सहजता, सरलता, सहिष्णुता की संगम स्थली है – नारी : साध्वी अणिमाश्री
चेन्नई साहुकारपेट :- साध्वी अणिमाश्री के सान्निध्य में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई के तत्वावधान में तेरापंथ भवन में वृहद जैन महिला सम्मेलन ‘संगम’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमे मंदिरमार्गी एवं स्थानकवासी समाज से लगभग पैंतीसमंडल की बहनों ने संभागिता दर्ज कराई। सभी बहिनें इस कार्यक्रम से अत्यधिक प्रभावित हुई एवं भावना व्यक्त की कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए ताकि एकजुटता बढ़ती रहे। साध्वी अणिमाश्री ने अपने उद्बोधन में कहा आज महिला सम्मेलन संगम कार्यक्रम हो रहा है।
संगम के अनेक प्रकार है – पारिवारिक संगम, सामाजिक संगम, जातीय संगम, भाई-बहन का संगम, दोस्त-संगम। पर यह संगम इससे हटकर है। यह संगम है आत्मिक गुणों का। हमारे जीवन में संगम हो, सरलता, सहिष्णुता व सहजता का। संगम हो जीवन में गंभीरता, विनम्रता व शालीनता का। संगम हो जीवन में ओजस्विता, वर्चस्विता व तेजस्विता का। संगम हो जीवन में प्रेम, सौहार्द व समन्वय का। संगम हो जीवन में मैत्री, करुणा व दया का। मधुरता, व्यवहारकुशलता व मिलनसारिता का। अगर जीवन इन गुणों की संगम स्थली बन गया तो जीवन आनन्दमय व सदाबहार बन जाएगा।
रिश्तों में मीठासभर जाएगा। अपेक्षा है हमारी बहिनें इन गुणों को आत्मसात करे। साध्वी श्री ने कहा- हमारे जीवन में सरलता का अवतरण होना चाहिए। माया-कुटिलता, छल-कपट जीवन को तनावग्रस्त बनाते है। सहजता हमारी सहचरी होनी चाहिए। सहिष्णुता हमारी प्रिय सखी होनी चाहिए। तीनों गुणों से संपन्न व्यक्तित्व निराला एवं प्रभावशाली बनता है। इसलिए हर बहन प्रभावशाली व्यक्तित्व से संपन्न बने। साध्वीश्री ने कहा चेन्नई महिला मंडल की बहनों ने, अध्यक्ष, मंत्री, संयोजिका व पूरी टीम ने अच्छा श्रम किया है। आज बहनों का श्रम मुखर हो रहा है। सभी को साधुवाद। डॉ साध्वी सुधाप्रभा ने प्रभावी मंच संचालन करते हुए कहा वह कौनसा फूल है, जिसमें नारी के श्रम की सुवास न हो। वह कौनसा दीप है, जिसमें नारी के कर्तत्व का प्रकाश न हो। वह कौनसा पोथी का पन्ना है जिसमें नारी के शौर्य की कहानी न हो। हम सिर्फ इतिहास पढ़कर ही खुश न हो। इतिहास बनाने का जज्बा पैदा करें। साध्वी कर्णिकाश्री ने कहा जिस गृहलक्ष्मी के हृदयसागर मे प्रेम हिलोरे लेता है, वह घर श्रीसंपन्न एवं शक्ति संपन्न होता है। जीवन में, प्रेम, विश्वास साहस का संगम होना चाहिए।
साध्वी मैत्रीप्रभा ने कहा उगते सूरज का विश्लेषण व ढलती सांझ की कहानी का नाम है- नारी। महिला वह होती है, जिसके भीतर ममता, हिम्मत व लज्जा होती है। इन तीनों गुणों से संपन्न महिला श्रेष्ठ, प्रणम्य व सम्मानीय बन सकती है। साध्वी समत्वयशा ने गीत का संगान किया। मुख्य अतिथि जैन महिला महासंघ की निवर्तमान अध्यक्षा श्रीमती कमला मेहता ने कहा- हमारी बहनें हर क्षेत्र में गति-प्रगति कर रही है। विकास के परचम फहरा रही है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जिसमें महिलाओं ने अपने कदम न रखे हो। अपनी योग्यता व क्षमता के आधार पर विशिष्ट पहचान बनाई है। बहनों में गुणों का संवर्धन होता रहे। मुख्य वक्ता सेवारत्न सुश्री रमिला जैन ने कहा- पैसे व धन दौलत से कोई परिवार सुखी नहीं हो सकता। गुणी परिवार ही वास्तव में सुखी परिवार है। हमारी बहिने गुण-रत्नों की खान है। सरलता, सहजता व सहिष्णुता की स्तंभ है, रीढ है, ये गुण वृद्धिगत होते रहे ताकि घर मजबूत रहे।
महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा हिरण ने आगत-अभ्यागत का स्वागत किया। अभातेममं कार्यकारिणी सदस्या श्रीमती अनिता चौपड़ा, अंबतुर महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती आशा पोखरणा, एस. एस. जैन महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती तारा लुंकड, महामंडल अध्यक्षा श्रीमती अनिता सुराणा, महावीर इन्टरनेशनल से सुनिता खारीवाल, सिवाची जैन संगीत मंडल से मंजु जैन, बाली महिला मंडल की अध्यक्षा मधु बोहरा ने विचार व्यक्त किए। श्रीमती मंजु, ममता, स्नेहा, सुमित्रा, पिनल, बसंता, प्रियंका, रानी ने मंगल संगान किया। कार्यक्रम का प्रारंभिक संचालन मंत्री श्रीमती रीमा सिंघवी ने किया। आभार ज्ञापन संयोजिका कंचन भंडारी ने किया। श्रीमती हेमलता नाहर, रक्षा आच्छा, अन्जु आच्छा, दिव्या बोहरा, वंदना पगारिया, वनिता गेलड़ा, श्रुति आच्छा, दिशा, कृपा ने स्वागत गीत की मनभावन प्रस्तुति दी। श्रीमती लता पारेख, दमयन्ती बाफना, गरिमा, शिखा, निर्मला घल्लाणी, कंचन भंडारी, वसंता बाबेल, रानी मांडोत, पूजा भंडारी, किरण मुथा, कोमल सिंघवी व भावना बाबेल ने पोपेट शॉ के माध्यम से लघुनाटिका की रोचक प्रस्तुति दी।
सुमन बरमेचा, अल्का खटेड, गुणवंती खांटेड़, मन्जु चिप्पड़, संगीता आच्छा, कनक पुगलिया आदि बहनों का भी सहयोग रहा। महिला मंडल की ओर से आगन्तुक अतिथियों का स्वागत किया गया। महिला मंडल की और से कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि का मोमेंटो एवं साहित्य के द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका का भी मोमेंटो द्वारा सम्मान किया गया। उपस्थित सभी मंडलों का साहित्य द्वारा सम्मान किया गया।
स्वरुप चन्द दाँती, प्रचार प्रसार प्रभारी
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चेन्नई



