Author: saadhak

स्वाध्याय भवन में रात्रि संवर साधना

परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री हीराचंद्रजी म.सा. की नेश्राय में श्रावकों,स्वाध्यायी गणों व युवकों रात्रि संवर साधना जोधपुर में गतिमान हैं | गुरु भगवंतों की असीम कृपा एवं मार्गदर्शन से ऐसी भावना बनी है कि इस वर्ष चेन्नई चार्तुमास में प्रतिदिन श्रावक वर्ग का रात्रिकालीन संवर हों,इसमें श्रावक, युवा सभी का पूर्ण सहयोग हमें अवश्य मिल रहा हैं | अनंत पुण्यवाणी से व्याख्यात्री महासती श्री सुमतिप्रभाजी म.सा. ...

जैन धर्मात विश्वधर्म बनण्याची शक्ती-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : जैनांमध्ये म्हणजेच जीन शासनात विश्वधर्म बनण्याची शक्ती सामावेली आहे, परंतू अनुयायी चांगले मिळाले नाहीत, असा हितोपदेश प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात  प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना प.पू.रमणीकमुनीजी म. सा. यांनी महाराष्ट्रातीलच काका कालेकर यांचे नां...

आनंदाचा खरा मार्ग : आत्मप्रबोधनातून सुखाकडे

प्रवचन – 15.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) लाखो वर्षांपासून मानवतेपुढे एक प्रश्न उभा आहे – या मानवी जीवनाचे अंतिम प्रयोजन काय आहे? मानव जन्मल्यापासून मृत्यूपर्यंत एकच गोष्ट शोधतो – सुख! सकाळपासून संध्याकाळपर्यंत तो धावत असतो, झटत असतो, प्रयत्न करत असतो – सुख मिळवण्यासाठी. ब्रह्मचारी संयम पाळतो, विद्यार्थी अभ्यास करतो, व्यापारी व्यवसाय करतो… पण तरीही खरी ...

मनोबली ही कर सकते तपस्या : – मुनि दीपकुमार

दो बहनों ने आठ दिन के तप का प्रत्याख्यान किया Sagevaani.com / पल्लावरम : तमिलनाडु के पल्लावरम क्षेत्र में स्थित तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री दीपकुमारजी ठाणा-2 के सान्निध्य में प्रवचन के मध्य दो तपस्वी बहनों ने अठाई तप (8दिन की तपस्या) का प्रत्याख्यान ग्रहण किया।  मुनि दीपकुमार ने कहा कि मनोबली, संकल्पबली व्यक्ति ही तपस्या कर सकते हैं। दुनिया में अनेक प्रकार क...

हमें ज्ञान और अनुभव है,इसलिए हम विनम्र है

हमे दुसरोंका सन्मान कराना सिखाती है!- साध्वी स्नेहाश्री जी का उद्बोधन आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे चातुर्मासार्थ विराजीत उपप्रवर्तिनी पु.चंद्रकलाश्रीजी म. सा. आदिठाणा 3 का चातुर्मास चल रहा है! प्रवचन की श्रुखला मे साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा. ने कहा झुकना सिखिये प्रकृति से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पेड़ों की झुकी हुई डालियाँ हमें विनम्रता का पाठ पढ़ाती हैं। जब फल लगते हैं,...

भारतीय संस्कृति चित्र की नहीं चारित्र की पुजारी है= डाॅ. वरुण मुनि

श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय उद्गार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि युग की आदि करने वाले अनंत उपकारी परमात्मा प्रभु श्री आदिनाथ भगवान को हम वंदन-नमन करते हैं, जिन्होंने जगत के जीवों को संसार के मार्ग के साथ दान-शील-तप भावना और ज्ञान-दर्शन-चरित्र-तप रूपी मोक्ष मार्ग का दिग्दर्शन कराया। ज्ञा...

विश्व विजेता से महान होते हैं- आत्म विजेता= डाॅ. वरुण मुनि

धर्म परिवर्तन नहीं, जीवन परिवर्तन करवाते हैं- जैन संत श्री गुजराती जैन संघ, गांधीनगर, बेंगलुरू में चातुर्मासार्थ विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार प. पू. डॉ श्री वरुणमुनिजी म. सा. ने अपने मंगलमय उदबोधन में फरमाया कि जैन शब्द जन शब्द से बना है । जब जन शब्द पर विनय और विवेक की दो मात्राएं लग जाती हैं तो वह जैन बन जाता है । जैन वह है जो जिन का उपासक है । जैन किसी के धर्म परिवर्तन में विश्वास नहीं...

