Author: saadhak

वीर लोंकाशाह की 609 वीं जन्मजयन्ति में मनाई गयी

श्रमण परम्परा के दिव्य नक्षत्र क्रान्तिकारी वीर लोंकाशाह की 609 वीं जन्मजयन्ति श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में श्रद्धा भक्ति दिवस के रुप में मनाई गयी | वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री विनोदजी जैन ने महासती लीलाबाई के प्रेरणास्प्रद प्रवचनों का उल्लेख करते हुए विस्तृत रुप से अनुप्रेक्षा की | मध्यान्ह मे आलोयणा, रत्नाकर पच्चीसी आदि स्तोत्...

क्रुतज्ञता बिदाई चातुर्मास समापन समारोह संप्पन्न

क्रुतज्ञता बिदाई चातुर्मास समापन समारोह संप्पन्न! श्री वर्धमान जैन श्रावक संघ आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण* के प्रांगण मे *राजस्थान सिंहनी उपप्रवर्तिनी संथारा साधिका पु. गुरुणीमैय्या श्री चारित्र्यप्रभाजी एवं उपप्रवर्तिनी गुरुणीमैय्या डॉ.दर्शनप्रभाजी म. की सुशिष्याएं* *डॉ.. राजश्री जी म.सा* *डॉ.मेघाश्री जी म.सा* *साध्वी समिक्षाश्री जी म.सा* *साध्वी ज़िना ज्ञा श्री जी म. सा.*। आदि ठाणा 4 के ऐतिहासिक, ...

स्त्री की शक्ति शील श्रमणों की शक्ति शास्त्र

*💎प्रवचन वैभव💎*   *✨सद् उपदेशक:✨* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त* श्रुत साधक क्षमाश्रमण मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣1️⃣6️⃣ 🪔 *_576)_* स्त्री की शक्ति शील.. श्रमणों की शक्ति शास्त्र.! *_577)_* दया के बिना ज्ञान निरर्थक है दया ज्ञान की पूर्णता हैं.! *_578)_* वह विकथा जो संसार को पुष्ट करें.! *_579)_* प्रत्येक प्रवृत्ति जयणापूर्वक करनी जहां निर्ध्वंश परिणाम हो वहां धर्म न...

शुभ योग आश्रव क्यों?

तत्त्व – दर्शन 🔹 तत्त्व वर्गीकरण या तत्त्व के प्रकार 👉जैन दर्शन में नवतत्त्व माने गये हैं – जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बन्ध, मोक्ष। 🔅 आश्रव यहां आश्रव के बीस भेदों का विवेचन किया जा रहा है : ✨5. योग आश्रव 🔹शुभ योग आश्रव क्यों? 👉 शुभ योग से दो कार्य होते हैं- शुभ का बंध और अशुभ कर्म की निर्जरा। शुभ कर्म का बंध होता है, इसलिए वह शुभ-योग आश्रव कहलाता है और कर्मों का क्षय...

दुखात आणि सुखातही प्रभूंचे नामस्मरण करायला हवे-साध्वी प.पू. सौम्यज्योतिजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: माणसाने दुखात आणि सुखातही प्रभूंचे नामस्मरण करायला हवे. केवळ सुख आले नाही तर दु:खात सुध्दा प्रभूला विसरुण जाऊ नये, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. सौम्यज्योतिजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात त्या बोलत होत्या. यावेळी विचारपीठावर संथारा प्रेरिका उपप्रवर्तीनी प. पू. सत्यसाधनाजी म. सा. व अन्य काही साध्वींची याप्...

परिवार शक्ति और आंतरिक ऊर्जा का केंद्र है- युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में आठवें वार परिवार की हुई विवेचना वारों में श्रेष्ठ वार है परिवार। यह शक्ति और आंतरिक ऊर्जा का केंद्र है। यह प्रत्येक कष्ट, समस्या का समाधान देने की क्षमता रखता है। भारतीय संस्कृति एवं जीवन पद्धति में परिवार का विशेष महत्व है। ये विचार एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने वारों की श्रृंखला में आठवें वार परिवार की विवेचना करते हुए कहे...

