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मोक्षमार्ग में प्रगति हो उसे योग कहते है..

मोक्षमार्ग में प्रगति हो उसे योग कहते है..

*🌧️विंशत्यधिकम्*

*📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️*

2️⃣2️⃣

☀️

*||मोक्खेण जोयणओ जोगो||*

(मोक्ष के साथ जोड़े वह योग)

🕉️

जो क्रिया अनुष्ठान

जो साधना उपासना

मोक्ष के साथ जोड़ दें

अर्थात जिससे मोक्षमार्ग में

प्रगति हो उसे योग कहते है..!

💫

योग से

प्रतिज्ञापालन में

धैर्यता प्राप्त होती हैं.!

विकट संजोगों में भी

प्रतिज्ञा से विचलित नही होते.!

💫

शास्त्रोक्त

क्रिया अनुष्ठान में

मोक्षमार्ग में प्रवृत्ति

करानेवाली रुचि रूप श्रद्धा

योग से ही प्राप्त होती है.!

💫

सर्वजीवो की

हितकामना सहित

स्व आत्म समान भाव

अर्थात मैत्रि भावना की

प्राप्ति भी योग से होती हैं.!

💫

सहज

विकसित बुद्धि भी

योग से ही प्राप्त होती है.!

💫

परिषह उपसर्ग

सहने की शक्ति भी

योग से ही प्राप्त होती हैं.!

अनुकूलता की प्राप्ति में

समत्व भी योग से ही रहता है

*_📗श्री योगबिंदु प्रकरण📗_*

🌷

*तत्त्वचिंतन:*

*मार्गस्थ कृपानिधि*

*सूरि जयन्तसेन कृपाप्राप्त*

श्रुत-स्वाध्यायनिष्ठ शिष्यरत्न

मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.

*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*

श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ

@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर

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