Author: saadhak

दीक्षार्थी मुमुक्षु हनुमान मल जी दूगङ का मंगलभावना समारोह

तप साधक विजय जी पटवा [27दिन] का तपोभिनंदन समारोह   युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य डाॅ मुनिश्री ज्ञानेन्द्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गुवाहाटी के तत्वावधान में आज दीक्षार्थी मुमुक्षु हनुमान मल जी दूगङ का मंगलभावना एवं मासखमण की तपस्या करने वाले तप साधक विजय जी पटवा [ 27 दिन ] की तपस्या पर तपोभिनन्दन समारोह क...

अनंत चतुर्दशी सामुहिक पारणा

अनंत चतुर्दशी सामुहिक पारणा – चार पीढ़ी एकसंघ श्री पोपटलालजी गुगळे परिवार द्वारा आयोजन ! आज अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ की सुश्रावुकाओं के लिए चार पिढी साथ मे रहनेवाले गुगळे परिवार द्वारा सामुहिक पारणे का आयोजन किया गया था! 42 सुश्राविका ने अनंत चौदस का उपवास कर श्री संघ की शान बढाई! पारणे पुर्व सभी जैन विधियोंका नियोजन सौ शारदा जी चोरडीया ने किया! श्रीमान ...

तप में अपरिमित शक्ति है – मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

तप साधिका सुश्री ऐश्वर्या बोथरा के 11 की तपस्या पर तपोभिनंदन टीपीएफ की ए स्पेशल सेशन ऑन हेल्थ एंड कैरियर गाइडेंस कार्यशाला आयोजित   आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य में मंगलवार को स्थानीय तेरापंथ धर्मस्थल में तप साधिका सुश्री ऐश्वर्या बोथरा (सुपुत्री : राकेश-एकता बोथरा, रतनगढ़) के...

ध्याला काही पैसे लागत नाहीत ते सुध्दा अत्भूत आहे-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : ध्याना काही पैसे लागत नाहीत, तेही अत्भूत आहे, प्रत्येकानेच ध्यान मग्न राहयाला हरकत नाही, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना श्रमणसंघीय सलाहकार, वा...

तपस्या में ही हुई थी तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

तेरापंथ धर्मस्थल में 223वां भिक्षु चरमोत्सव एवं मासखमण तपोभिनंदन समारोह  आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार जी एवं मुनिश्री रमेश कुमार जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में 223वां भिक्षु चरमोत्सव तथा तपस्वी श्रीमान राजेंद्र भंसाली के मासखमण (30 दिन) एवं युवा तपस्वी प्रवेश बैद (17 दिन) के तप के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को तेरापंथ धर्मस्थल में भव्य समारोह का आयोजन किया गया,...

भिक्षु की भव्य शिक्षाएँ, खोले नई दिशाएँ – साध्वी उदितयशा

223वाॅ भिक्षु चरमोत्सव दिवस का आयोजन साहूकारपेट, चेन्नई : तेरापंथ संस्थापक आचार्य भिक्षु का 223वाॅ चरमोत्सव दिवस तेरापंथ भवन साहूकारपेट में साध्वी उदितयशाजी के सान्निध्य में मनाया गया।  ध्यान, संकल्प से बन सकते है प्योर, क्योर  भिक्षु मंगल स्तुति संगान से कार्यक्रम में केन्द्र द्वारा निर्दिष्ट विषय ‘आचार्य भिक्षु की अंतिम शिक्षा’ को व्याख्यायित करते हुए साध्वीश्री ने कहा कि आचार्य भिक्...

गुरुर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः

*“गुरुर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः*  *गुरूर्देवो महेश्वरः*  *गुरुः साक्षात् परब्रह्म*  *तस्मै श्री गुरवे नमः।”*. आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसरपर आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे साध्वी स्नेहाश्री जी म. सा. गुरु का महत्व विशद कर हमे संस्कार क्षम बनाने, जीवन के मुल्य समझाने मे एवं कार्यक्षम बनाने महत्वपुर्ण भुमिका निभाते है! स्नेहाश्री जी ने अपने गुरुमॉं पु. चंद्रकलाश्री जी म. सा. ...

जीवन की सुन्दरता का रहस्य: साध्वी संबोधि

जो व्यक्ति न्याय, नीति और धर्मपूर्वक अपना जीवनयापन करते हैं, दूसरों के प्रति सहानुभूति, दया, क्षमा, सेवा, समता, करुणा, आत्मोपम्य का भाव रख कर जीते हैं, ऐसे लोग दूसरों के हृदय पर शासन करते हैं। उनकं सम्पर्क में आने वाले लोग उन्हें प्रणाम, वन्दन-नमन करते हैं, उनके गुणगान करते हैं, परन्तु वे किसी से ऐसी अपेक्षा नहीं करते। वे प्रशंसा करने वालों पर राग और निन्दा करने वालों या उपेक्षा करने वालों के प्रत...

सत्संग से जीवन निर्माण : साध्वी संबोधि

कोई भी मानव अपने जन्म के साथ ही विद्वता, वीरता अथवा कोई अन्य उल्लेखनीय योग्यता लेकर नहीं आता। वह आगे जाकर जो कुछ भी बनता है, केवल संगति से ही बनता है। विद्वत्-कुल में जन्म लेने वाला शिशु यदि कुसंगति में पड़ जाए तो चोर, डाकू, जुआरी और शराबी बन जाता है तथा हीन कुल में जन्म लेने वाला बालक सुसंगति पाकर महान्, विद्वान और साधु पुरुष बनकर संसार में जनमानस का श्रद्धापात्र बनता है। असज्जन भी सज्जनों की संग...

वीरथिईमाध्यमातून जे अमृत मिळाले ते अत्भूत आहे-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : प्रभू महावीर जे आहेत, जसे आहेत, तसेच ते तुम्हा-आम्हाला लाभले, हे आमचे भाग्य समजतो, वीरथिईच्या माध्यमातून जे अमृत मिळाले ते अत्भूत आहे, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थ...

पूज्य श्री कांतिमुनीजी म सा स्वास्थ्य अपडेट

श्री मरूधर केशरी जैन वैयावच्च समिति चेन्नई जैन भवन साहुकार पेट में आंशिक रूप से स्वास्थ्य लाभ के लिए स्थानांतरित श्रमण संघीय पूज्य गुरुदेव श्री कांतीमुनि जी महाराज सा के स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए जैन भवन में चातुर्मास रत राष्ट्रीय संत श्री कमलमुनि जी महाराज सा के पावन सानिध्य में श्री मरूधर केशरी जैन वैयावच्च समिति के ट्रस्टीयों की एक आपातकालीन बैठक हुई जिसमें समिति के पदाधिकारी-सम्माननीय ...

दो तपस्वियों का तपोभिनंदन समारोह

महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डाॅ ज्ञानेन्द्र कुमार जी , मुनि श्री रमेश कुमार जी आदि ठाणा -4 के पावन सान्निध्य में तेरापंथी सभा के तत्वावधान में आज दो तपस्वियों का तपोभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। श्रीमती शांतिदेवी सुराना-8 की तपस्या, नरेंद्र जी सुराणा -8 दिन की तपस्या का प्रत्याख्यान करने के लिए तेरापंथ धर्मस्थल गूवाहाटी में उपस्थित हुए।    मुनिश्री डाॅ ज्ञानेन्द्र कु...

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