डॉ. कुमुदलताजी के सानिध्यमे सानिध्य मे भिलवाडा( राजस्थान) में मनाया गया भामाशा, शिक्षा महर्षि CA रमेशजी फिरोदिया का जन्मदिवस

अनुष्ठान आराधिका पु.डॉ. कुमुदलताजी के सानिध्यमे सानिध्य मे भिलवाडा( राजस्थान) में मनाया गया भामाशा, शिक्षा महर्षि CA रमेशजी फिरोदिया का जन्मदिवस! भिलवाडाः अनुष्ठान आराधिका पु. डॉ. कुमुदलताजी म.सा. मधुर गायिका तप आराधिका पु. महाप्रज्ञाजी, वास्तु विशारद वर्षितप आराधिका पु. डॉ. पद् मकिर्ती जी म.सा. वर्षितप आराधिका पु राजकिर्ती जी म.सा. आदि ठाणा 4“ दिवाकर दरबार” सुभाष नगर भिलवाडा मे चातुर्मासार्थ विरा...

पुण्य शक्ती तर धर्म आम्हाला सहनशक्ती देतो-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : पूर्वी शाळेत सर्व मुले एकत्रीत बसत होती. त्याठिकाणी मग कुणी ब्राम्हण असेल तर कुणी, वैष्णव, तर कुणी अन्य कुणी! मी पन्नास वर्षाची जिंदगी पाहिली. पण आता! काय झाले आम्हाला! पुण्य शक्ती देत असेल परंतू धर्म आम्हाला सहनशक्ती देतो, यातच सर्व काही आले, असे प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. बोलत होते. य...

स्वप्न – आत्मशुद्धीचा संकेत

प्रवचन – 14.07.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) स्वप्न म्हणजे केवळ झोपेमध्ये आलेली दृश्ये नव्हे, तर आत्म्याच्या अंतर्गत शुद्धतेचे, संस्कारांचे आणि भविष्याच्या संकेतांचे दार. सामान्यतः स्वप्न म्हणजे मेंदूत निर्माण होणाऱ्या चित्रछटा.परंतु जैनधर्मानुसार स्वप्न म्हणजे आत्मशुद्धीचे, शुभ संस्कारांचे, आणि आध्यात्मिक उन्नतीचे संकेत. स्वप्न हे मनाच्या स्थितीचा आरसा आह...

मंत्र दीक्षोत्सव का भव्य समायोजन

Sagevaani.com /किलपॉक, चेन्नई : अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद् चेन्नई द्वारा किलपॉक में ‘मंत्र दीक्षोत्सव’ का समायोजन मुनि मोहजीतकुमारजी के सान्निध्य में किया गया। जिसमें चेन्नई की अनेक ज्ञानशालाओं के ज्ञानार्थियों ने भाग लिया।  ज्ञानार्थियों को ज्ञानशाला के महत्व को समझाते हुए मुनि मोहजीतकुमारजी ने कहा कि ज्ञानशाला का अभिनव उपक्रम आचार्य तुलसी ने अ...

कुमुदलताजी के सानिध्य मे भिलवाडा में मनाया गया भामाशा, शिक्षा महर्षि रमेशजी फिरोदिया का जन्मदिवस

अनुष्ठान आराधिका पु.डॉ. कुमुदलताजी के सानिध्य मे भिलवाडा( राजस्थान) में मनाया गया भामाशा, शिक्षा महर्षि CA रमेशजी फिरोदिया का जन्मदिवस! भिलवाडाः अनुष्ठान आराधिका पु. डॉ. कुमुदलताजी म.सा. मधुर गायिका तप आराधिका पु. महाप्रज्ञाजी, वास्तु विशारद वर्षितप आराधिका पु. डॉ. पद् मकिर्ती जी म.सा. वर्षितप आराधिका पु राजकुर्ती जी म.सा. आदि ठाणा 4 “ दिवाकर दरबार” सुभाष नगर भिलवाडा मे चातुर्मासार्थ विराजमान है !...

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