मंडी डबवाली में श्री वीरकांता महासाध्वी ठाणे 4 का पावन चातुर्मास चल रहा है। आज साध्वी डॉ. अर्पिता जी ने फरमाया – सामायिक अनमोल है। सामायिक समता लाती है। सामायिक करने से व्यक्ति नरक में नहीं जाता । समभाव से जीवन की यात्रा सरल हो जाती है। जीवन में समता आने से हर परेशानी को सरलतापूर्वक दूर में कर सकते हैं । इतिहास में राजा श्रेणिक पूणिया श्रावक से सामायिक खरीदने गए तो वो भी सामाविक को बेच ना पाए । सामायिक के 2 प्रकार परमात्मा ने बनाए है ।
1. द्रव्य सामायिक 2. भाव सामायिक
भाव सामायिक से मोक्ष की प्राप्ति शीघ्र होती है।
वर्तमान में सामायिक का फल अगर लोगों को पता चल जाए तो सामायिक से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। आज गुरुणी जी के साथ में रहने वाली मुमक्षु खुशी जैन की तपस्या की लडी मे आयम्बिल का मासखमण पूरा हुआl
वैराग्न बहना खुशी का भव्य अभिनंदन व अनुमोदन किया गया। जानकारी देते हुए प्रधान सुभाष जैन पप्पी ने बताया कि इस कार्यक्रम में युवती मंडल, युवक मंडल के अलावा अनेक जैन श्रद्धालु सदस्यों ने भाग लिया ।







