श्री जैन रन स्वाध्याय ट्रस्ट, चेन्नई द्वारा आयोजित किया गया परोपकार, सम्मान एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम
Sagevaani.com /चेन्नई:- भगवान महावीर स्वामी के 2623वें जन्म कल्याणक दिवस,स्थानकवासी जैन समाज रत्नसंघ के विशिष्ट आचार्य, जिनशासन गौरव, व्यसनमुक्ति के प्रबलप्रेरक पूज्य आचार्य भगवंत 1008 श्री हीराचन्द्रजी महाराज साहब के 86वें जन्मवर्ष भावी आचार्य महानअध्यवसायी श्रद्धेय श्री महेंद्र मुनिजी महाराज साहब के 50वें स्वर्णिम दीक्षा वर्ष एवं अखिल भारतीय श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ (रत्नसंघ) की विधिवत् स्थापना के 50वें स्वर्णिम वर्ष के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया|
यह कार्यक्रम श्री जैन रत्न स्वाध्याय ट्रस्ट, चेन्नई द्वारा किलपाक स्थित “राजाजी विद्याश्रम” के हाल में किया गया|

मैनेजिंग ट्रस्टी श्री सुगनचंद बोथरा ने बताया कि ट्रस्ट की स्थापना 21 वर्ष पूर्व हुई थी एवं तब से ही हम सामाजिक-सेवा,परोपकार एवम् करुणा के कार्य इस ट्रस्ट के माध्यम से करते आ रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधिपति एवं SAFEMA के चेयरमेन न्यायमूर्ति श्री मुनीश्वरनाथजी भंडारी ने शिरकत कीl

इस अवसर पर जयपुर सम्यगज्ञान प्रचारक मंडल के अध्यक्ष श्री आनंद चौपड़ा, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, तमिलनाडु के सदस्य एवं जैन महासंघ के अध्यक्ष श्री प्यारेलाल पितलिया,वाइस चांसलर “डॉक्टर अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी” डॉ. एन एस संतोषकुमार, भारतीय जैन संघटना एवं “रत्न स्वर्ण महोत्सव” के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजेंद्र लुंकड़,
रत्नसंघ शासन सेवा समिति के संयोजक श्री गौतमचन्द हुण्डीवाल,श्री अंकित जी जैन(IAS) कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे |
साथ ही चेन्नई महानगर से कई गणमान्य महानुभाव भी कार्यक्रम में उपास्थित रहे ! ट्रस्ट के चेयरमेन श्री गौतमराज सुराणा ने पधारे हुए सभी महानुभावों का स्वागत किया
इस समारोह में संघ- समाज में सेवा करने वाले व्यक्तियों का, दानदाताओं का,करुणा मित्रों का सम्मान किया गया साथ ही वर्षीतप की आराधना करने वाले तपस्वियों का भी सम्मान किया गया ।विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण की गई !
कार्यक्रम दौरान विगत 40 वर्षों से स्वाध्यायी सेवा देने वाले श्री चंपालालजी बोथरा एवम् रात्रिभोजन त्याग हेतु विशेष कार्य करने के लिए श्री विमलजी सुराणा का भी सम्मान किया गया ।
अखिल भारतीय श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ (रत्नसंघ)की विधिवत स्थापना के
50वें स्वर्णिम वर्ष को संपूर्ण भारत वर्ष में ऐतिहासिक रूप से मनाने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने का आह्वान मंचासिन अतिथियों ने अपने वक्तव्य में किया |
करुणामित्र (निर्मुक प्राणियों की सेवार्थ) योजना के अन्तर्गत एक-एक लाख रूपये के 51 सदस्य बनाने का आह्वान किया गया ।
कार्यक्रम में समाज के लगभग 800 लोग मौजूद रहे
श्री जैन रत्न स्वाध्याय ट्रस्ट, चेन्नई द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का माला,शाल,साफ़ा एवम् मोमेंटो प्रदान कर स्वागत-सम्मान किया गया
इस मौक़े पर ‘बार काउंसलिंग ऑफ़ इंडिया’ के वाइस चेयरमैन,मद्रास हाईकोर्ट के एडवोकेट्स एवं जैन समाज मेड़ता निवासी महानुभावों ने भी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे न्यायमूर्ति श्री मुनीश्वरनाथ भंडारी का स्वागत- सम्मान किया
कार्यक्रम के अन्त में ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री सुगनचन्द बोथरा ने पधारे हुए ट्रस्टके पदाधिकारियों,ट्रस्टीगणों कार्यकर्ताओं,दानदाताओं एवम सभी महानुभावों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया|
कार्यक्रम का संचालन जयपुर से पधारे मंच संचालक दिलीप जैन ने किया
कार्यक्रम के पश्चात सभी के लिए स्वरुचि भोज का आयोजन किया गया|