Author: saadhak

“सच्च्या सुखाचा मार्ग – परमात्मभक्ती आणि सदाचार”

प्रवचन – 13.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) आज प्रत्येक माणसाला जीवनात सुख आणि शांती हवी आहे. मात्र दुर्दैव असे की, आजचा माणूस हे सुख भौतिक वस्तूंमध्ये शोधत आहे – कोणी गाडीत, कोणी मोबाईलमध्ये, तर कोणी प्रवासात. पण खरं सुख कुठे आहे? खरं सुख आहे – परमात्म्याच्या भक्तीत. परमात्म्याची भक्ती ही अशी अमूल्य गोष्ट आहे की जी माणसाला अंतःकरणातून शांतता देते. पण आपल...

हमारा मुस्कुराता हुआ चेहरा हमारे व्यक्तित्व में क्या-क्या बदलाव ला सकता है?- साध्वी स्नेहाश्रीजी म.सा.

 आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ मे उपप्रवर्तिनी महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकलाश्री जी म.सा. आदि ठाणा ३ का चातुर्मास जारी है ! आजके प्रवचन मे साध्वी स्नेहाश्री जी ने मुस्कुराते चेहरेपर उद्बोधन दिया! एक हंसता हुआ चेहरा व्यक्ति के खुले जीवन, अनुशासन , उसकी खुशनुमा जिंदगी , उसका मधुर व्यवहार, व्यक्ति का मित्रीत्व जीवन, समायोजन की शक्ति, शालीनता, अपनापन और रिश्ते की गहराई आदि विशेषताओं को दर्शाता है।...

जागतिक समाधान में अचूक रामबाण है- अणुव्रत : साध्वी उदितयशा

 श्रीमती सुभद्रा लुणावत बनी अध्यक्ष, कुशल बांठिया मंत्री  अणुव्रत समिति की नवगठित टीम का हुआ शपथ ग्रहण  Sagevaani.com / चेन्नई : अणुव्रत समिति चेन्नई की नवगठित टीम का शपथ ग्रहण समारोह साध्वी उदितयशा ठाणा 4 के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, साहूकारपेट में समायोजित हुआ।  अणुव्रत समिति महिला सदस्याओं ने अणुव्रत गीत मंगलाचरण से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। निवर्तमान अध्यक्ष ललित आंचलिया ने नवमनोनीत अध्यक्ष एवं ...

चातुर्मास बड़ी जोर शोर से

वड़गांव शेरी, पुणेमे प्रवर्तिनी भारतमाता प्रमोदसुधाजी म सा तथा सजक संथारा साधिका उपप्रवर्तिनी प्रियदर्शनाजी म सा इनकी सुशिष्याए प्रनवदर्शनाजी म सा तथा ईशदर्शनाजी म सा इनका 2025 का चातुर्मास बड़ी जोर शोर से भावपुर्ण वातावरण मे चल रहा है. हररोज 500 से 600 श्रावक , श्राविका स्थानक भवन मे पधारके इसका लाभ ले रहे है.  वड़गांव शेरी पुणे के अध्यक्ष श्री संतोषजी कटारिया और महामंत्री श्री हर्षदजी दुगड़ और स...

अहंकार रूपी जेब में ज्ञान रूपी धन नहीं टिकता

गांधीनगर, बैंगलोर चातुर्मास- वरुण वाणी श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय उपप्रवर्तक श्री पंकजमुनिजी म. सा. ने मंगलाचरण के साथ प्रवचन सभा का शुभारंभ किया एवं मधुर गायक परम पूज्य श्री रुपेशमुनिजी म. सा. ने गुरु पद्म अमर आरती के मधुर संगान के साथ सभा को भावविभोर कर दिया । तत्पश्चात दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगल...

परमसुख का अनुभव करोंगे तो आत्मा महान बन सकती है- महासाध्वी डॉ. संय्यमलताजी

सुख- महासुख-परमसुख इन तीन सुखो मे परमसुख का अनुभव करोंगे तो आत्मा महान बन सकती है- महासाध्वी डॉ. संय्यमलताजी का प्रतिपादन! रतलाम- जैन दिवाकरीय, दक्षिण चंद्रिका पु. डॉ. संय्यमलताजी म.सा. प्रखर वक्ता पु. डॉ.अमित प्रज्ञाजी म. सा. एकांतर तप आराधिका डॉ. कमल प्रज्ञाजी म.सा. एवं एकांतर तप आराधिका पुसौरभ प्रज्ञाजी म.सा. आदि ठाणा 4 धर्म नगरी रतलाम मे चातुर्मासार्थ विराजमान है! रतलाम नगरी से बड़े बड़े महान ...