अशास्वत से हमे शास्वत के और जाना है

अशास्वत से हमे शास्वत के और जाना है! स्व के कल्याण सम हमे दुसरो के कल्याण का हमे भाव रखना है! साध्वी डॉ. राज श्री जी म.सा. आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ में ऐतिहासिक चातुर्मास आगे समापन के तरफ़ बढ़ रहा है! संतोका समागम आवश्यक है! श्रध्दालु श्रावक वो है ज्यो प्रभु महावीर के मार्ग पर चलें और गौरवशाली श्रावक बने यह विचार डॉ. राज श्री जी म. सा. ने रखे! अपने उद् भोदन मे साध्वी जिना ज्ञा श्री जी ने क...

चौथमलजी महाराज एकता, अहिंसा और साधर्मिक भक्ति के अग्रदूत थे – युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में सात वार में रविवार पर हुई चर्चा एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज ने बुधवार को सात वार की प्रवचनमाला में रविवार पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा रविवार उजाला देने वाला है। इसे सन्नी डे भी कहा जाता है। रवि का तेज भारी होता है। यह प्रभावकारी और आनंद दिलाने वाला है। उन्होंने कहा सूर्य के उदित होने पर साधु चर्या प्रारंभ होती ...

गुरु हवे तर चोथमलजी म. सा.सारखे-साध्वी प.पू. अर्हतज्योतीजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना:  दिवाकर सप्ताहाचा आजचा सातवा दिवस!  दिवाकर प.पूू.चोथमलजी म. सा. यांचा जन्म दिन उत्साहात साजरा करण्यात आला. गुरुंची दृष्टी आपल्यावर सातत्याने पडावी, असे वाटत असेल तर त्यासाठी गुरु हवे तर चोथमलजी म. सा. यांच्या सारखा! भगवान महावीरांची नुसती दृष्टी गौतमजींवर पडली होती, त्यातून त्यांचे कल्याण झाले, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. अर्हतज्योतीजी म. सा.यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परि...

क्रिया का उद्देश्य  अध्यात्मलक्षी हो तो ही आत्मबोध की प्राप्ति होगी

*💎प्रवचन वैभव💎*   *✨सद् उपदेशक:✨* *शासननिष्ठ सद्गुरु* *सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त* श्रुत साधक क्षमाश्रमण मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. ✒️ 1️⃣1️⃣4️⃣ 🪞 *_566)_* क्रिया का उद्देश्य अध्यात्मलक्षी हो तो ही आत्मबोध की प्राप्ति होगी.! *_566)_* आत्मबोध की आधार शिला पर प्रदेशीराजा ने संसार पार किया.! *_566)_* स्वभाव से विभाव में जाना अर्थात सुख से हाथ धोना.! *_566)_* निर्माण एवं विसर्जन दोनों स्वयं के ...

गुरुंवर आपली श्रध्दा असायला हवी-साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा.

Sagevaani.com /जालना: दिवाकर सप्ताहाचा आजचा सहावा दिवस! उद्या दिवाकर प.पूू.चोथमलजी म. सा. यांचा जन्म दिन उत्साहात साजरा करण्यात येणार आहे. त्यांनी दिक्षा घेतली तेव्हा केवळ पाच लोकं त्यांच्यासोबत होते आणि आता! आपली आत्मा परमात्मा बनावी, असे वाटत असेल तर अशा प्रभूंचे सातत्याने गुणगाण करायला हवे, असा हितोपदेश साध्वी प.पू. हर्षप्रज्ञाजी म. सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. तपोधाम परिसरातील गुरु गणेश सभा म...

जीवन में तकलीफ आए तो तप से जुड़ जाओ- युवाचार्य महेंद्र ऋषि

एएमकेएम में आठ वार की प्रवचनमाला एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी महाराज ने सात वार की प्रवचनमाला की श्रृंखला में कहा कि वारों का महत्व हमारे जीवन में रहा है, चाहे वह सात वार हो या आठवां वार। आप जब भी कोई कार्य करोगे तो वार का जरुर सोचोगे। चाहे सुख का प्रसंग हो या दुःख का, वार के बारे में सोचोगे। हमारे जीवन में वार की चर्चा होती रहती है।‌ उन्...

Skip to toolbar