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तपस्या से मन के मनोरथ परिपूर्ण होते है –प्रवर्तक सुकन मुनि

तपस्या से मन के मनोरथ परिपूर्ण होते है –प्रवर्तक सुकन मुनि

9, अक्टूबर, अशोक नगर

तपस्या करने से जीवन के मनोरथ पूर्ण होते है आत्मा शुध्द व पवित्र बनती है प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने लोकाशाह जैन स्थानक मे शनिवार को तपस्वी सुरेश सिघंवी के उन्तीस उपवास सम्पूर्ण होने पर सम्मान समारोहों मे तप की अनूमोदना करतें हुयें कहां कि तप एक ऐसा मार्ग जिससे मनुष्य का शरीर कुंदन जीवन के मनोरथ परिपूर्ण किये जा सकते है परन्तु श्रध्दा व निश्चल भाव से तपस्या करने पर ही संभव हो सकता है !

उपप्रवर्तक अमृत मुनि डॉक्टर वरूण मुनि अखिलेश मुनि आदि संतो ने तप का महत्व बताते हुये तपस्वी को साधूवाद दिया प्रवक्ता सुनिल चपलोत ने बताया कि इसदौरान श्री संघ के मांगीलाल लुणावत ओकरसिंह सिरोया राजेन्द्र खोखवत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ललित चौधरी संजय भंडारी तथा लोकाशाह महिला की निलीमा सिरोया सुशीला भाणावत आदि ने तपस्वी भाई सुरेश सिंघवी के तप की अनूमोदना करते हुये पगड़ी शोल माला पहनाकर समारोहों मे अभिनन्दन किया !

मीडिया प्रवक्ता, सुनिल चपलोत, लोकाशाह जैन स्थाकन, अशोक नगर, उदयपुर

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