सौहार्द का प्रतीक ह...

आत्म स्वाधीनता की प्राप्ति ही  धर्म की सफलता है

*💎प्रवचन वैभव💎*   *✨सद् उपदेशक:✨* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त* श्रुत साधक क्षमाश्रमण मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣1️⃣2️⃣ 🟡 *_556)_* आत्म स्वाधीनता की प्राप्ति ही धर्म की सफलता है.! *_557)_* बाह्य प्राप्ति कर्म के आधीन है, अंतर वैभव आत्मा के आधीन हैं.! *_558)_* दुख से मुक्त होना है तो दुख के कारणों से दूर रहो.! *_559)_* क्रिया साधन, धर्म साधना, स्वभाव साध्य है.! *_560...

गुरुंच स्थान आपल्या जीवनात उच्चस्थानी-प.पू.गुरुछायाजी म.सा.

Sagevaani.com /जालना: गुरुंच स्थान आपल्या जीवनात उच्चस्थानी असून ज्यांच्या जीवनात गुरु नाहीत, त्यांचे काहीही खरे नाही. आई ही प्रथम गुरु असली तरीही गुरु हे आपल्या जीवनात असायलाच हवेत, असा हितोपदेश साध्वी प.पू.गुरुछायाजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी  विचारपीठावर  संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत...

श्री रमणीक मुनिजी महाराज आदि ठाना, एवँ हिमानीजी महाराज का 2025 का चातुर्मास जालना श्री संघ को प्राप्त हुआ

परम् पूज्य वाणी के जादूगर, श्रमण संघीय सलाहकार श्री रमणीक मुनिजी महाराज साहब आदि ठाना, एवँ परम पूज्य हिमानीजी महाराज का 2025 का चातुर्मास जालना श्री संघ को प्राप्त हुआ है। आज रविवार 10 नवम्बर 24को देहली शहर में ये घोषणा उपाध्याय प्रवर रविन्द्र मुनिजी महाराज साहब के मुखारविंद से हुई हैंl इस अवसर पर जालना श्री संघ के अध्यक्ष सुदेशजी सकलेचा, पूर्व महामंत्री विजयराजजी सुराणा, जैन प्राथमिक विद्यालय के ...

साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांचा 51 वा दिक्षा दिवस संघात उत्साहात साजरा

Sagevaani.com /जालना: साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांचा 51 वा दिक्षा दिवस आज श्री. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघात उत्साहात साजरा करण्यात आला. यावेळी देशभरातून भक्तगण उपस्थित होते. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांंचा दिक्षा दिवस उत्साहात साजरा करण्यात आला. प्रारंभी शुभेच्छापर साध्वी गुरुछायाजी म. सा. यांनी मार्गदर्शन केले. त्यांनी आपल्या मार्गदर्श...

गुरुदेव के आशीर्वाद से यह चातुर्मास सफल रहा – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में कृतज्ञता ज्ञापन दिवस हुआ आयोजित वर्धमान स्थानकवासी जैन महासंघ तमिलनाडु के तत्वावधान और युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज के सान्निध्य में रविवार मध्याह्न कृतज्ञता ज्ञापन दिवस आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महासंघ के अध्यक्ष सुरेश लुनावत ने सबका स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबने चातुर्मास को सफल बनाने में हमारा साथ निभाया है। उन्होंने युवाचा...

गुरुदेव चोथमलजी म. सा. की 147वाँ जन्मजयंति सामुदायिक सामाईक कर गुणानुवाद से मनायी गयी

जगत वल्लभ, जैन दिवाकर, पंडीत रत्न पु. गुरुदेव चोथमलजी म.सा. की 147वॉं जन्मोत्सव आध्यात्मिक रुपसे मनाया गया! साध्वी कमलप्रज्ञा जी को जैन विश्व भारती इन्स्टिट्यूट लाडनु राजस्थान द्वारा पीएचडी की पदवी प्रदान! उदयपुर नगरी में आज दक्षिण चंद्रिका महासाध्वी डॉ. संय्यमलताजी म.सा. डॉ. अमितप्रज्ञाजी म.सा. डॉ. कमलप्रज्ञाजी म.सा. एवं साध्वी सैरभप्रज्ञाजी म.सा. के पावनसानिध्यमे जगत वल्लभ, जैन दिवाकर पु गुरुदेव...

श्रावक के 14 नियम जो हमें रोज़ लेने चाहिये

  1. सचित्त :- सचित्त अर्थात जिस पदार्थ में जीव राशि है ।* इसमें सचित पदार्थो के सेवन की दैनिक मर्यादा रखी जाती है।जैसे कच्ची हरी सब्जी , कच्चे फल , नमक , कच्चा पानी, कच्चा पूरा धान आदि का सम्पूर्ण त्याग अथवा इतनी संख्या से अधिक उपयोग नही करूँगा ऐसा नियम करना । ( 3, 5 ,7 आदि )   2 . द्रव्य :- खाने – पीने की वस्तु / द्रव्य की प्रतिदिन मर्यादा रखनी है , इसमें पदार्थो की संख्या का निश्चय कि...

कधीही लक्षात ठेवा, आपल्या जीवनात तीनला स्थान द्या-साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: संघात आपण गेले तीन दिवसापासून श्री. संत चोथमलजी म. सा. यांचा सप्ताहाह साजरा करीत आहोत. आज रोजी तीन दिवस झाले. म्हणजे काय तर आपल्याला तीनला घालवायचे असून तीनला जिवनात उतरवायचे आहे. कोणत्या तीनला जीवनात उतरवयाचे आहे तर ते तिघेही सम्यक आहेत. सम्यक धर्म, सम्यक ज्ञान आणि सम्यक दान! हे कधीही आपल्या कामास येणार आहे, असा हितोापदेश साध्वी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना ...

गुरु बलवान है तो वह सच्चा मार्ग दिखाता है – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में हुई सात वार में गुरुवार की चर्चा एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने शनिवार को आठ वार की प्रवचन माला में उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु तत्व की विवेचना करते हुए कहा कि भाग्यशाली का अर्थ है जिसका पुण्य तेज हो। वैसे भाग्य दोनों प्रकार के होते हैं सौभाग्य और दुर्भाग्य। लेकिन भाग्यशाली उसे कहा जाता है जिसकी क़िस्मत अच्छी हो। जो अपने पास ...

योग का अर्थ है प्रवृत्ति

क्रमांक – 43 . *तत्त्व – दर्शन*  *🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार* *👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष।* *🔅 आश्रव* *यहां आश्रव के बीस भेदों का विवेचन किया जा रहा है :* *✨5. योग आश्रव* *👉 योग का अर्थ है प्रवृत्ति। इसे परिभाषित करते हुए कहा गया है ‘कायवाङ्मनो व्यापारो योगः’ अर्थात् शरीर, वाणी एवं मन के व...

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