चेन्नई. साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक विनयमुनि और गौतममुनि के सानिध्य में रविवार को खद्दरधारी गणेशीलाल की 139वीं एवं जैन दिवाकर प्रसिद्ध वक्ता चौथमल की 142वीं जन्म जयंती और तपस्वी बख्तावरमल की 90वीं पुण्यतिथि मनाई गई। समारोह के अध्यक्ष मोहनलाल चौरडिया और समारोह गौरव दिनेश साकरिया थे। समारोह की शुरुआत संघ अध्यक्ष आनंदमल छल्लणी के स्वागत भाषण से हुई।

संजयमुनि और फूलचंदमुनि की गीतिका के बाद विनयमुनि ने जयंती पर गुरुओं के गुणगान किया और उनके बताए मार्गो पर चलने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा महापुरुषों के उपकारों को कभी भी भूलना नहीं चाहिए जिनके अनंत उपकार हैं उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। महापुरुषों के जीवन की गाथा सुनने से जीवन में निखार आता है।

गौतममुनि ने कहा गणेशीलाल, बख्तावरमल और चौथमल ने अपनी ज्ञान, दर्शन और चारित्र द्वारा जीवन को तपाने के साथ दूसरों को भी यही संदेश दिया। ऐसे उत्तम कार्यो की वजह से ही आज भी लोग उनको याद करते हैं। उनके जीवन को शब्दों में नहीं कहा जा सकता। खुद के साथ अपने बच्चों को भी धर्म के कार्यो से जोडऩे का प्रयास करना चाहिए। अगर बच्चे धर्म के कार्यो से जुड़ेंगे तो उनका जीवन अपने आप ही अलग मार्ग पर चला जाएगा। उन्होंने कहा लोकेशकुमार छल्लाणी ने मासखमण पच्चखाण कर संघ और समाज के नाम को रोशन किया है।

छल्लाणी परिवार का आभार जताया। सागरमुनि ने भी महापुरुषों के उपकारों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को उनके बताए मार्गो पर चलने का सुझाव दिया। शांतीलाल तातेड़, कविता कोठारी, कांतिलाल छल्लाणी और मोनिका छल्लाणी ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले संघ द्वारा लोकेशकुमार छल्लाणी का सम्मान किया गया। चातुर्मास में विशेष सेवा देने के लिए पदम सिंघवी को सेवा रत्न से अलंकृत किया गया।

इस दौरान संघ के उपाध्यक्ष निर्मल मरलेचा, नरेन्द्र कोठारी, सहमंत्री पंकज कोठारी और कोषाध्यक्ष गौतमचंद दुगड़ के अलावा पृथ्वीराज बागरेचा, विजयराज दुगड़, कमल कोठारी, पदम कोठारी, राहुल कोठारी, गौरव पगारिया, सुगनचंद कांतिलाल छल्लाणी, गौतमचंद, महावीरचंद नाहटा, सुरेशचंद ललवाणी, ज्ञानचंद मुणोत और किशनलाल खाबिया भी उपस्थित थे। संचालन मंत्री मंगलचंद खारीवाल ने किया। यहां जारी दो दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 500 लोगों ने जांच कराई।