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वाणी को बाण नहीं वीणा बनाए – मुनि सुधाकर

वाणी को बाण नहीं वीणा बनाए – मुनि सुधाकर

पर्यूषण पर्वाधिराज के चतुर्थ दिन वाणी संयम दिवस के रुप में मनाया

माधावरम्, चेन्नई ; श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ माधावरम् ट्रस्ट द्वारा आयोजित पर्युषण पर्वाधिराज महापर्व के अन्तर्गत आध्यात्मिक प्रवचनमाला के चौथे दिन वाणी संयम दिवस पर प्रवचन करते हुए मुनि श्री सुधाकरकुमारजी ने कहा- शब्द संसार के रचयिता हम स्वयं है। शब्दों में अद्‌भुत शक्ति होती है। ये हम पर निर्भर करता है, हम उस शक्ति से कौन सा इतिहास लिखते है, नायक या खलनायक का। एक शब्द स्वर्ग जैसा नजारा बता सकता है, वही एक शब्द नरक से बदतर हालत भी पैदा कर सकता है। सच कहा गया है- पत्थर तो हड्डियां तोड़ते है पर शब्द तो दिल भी तोड़ देते है।

आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में जनमेदनी को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने आगे कहा- ‘वाणी में सत्यता, उच्चता, उत्कृष्टता, सौम्यता और मधुरता का समावेश होना चाहिए। याद रखे “बन्दुक से निकली गोली और मुँह से निकली बोली” अपना परिणाम लेकर ही वापस लौटती है। मुनि श्री ने भगवान महावीर का भव परम्परा का भी विवेचन किया।

    वाणी से होती व्यक्तित्व की पहचान

मुनिश्री ने आगे कहा- वाणी के द्वारा व्यक्तित्व की पहचान होती है। वाणी में हो मिठास, माधुर्य तो व्यक्ति लोकप्रिय बन जाता है। वाणी संयम के लिए वाणी को इष्ट, मिष्ट और शिष्ट बन वाणी ऐसी हो जो किसी के दिल को चीरे नहीं, दिल में शान्ति की फुहार बहाए।

   वाणी के द्वारा हर समस्या का समाधान संभव

  विशेष प्रेरणा देते हुए मुनि श्री ने कहा कि आभूषण की मंजूषा में जिस तरह आभूषण की सार संभाल करते है, उचित समय आने पर प्रयोग में लेते हैं। उसी तरह वाणी की मंजूषा से निकला हर शब्द बाण की तरह नहीं हो बल्कि वीणा की मधुरता जैसा हो। कब, कहाँ, कैसे, क्यों, कितना बोलने से पूर्व इस पर भी चिन्तन करना और मधुर वाणी प्रयोग करना चाहिए।

  मुनि श्री नरेशकुमारजी ने सुमधुर गीतिका का संगान किया। मंगलाचरण किलपाक सामायिक मण्डल की बहनो ने किया व कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री सुरेश रांका ने किया। माधावरम ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी घीसूलाल बोहरा ने बताया आज मुनिश्री का विशेष प्रवचन बदले सोच बदलेगा जीवन विषय पर भगवान महावीर की भव परंपरा को आधार बनाते हुए होगा, जिसमें मुनिश्री कर्म विज्ञान एवं सुखी परिवार का रहस्य बताएंगे। इस अवसर पर कई भाई बहनों ने तपस्या का प्रत्याख्यान किया। नवरंगी के अंतर्गत अनेक भाइयों ने तपस्या का प्रत्याख्यान किया।

  समाचार सम्प्रेषक : स्वरूप चन्द दाँती

मीडिया प्रभारी : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ माधावरम् ट्रस्ट, चेन्नई

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