श्रीजी वाटिका में पहले दिन हुआ श्री नाकोड़ा भैरव पूजन अनुष्ठान
सोमवार को श्री सिद्धचक्र महापूजन व इंटरनेशनल ड्रमर शिवमणि की होगी प्रस्तुति
इंदौर। 54 बघियों में माँ पद्मावतीजी के 54 स्वरूप लिये श्रद्धालु, विभिन्न बैंड के स्वरमयी धुनों, ढोल ताशों के साथ घोड़े, ऊंट व उनसे आगे विभिन्न पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाएं।
विशाल चांदी के दिव्य रथ में विराजित 350 वर्ष पुरानी प्रभु पार्श्वनाथजी की प्रतिमा के पूजन वंदन के साथ रथ को इंद्र रुप-पूजा वस्त्रों में खींचते हुए श्रद्धालु तथा पालकी में विराजित कृष्णगिरी शक्तिपीठाधीपति, राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा. की पावन निश्रा, जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा गुरुवंदन-बधावणा।
यह नजारा था रविवार की सुबह यहां नवरात्रि के पावन पर्व के आगाज का। स्थानीय खालसा स्टेडियम से श्रीजी वाटिका के बीच विशाल काफिले ने इंदौर के इतिहास में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में नया कीर्तिमान रच डाला।
जी हां, राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी की पावन प्रेरणा से श्री नवरात्रि दिव्य आराधना भक्ति महामहोत्सव समिति के तत्वावधान में 10 दिवसीय भक्ति आराधना के पहले दिन खालसा स्टेडियम से पार्षद भरत पारेख, लता लड्ढा व टीनू जैन ने रथयात्रा को जैनध्वजा दिखाकर रवाना किया। महामहोत्सव के अध्यक्ष अभय बागरेचा ने बताया कि सोमिल कोठारी व सुजान चोपड़ा के संयोजन में रथयात्रा गंगवाल बस स्टैंड, एमओजी लाइन, मऊ नाका, रणजीत हनुमान मंदिर, नाकोडा मंदिर-गुमास्ता नगर होते हुए फूटी कोठी मार्ग स्थित श्रीजी वाटिका पहुंची।
धूमधाम एवं हर्षोल्लास से निकली रथ यात्रा में शहर की विभिन्न महिला मंडलों, जैन महिला बैंड व जैन महिला पायलट ग्रुप की सदस्याओं ने जैन पताका फहराते हुए आयोजन में भागीदारी निभाते हुए अगवानी की। रथयात्रा के मार्ग में ट्रैफिक कंट्रोल व सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। करीब 2 घंटे से अधिक समय में विभिन्न मार्गो से होते हुए रथयात्रा श्रीजी वाटिका पहुंची। यहां आयोजन स्थल के समीप बने विशाल स्वागत द्वार का उद्घाटन संतश्रीजी ने फीता खोलकर किया।
तत्पश्चात विशाल पांडाल में पहली बार मां पद्मावतीजी की 13 फीट की व लक्ष्मीजी सरस्वतीजी की 9-9 फीट की प्रतिमाओं के समक्ष विधिवत पूजन अर्चन हुआ। संतश्री ने इस मौके पर श्रद्धालुओं को मां की भक्ति में पूर्ण समर्पण भाव रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राण बगैर शरीर बेकार है उसी प्रकार भक्ति रूपी आराधना बगैर देव पूजा भी बेकार है।
महामहोत्सव के मुख्य संयोजक अरविंद जैन ने बताया कि इस अवसर पर डॉ सुनील मंडलेचा दंपति ने कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना, जल यात्रा, ज्वारारोपण, नवग्रह एवं पाटला पूजन आदि में बतौर लाभार्थी भाग लिया। विधिकारक रत्नेशगुरुजी ने विधान संपन्न कराए। अरविंद जैन ने बताया कि मध्य प्रदेश के इतिहास में भूतो न भविष्यति के तहत डॉ वसंतविजयजी की निश्रा में बगैर डांडिया के ऐतिहासिक रूप से धर्ममय नवरात्रि का यह आयोजन अपने आप में इंदौरवासियों को भक्ति आराधना का अनूठा अहसास कराएगा।
जैन ने बताया कि इस अवसर पर दस दिनों तक 11 विप्र पंडितों द्वारा मां लक्ष्मीजी की प्रतिमा के समक्ष 24 घंटे का सुख समृद्धि, नवनिधि लक्ष्मी महाकलश जाप भी शुरू हुआ। अरविंद जैन ने बताया कि दोपहर के सत्र में 108 जोड़े युक्त श्री नाकोड़ा भैरव महानुष्ठान पूजन हुआ। उन्होंने बताया कि सोमवार को श्री सिद्धचक्र महापूजन व शाम को इंटरनेशनल ड्रमर शिवमणि की प्रस्तुतियां होंगी।
आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सचिव संजय मारवाड़ी, अनिल चौधरी, रितेश नाहर, जितेंद्र बाफना, विपिन पगारिया सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने संयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन संगीतकार दीपक करणपुरिया ने किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। प्रातः नवकारसी, दोपहर व शाम के भोजन प्रसादी का भी लाभ लिया। सभी का आभार सचिव संजय मारवाड़ी ने जताया।
