चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में साध्वी सिद्धिसुधा के चातुर्मास पूर्ण होने पर एसएस जैन संघ के तत्वावधान में मंगलवार को कृतज्ञता ज्ञापन समारोह का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। साध्वी सिद्धिसुधा ने कहा कि चातुर्मास का अंतिम पल आ गया।
धर्म मे जागृति के लिए यह मौका मिलता है। जैसे प्रकास सभी को रोशनी प्रदान करती है वैसे ही चातुर्मास लोगश में उजाला के लिए होता है। चार महीने खत्म हो गए सोच के जीवन में जो सीखा है उसे भूलने की जरूरत नहीं है बल्कि उसको अपनाते हुए जीवन का कल्याण करना चाहिए।
अगर कुछ नहीं किया तो जैसे चार महीने निकल गए वैसे ही जीवन भी निकल जाएंगे। साध्वी सुविधि ने कहा कि चातुर्मास शुरू होते ही आत्मा की सफाई का कार्य शुरू हो जाता है। इस चार महीने में साहुकारपेट के लोगो से लगाव बना। सबने हमको जाना सबको हमने जाना।
अगर इस दौरान हमारी ओर से कोई भूल हुई हो तो अंतःकरण से क्षमा याचना करते है। जब हम यहां आए तो लोगो मे सवाल उठ रहा होगा कि महाराज कैसे होंगे। अब लोगो मे ऐसे सवाल नहीं उठ रहे होंगे। संघ से हमे बहुत सहयोग मिला। चार महीने तक हम आपके बंधन में थे पर आज हम मुक्त हो गए अब विहार के समय जो मन वो कर सकते है।
उन्होंने कहा कि हमे जो मिला था हमने आप मे बांट दिया। देने के साथ जो अच्छा लगा उसको हमने सीखा है। यही आसा है कि जो हमने सीखा है वह हम आगे बढ़ाए और जो आपने सीखा है उसे आप बढ़ाये। संघ अध्यक्ष अनंदमल छलानी ने स्वागत भाषण देते हुए साध्वी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। चातुर्मास की साफलता के लिए सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ का आभार जताया।
संघ उपाध्यक्ष महावीर सिसोदिया, पंकज कोठारी, चंपालाल बोथरा, जवरीलाल कर्णावत और हस्तीमल खटोड़ समेत अन्य लोगों ने चातुर्मास की प्रसंसा करते हुए साध्वी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पापु लुनिया ने संघ के सभी पदाधिकारियों का शाल माला मोमेंटो द्वारा सम्मान किया।
संघ द्वारा जय संस्कार महिला मंडल और संस्कार मंच समेत चातुर्मास में सहयोग देने वाले सभी समिति के सदस्यों का सम्मान किया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुरेश कोठारी जेपी ललवानी कोषाध्यक्ष गौतम चंद दुगगड मदन खाबीया दुलीचंद छाजेड सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। संघ मंत्री मंगलचंद खारीवाल ने संचालन किया।