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जीवन एक चुनौती है इसे स्वीकार कीजिए – साध्वी संयमलता

जीवन एक चुनौती है इसे स्वीकार कीजिए – साध्वी संयमलता

पनवेल श्री संघ में विराजित श्रमण संघीय जैन दिवाकरिया महासाध्वी श्री संयमलताजी म. सा.,श्री अमितप्रज्ञाजी म. सा.,श्री कमलप्रज्ञाजी म. सा.,श्री सौरभप्रज्ञाजी म. सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए हैं महासती संयम लता ने कहा अगर कोई इंसान अपने जज्बे को, अपने जुनून को जगा लेता है वह भले ही शरीर से अपाहिज क्यों ना हो लेकिन धरती में कुआं खोद सकता है, समुद्र में से तेल निकाल सकता है,अंतरिक्ष में पहुंचकर नए चंद्रलोक की अभिनव यात्रा संपन्न कर सकता है। महासती ने आगे कहा जो व्यक्ति जिंदगी को एक चुनौती के रूप में लेगा वह हर व्यक्ति अपनी जिंदगी का परिणाम निकाल ही लेगा। जब तक जुनून और जज्बा नहीं होगा तब तक व्यक्ति गली में गुल्ली डंडा तो खेल सकता है पर सचिन तेंदुलकर नहीं बन सकता। अगर केवल गुल्ली डंडे ही खेलना हो तो उसके लिए ना कोई जज्बा चाहिए ना कोई जुनून। अगर केवल क्लास में पास होना है तो मास्टर जी जितना पढ़ाते हैं उसमें संतोष कर लीजिए पर अगर टॉप टेन में आना है तो गुरु ने जितना सिखाया है उस ज्ञान को और आगे से आगे कैसे बढ़ाया जाए इसके लिए अपना पुरुषार्थ शुरू कर दीजिए। जो जीवन को चुनौती मानते हैं वही अपनी जिंदगी में कुछ बनते हैं।

महासती ने आगे कहा जिंदगी मिली है तो जिंदा रहने के लिए भोजन जरुरी है। भोजन से भी ज्यादा पानी जरूरी है। पानी से ज्यादा वायु जरूरी है। वायु से ज्यादा आयु जरूरी है पर आयु से ज्यादा आत्मविश्वास जरूरी है। महासती सौरभ प्रज्ञा ने कहा कर्म तो कामधेनु की तरह होता है जो कि हर इंसान को अपना मनोवांछित दिया करता है। इंसान का कर्म योग तो इंसान के लिए किसी कल्पवृक्ष की तरह हुआ करता है। तुम उससे जो परिणाम पाना चाहो वह हर परिणाम तुम्हें उपलब्ध हो जाया करता है। निठल्ले मत बैठे रहो निठल्लापन अपराध है। अगर एक महीने में एक दिन भी निठल्ला बीत जाए तो समझ लेना वह दिन आपके जीवन का व्यर्थ गया। धर्म सभा में बानावार, बैंगलोर, घोडनदी आदि से गुरु भक्तों ने दर्शन वंदन का लाभ लिया।

 

दोपहर में आचार्य सम्राट श्री आनंदऋषि जी म. सा. एवं उपाध्याय श्री केवलमुनि जी म. सा. के जीवन पर आधारित प्रश्नमंच प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें 150 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। चातुर्मास आयोजन समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र खैरोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को गुरु आनंद केवल जन्मोत्सव के निमित्त सजोड़े भगवान पार्श्वनाथ का अनुष्ठान आयोजित होगा।

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