Sagevaani.com /चैन्नई। दृढ़ निश्चय और लक्ष्य नहीं है तो मनुष्य जीवन मे सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है।सोमवार जैन भवन साहुकारपेट के मरूधर केसरी दरबार में महासती धर्मप्रभा ने आयोजित धर्मसभा में श्रोताओं को सम्बोंधित करतें हुए कहा कि जीवन मे सफलता वही इंसान प्राप्त कर सकता है और दुविधा मे रहने वाला जीवन में लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकता है। काम कोई भी हो उसमें सफलता तभी मिलती है जब उस काम को करने के लिए दृढ़ निश्चय किया जाए।
बिना सोचे-समझे शुरू किया गया काम कभी भी पूरा नहीं किया जा सकता।समय को व्यर्थ करने वाला मनुष्य कभी भी जीवन में ऊंचाई या सफलता नहीं पा सकता। अपने आपको पूरी तरह लक्ष्य के प्रति समर्पित और एक ही नीति पर चलने वाला जीवन में लक्ष्य प्राप्त करता है। मनुष्य की सोच अच्छी है और इरादे बुंलद है,तो वह कभी भी असफल नहींं हो सकता है। जीवन में दुःख और कठिनाइयों के आने बावजूद वह गलत मार्ग पर नही जाता और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ने वाला व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है और अपनी आत्मा को मोक्ष के नजदीक ले जा सकता है।
साध्वी स्नेहप्रभा ने भगवान महावीर स्वामी की अंतिम दिव्य देशना श्रीमद उत्तराध्ययन सूत्र के चौवीसवें और पच्चीस वें अध्याध्य पवयण-माया,जन्नइज्यं पाठ का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चा साधक अहिंसा के मार्ग पर चलता है हिंसा के मार्ग पर नहीं चलता है। साहुकारपेट श्रीसंघ के कार्याध्यक्ष महावीर चन्द सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया धर्मसभा में बहनों और भाईयों ने उपवास आयंबिल आदि साध्वी धर्मप्रभा से प्रत्याख्यान लिए जिनका श्रीसंघ सुरेश चंद डूगरवाल, शम्भूसिंह कावड़िया मंत्री सज्जन राज सुराणा ने स्वागत किया।
प्रवक्ता सुनिल चपलोत,
श्री एस.एस. जैन संघ, साहुकारपेट, चैन्नई