भक्ति करने से मन को शांति मिलती है – साध्वी स्नेहा श्री जी

भक्ति करने से मन को शांति मिलती है, हृदय शुद्ध होता है, और आत्मा को आनंद की प्राप्ति होती है। – साध्वी स्नेहा श्री जी का उद्बोधन! इसके अतिरिक्त, भक्ति से मनुष्य के सभी प्रकार के पापों का नाश होता है, और वह अंदर और बाहर से शुद्ध हो जाता है। भक्ति का अर्थ है भगवान के प्रति समर्पण, निस्वार्थता, विनम्रता और श्रद्धा। जब कोई व्यक्ति सच्चे मन से भक्ति करता है, तो उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है, ...

जिसमें अपनी मेहनत लगती है, वही अपनी यात्रा होती है — डॉ. समकित मुनिजी म.सा

चेन्नई-पुरषवाक्कम स्थित एएमकेएम जैन मेमोरियल ट्रस्ट में विराजमान आगम ज्ञाता, प्रज्ञा महर्षि डॉ. समकित मुनिजी म.सा. ने शनिवार को अपने प्रवचन में कहा जिसमें अपनी मेहनत और प्रयास लगते हैं, वही हमारी सच्ची यात्रा होती है। इस संसार में सैकड़ों यात्राएँ हैं मधुबन की यात्रा है तो पतझड़ की भी यात्रा है। लेकिन जीवन में कुछ कर सको या न कर सको, समकित यात्रा जरूर करना। ‘परदेसी’ की कथा को आगे बढ़ाते हुए मुनिश्...

पाप काटने और पुण्य बढ़ाने के लिए वंदन आवश्यक है: श्रमण संघीय उप- प्रवर्तक श्री पंकजमुनिजी म. सा.

गांधीनगर, बैंगलोर चातुर्मास- वरुण वाणी श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय उप- प्रवर्तक श्री पंकजमुनिजी म. सा. ने मंगलाचरण के साथ प्रवचन सभा का शुभारंभ किया एवं मधुर गायक परम पूज्य श्री रुपेशमुनिजी म. सा. ने गुरु पद्म अमर आरती के मधुर संगान के साथ सभा को भावविभोर कर दिया तत्पश्चात दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ. श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने आज अपने...

“गुरु बिना ज्ञान अधुरा है” गुरु हमे जीने की कला सिखाते है!- साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

आज आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे “ गुरु- पौर्णिमा” महोत्सव मनाया गया! उपप्रवर्तिनी गुरुमॉं पु चंद्रकला श्री जी की सुशिष्या पु स्नेहाश्री जी म.सा. ने अपने उद् बोधन मे बताया गुरु वह दीपक हैं जो हमारे जीवन के अंधकार को दूर कर के हमें सफलता की राह दिखाते हैं। वे हमारे चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राचीन काल से ही भारत में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है — ...

तेरापंथ समर्पण, सेवा, समन्वय का साकार रूप : मुनि मोहजीतकुमार

 266 वां तेरापंथ स्थापना दिवस एवं गुरु पूर्णिमा मनाई गई  Sagevaani.com / किलपॉक,चेन्नई : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, किलपॉक के तत्वावधान में ‘266वाॅ तेरापंथ स्थापना दिवस’ भिक्षु निलयम के महाश्रमणम् हॉल में मुनि मोहजीतकुमार ठाणा 3 के सान्निध्य में विशाल उपस्थिति में मनाया गया।  मुनि मोहजीतकुमार ने कहा कि आचार्य भिक्षु ने त्रिपदी क्रांति की, जिसमें आचार, विचार अनुशासन के आधार पर इस...

भिक्षु चेतना वर्ष पर भिक्षु भजनोत्सव का हुआ आयोजन_

ऋषि दुगड़ की मधुर स्वर लहरीयों से भिक्षुमय बना भिक्षु निलयम  आचार्य भिक्षु कुशल विधिवेता, कवि, साहित्यकार थे : मुनि मोहजीतकुमार  Sagevaani.com /किलपाॅक, चेन्नई : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, किलपाॅक के तत्वावधान में, मुनिश्री मोहजीतकुमार के सान्निध्य में आचार्य श्री भिक्षु स्वामी जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के प्रथम चरण पर ‘भिक्षु भजनोत्सव’ विशाल धम्मजागरणा का कार्यक्रम भिक्षु निलयम के म...

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