दुर्ग/ आचार्य प्रवर् 1008 श्री रामलाल जी म.सा. और उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा.की कृपा से इस वर्ष साधुमार्गी संघ दुर्ग को शासन दीपक श्री हर्षित मुनि जी म.सा. एवं श्री धीरज मुनि जी आदि ठाणा 2 एवं महासती श्री हेमप्रभा जी म. सा. आदि ठाणा 4 का वर्षावास चातुर्मास प्राप्त हुआ है। 9 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद संत महापुरुषो का वर्षावास प्राप्त होने से पूरे संघ में विशेष उत्साह बना हुआ है महापुरुषो के मंगल प्रवेश के साथ ही म् सा श्री ने
एक चौका( धर)एक अठाई का प्रकल्प प्रदान किया था।
आचार्य भगवन राम गुरु के आशीर्वाद एवं श्री हर्षित मुनि जी की वाणी और ओज का प्रभाव एवं श्री धीरज मुनि जी म.सा. की प्रेरणा और पुरुषार्थ का ही जादू है कि आज तक 8 मासखमन और 136 अठाई और उससे अधिक की तपस्या सम्पन्न हो चुकी है।
जिसमे प्रमुख रूप से दुर्ग की तपस्वी रत्ना श्री मति सुनन्दा देवी धर्मपत्नी ज्ञान चन्द पारख ने आचार्य भगवन के मुखारवृन्द से ब्यावर में 61 का प्रत्यख्यान ग्रहण कर चुके है। (54 गतिमान है) एकान्तर की तपस्या कर रहे ऐसे संन्त रत्न श्री हर्षित मुनि जी म सा जिन पर अनन्य गुरुकृपा बरस रही हो, जिनकी वाणी में सरस्वती जी शास्वत विराजमान प्रतिलक्षित हो ऐसे सन्त की प्रेरणा और पुरुषार्थ का फिर कहना ही क्या।
अभी वर्तमान में जो भी तपस्यायें सम्पन्न हुई उसमे से ज्यादातर पाठशाला के बच्चो जिनकी उम्र 8 से 20 वर्ष का अधिक है उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और पूर्ण मनोयोग का ही परिणाम है कि इतनी ऊर्जाशक्ति संघ में बिखर रही है बच्चा बच्चा संघ के लिये ऊर्जावान बना हुआ है।
धार्मिक शिविर के माध्यम से एक ओर जहाँ श्रावक श्राविकाएँ के ज्ञान में वृद्धि के साथ साथ संस्कार में शुद्धता विचारों में सार्थकता अलग ही दिखाई पड़ रही है जिसमे अथाह त्याग प्रत्यख्यान इसका स्प्ष्ट उदाहरण है। इसके साथ-साथ और भी कई भाई-बहन अनेक तपस्याओं में प्रगतिशील है।
साधुमार्गी जैन संघ दुर्ग के के गौरव की बात है।
विशेष धार्मीक गतिविधियों में शनिवार को संवर दिवस रविवार को दया दिवस के रूप में सम्पन्न हो रहे है वही प्रतिदिन (रायसी देवसी ) प्रतिक्रमण, प्रार्थना एवं क्लास, प्रवचन , दोप. की क्लास, संवर, पौषध में सभी भाई बहन अपनी अपनी समयानुकूलता के साथ उपस्थित हो रहे है।
आचार्य भगवन और उपाध्याय प्रवर् के परोक्ष आशीर्वाद और संन्त सती वृन्दो के प्रेरणा और पुरुषार्थ से और संघ सदस्यो के अशीम श्रद्धा समर्पणा से इस चातुर्मास में नए सोपान तय कर रहे है।
बाफना परिवार की दो लाडली बिटियाओ ने कु. सचि बाफना 15 और कु.भूमिका बाफना ने अदम्य साहस के साथ इस चातुर्मास में मासखमन सम्पन्न कर संघ और परिवार का गौरव बढ़ा चुके है। वीर काकी श्रीमति ऊषा देवी श्रीश्रीमाल, श्रीमति सरोज देवीबोथरा, श्रीमति चंदा देवी बोथरा, कुमारी पायल पारख आदि सभी के मासखमण सम्पन्न हो गई है। नैतिक चोपड़ा 21 की दीर्घ तपस्या कर पारणा कर चुके है।
समता युवा संघ के यशस्वी अध्यक्ष श्री राजा कांकरिया भी मासखमण की तपस्या आज सम्पन्न हुई। जो की दुर्ग शहर के लिये गौरव की बात है।
लगभग 12 तपस्वी और मासखमन की ओर गतिमान है। अठाई के साथ साथ बड़ी तपस्यायें जैसे 21, 18 ,15 11 की अनेक तपस्या सम्पन्न हुई है।
8-10 वर्ष के बालक बालिकाएं भी अठाई तपस्या में अधिक से अधिक योगदान दे रहे है।
संघ का मान बढ़ाने वाले सभी तपस्विओ को साधुवाद!