श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ कम्मनहल्ली में प.पू. आगमश्रीजी म.सा. ने आगम के माध्यम से बताया आज हमें शासन में प्रवेश पाने के लिए वेश की महत्ता है। आज हमारी कैसी वेशभूषा है। उदायन राजा ने साधु के दर्शन कर अपने प्राण त्यागे। यह वेश भी परिवार को पलटा देता है। वेश से ही दुनिया में पहचान है।
प.पू. धैर्याश्रीजी म.सा. ने बताया श्रावक न्याय प्रिय हो । हर व्यक्ति को सही मायने में न्याय नहीं मिलता तो वह भी भटक जाता है । आज हम लड़ पडते एक इंच धरती के लिए, हल विहल का दृष्टांत बताकर समझाया।
क्यों लड़ता है? आज मानव आसक्ति के कारण लड़ रहा वस्तु आसक्ति में ही बुलाया है। अध्यक्ष विजयराज चुत्तर ने बताया आज अन्नदान किया गया। मोक्षद्वार सम्पादक गौतमचंद्जी ओस्तवाल एवं गणमान्य मौजूद रहे। संचालन मंत्री हस्तीमल बाफना ने किया।




