Author: saadhak

निंदा कोणाचीही करु नका-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा

जालना : निंदा कोणाचीही करु नका. आपल्याकडे कितीही दौलत असू द्या, आपल्याकडे कितीही सुंगधांच्या बाटल्या असू द्या. मात्र पाण्यानेच तहान भागते. आणि भूका व्यक्ती हॉटेलचं धुंडाळतो, म्हणूनच कोणाचीही निंदा करु नका, निंदा करण्यापासून हमेशा दूर रहा, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सल...

प्रभु की भक्ति श्रद्धा भाव से करेंये डा. श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म सा ने रविवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति , पूजा , भारतीय संस्कृति की एक आदर्श विशेषता है। यहां भगवान की पूजा होती है और गुरु की आदर भक्ति होती है। यहां अतिथि का भी आदर सत्कार किया जाता है। यह अतिथि की पूजा ही है। उन्होंने प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की स...

यूनिकेम सिस्टम एसपी टी-20 सीजन 6 

क्रिकेट प्रतियोगिता का शानदार समापन राइजिंग रॉयल्स टीम बनी चैंपियन चेन्नई : तेरापंथी पारिवारिक क्लब श्रृंगार परिवार के तत्वावधान में आयोजित यूनिकेम एसपी टी-20 सीजन 6 क्रिकेट प्रतियोगिता सहप्रायोजक वी आर ज्वेल क्राफ्ट्स का फाइनल मैच दर्शकों से भरपूर स्टेज क्रिकेट स्टेडियम, रेड हिल्स चेन्नै में रविवार को खेला गया।  फाइनल के रोमांचक मैच में राइजिंग रॉयल्स ने जेएमसी इंडियंस को तीन विकेट से हराकर विजेत...

वन बन्धु परिषद राष्ट्रीय महिला समिति की बैठक 3 एवं 4 सितंबर को रांची में संपन्न हुई

    यह आयोजन रांची, धनबाद, और जमशेदपुर महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। बैठक में पूरे भारत वर्ष से 35 महिला समिति की लगभग 250 सदस्यों ने इसमें भाग लिया और अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।    बैठक की अध्यक्षता आर एम एस प्रेसिडेंट श्रीमती विनीता जाजू ने की चैप्टर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश माहेश्वरी राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष ,नीरज हिरोडिया एवं श्री श्याम जी गुप्त की विशेष उपस्थिति रही।   निवर्...

हे प्रभू तुझ्या आठवणीत हा देह पडू दे-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : या दिलाला तुझ्याशिवाय काहीच नको आहे. हे प्रभू तुझ्या आठवणीतच हा देह पडून राहून दे, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पुढे बोलतांना श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे ज...

आकुर्डी स्थानक भवन में “ लाखिना “ आयंबील का आयोजन

आकुर्डी स्थानक भवन में “ लाखिना “ आयंबील का आयोजन 63 आराधको ने किया आयंबील! आज आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे गुरुमॉं पु चंद्रकलाश्री जी म. सा. के मुखान्वये 63 धर्म आराधक- आराधिका ने लाखिना आयंबील के प्रत्याख्यान लिए! शासन सुर्यां पु स्नेहाश्री जी म.सा. ने लाखिना आयंबील का महत्व विशद किया! आयंबील व्यंजन में भी केवल तीन चिजो का उपयोग किया गया! आज के लाखीना आयंबील के लाभार्थी बने इ...

चरित्र निर्माण: साध्वी संबोधि

मानव का मन भावनाओं का एक अक्षय भंडार होता है। इसे सागर की उपमा दी जाए तो भी अतिशयोक्ति नहीं है। सागर में जिस प्रकार प्रतिपल असंख्य लहरें आती और जाती है, उसी प्रकार मन में भी निरन्तर भावनाओं की लहरें उठती रहती है। उसमें कुछ शुभ और कुछ अशुभ होती हैं, वही भावनाएं मनुष्य के चरित्र का निर्माण करती है। शुभ भावनाएं उत्तम संस्कारों को बनाती है, अशुभ भावनाएं कुसंस्कारों को। जिस प्रकार एक ही क्यारी में कान्...

स्वाध्याय भवन में भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को पक्खी पाक्षिक पर्व तप-त्याग पूर्वक मनाया

चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन में भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा पक्खी पर्व जप-तप- त्याग पूर्वक मनाया गया | श्रद्धालुओं द्वारा आलोयणा का पाठ किया गया | अनन्त चतुर्दशी पर्व पर स्वाध्यायी बन्धुवर श्री कांतिलालजी तातेड़,श्री ए नवरतनमलजी बागमार ने चार प्रहर के पौषध व्रत एवं श्री वीरेन्द्रजी ओस्तवाल,श्री दीपकजी श्रीश्रीमाल व श्री योगेशजी श्रीश्रीमाल ने रात्रिकालीन संवर क...

स्वर्ग नरक के भेद में हमारा शास्वत घर मोक्ष है- साध्वी स्नेहा श्री जी म.सा.

जहॉं पर सब कुछ अच्छा अच्छा है उसे स्वर्ग कहते हैं और जहॉं पर दुःख ही दुःख है वहॉं पर नरक कहते है! स्वर्ग नरक के इस भेद में हमारा शाश्वत घर मोक्ष है! यदि हाय क्लास चाहिये तो तयारी भी फर्स्ट क्लास करनी होगी! मानव जन्म दुर्लभ है ज्यो हमें मिला है! जिनवाणी का श्रवण कर आत्म कल्याण करना आवश्यक है! आज चंद्रग्रहण है ! उसका महत्व हानी फायदा आदि साध्वी स्नेहाश्री जी ने गुरुमॉं के आज्ञा से समझाया एवं जप आराध...

प्रभू भगवान महावीरांचा अगोदर अनुभव तर करा-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : आपको भगवान महावीर का अनुभव करना है। भगवान महावीर केवळ अनुभव घेण्यासाठी नाही तर ते आम्हाला जी देसना देतात, लगात्तार बोलण्याच सामार्ध्य कोणात आहे. हे सामार्ध्य केवळ आणि केवळ भगवान महावीरांमध्येच आहे, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीक...

दोष आणि गुणांचा अगोदर विचार तर करा-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : दोषाने मनुष्यातील अंतर वाढत जाते तर गुणांमुळे हेच अंतर कमी होते, म्हणूनच अगोदर दोष- गुणांचा विचार प्रत्येकानेच करायला हवा, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित विशेष प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची उपस्थिती होती. पु...

जिनशासन के दैदीप्यमान नक्षत्र थे आचार्य श्री जयमल जी महाराज- डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म सा ने रविवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को महान आचार्य श्री जयमल जी महाराज की 338 वीं जन्म जयंती पर उनके महान संयमी विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर सारगर्भित प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य श्री जयमल जी महाराज जिनशासन के एक दैदीप्यमान नक्षत्र थे। उन्होंने अपने ज्ञान, साधना,तप, संयम साधन...

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