चेन्नई. गुरु पद्म-अमर कुल भूषण उप प्रवर्तक पंकज मुनि की निश्रा में एवं ओजस्वी प्रवचनकार डॉ. वरुण मुनि के मार्गदर्शन में श्रमण संघीय प्रथम युवाचार्य मधुकर मिश्री म. की संयम शताब्दी एवं काश्मीर प्रचारिका महाश्रमणी उमराव कंवर अर्चना म. की जन्म शताब्दी जैन भवन, साहुकारपेट में तप जप के साथ अतिभव्य रूप से सानंद संपन्न हुई।
श्री एस. एस. जैन संघ साहुकारपेट एवं शताब्दी समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह का शुभारंभ मधुर वक्ता रुपेश मुनि के मंगलाचरण द्वारा हुआ। पुच्छिणं जी का पाठ सामूहिक रूप से श्रद्धा पूर्वक हुआ। कमला मेहता, ऋषभ चन्द घोड़ावत, मंत्री शांति लाल लुंकड़ एवं युवती मंडल की बहनों ने भजन एवं भाषण द्वारा दोनों महान विभूतियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। डॉ. वरुण मुनि ने वासुदेव श्री कृष्ण भगवान की जीवन वृत पर जैन एवं वैदिक परंपरा की मान्यतानुसार प्रकाश डाला। इसी के साथ उन्होंने युवाचार्य मधुकर मुनि के जीवन चरित्र पर अपने उद्गार रखते हुए कहा युवाचार्य श्री बच्चों से सरल, युवाओं से जोश भरे और वृद्धों से अनुभवी थे। उनका जीवन अनुशासन के सांचे में ढला था। साधु, उपाध्याय, युवाचार्य, आचार्य जैसे पदों पर प्रतिष्ठित होने पर भी उनमें लेशमात्र भी अभिमान नहीं था।
काश्मीर प्रचारिका साध्वी उमराव कुंवर ‘अर्चना’ एक अध्यात्म योगिनी महाश्रमणी थी। जप – तप, ज्ञान-ध्यान का आपके जीवन में अनूठा समन्वय था। आप प्रभु पाश्र्वनाथ भगवान की अनन्य उपासिका थी। काश्मीर से कन्याकुमारी तक आपने धर्म की विशेष प्रभावना की। सिद्धा लेडिज विंग की ओर से प्रेरक नाटिका प्रस्तुत की गई। संघ के उपाध्यक्ष बी. गौतम चन्द मुथा एवं मंत्री भरत नाहर के कर कमलों द्वारा समारोह के लाभार्थी निहालचंद दिलीप कुमार कोठारी परिवार का सम्मान किया गया। श्री संघ के कोषाध्यक्ष पृथ्वीराज नाहर एवं एस. सुरेश कांकलिया ने 18-19-20 अगस्त त्रिदिवसीय उपवास (तेल तप) की आराधना के लिए सभी भाई- बहनों से विशेष अपील की।








