तत्त्व – दर्शन 🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार 👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष। 🔅 आश्रव यहां आश्रव के बीस भेदों का विवेचन किया जा रहा है : ✨5. योग आश्रव 🔹शुभ योग आश्रव क्यों? 👉 शुभ योग से दो कार्य होते हैं- शुभ का बंध और अशुभ कर्म की निर्जरा। शुभ कर्म का बंध होता है, इसलिए वह शुभ-योग आश्रव कहलाता है और कर्मों का क्षय...