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खुश रहने के लिए किसी अच्छे दिन का इंतजार न करें, इसी क्षण खुश हो जाएं : देवेंद्रसागरसूरि

खुश रहने के लिए किसी अच्छे दिन का इंतजार न करें, इसी क्षण खुश हो जाएं : देवेंद्रसागरसूरि

नोर्थटाउन जैन संघ में रविवारीय शिविर का आयोजन 

श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी पूज्य मुनि श्री महापद्मसागरजी की निश्रा में रविवारीय शिविर का आयोजन हुआ, शा मफतलालजी कपूरचंदजी परिवार ने शिविर का लाभ लिया। शिविर के तहत आचार्य श्री ने जो हुआ अच्छा हुआ विषय के ऊपर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि खुश रहने के लिए कुछ पाने की दरकार नहीं होती। अपने जीवन में खुशियां लाने के लिए दूसरों से तुलना छोड़कर हर परिस्थिति में वर्तमान का आनंद लेना होगा।

ज़्यादातर लोग ऐसा सोचते है की पैसा रहेगा, तो खुशी अपने आप आ जाएगी, पर सच यह है कि यह पूरी तरह सही नहीं है। धन- संपदा आने के बाद भी खुशी नहीं आ पाती। अगर पैसे से ही खुशी खरीदी जा सकती तो डिप्रेशन को अमीरों की बीमारी नहीं कहा जाता। दुख की वजह दरअसल, ज्यादातर लोग इसलिए दुखी रहते हैं, क्योंकि उनका जीवन तमाम तरह की समस्याओं से घिरा होता है। अगर नौकरी करते हैं तो महीने के अंत में पैसे के मामले में हाथ तंग हो जाता है।

कोई इसलिए दुखी है कि मकान नहीं बनवा पा रहा, किसी की बेटी की शादी नहीं हो रही, तो कोई इसलिए दुखी है कि उसके पास कार नहीं है और उसे लोकल ट्रेन या बसों में धक्के खाने पड़ते हैं। तो कोई अपने परिवार के किसी सदस्य की बीमारी की वजह से परेशान है। ज्यादातर लोग दुखी इसलिए भी रहते हैं, क्योंकि वे अपने जीवन का विश्लेषण करते वक्त दूसरों से उसकी तुलना करते हैं।

उन्हें अपना धन-संसाधन कम लगता है। हमेशा कोई न कोई ऐसा उदाहरण मिल जाता है, जो उनसे ज्यादा धनी होता है, जिसके पास उनसे बड़ी कार होती है। संसाधन जुटाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने में कोई बुराई नहीं हैं। धन और तमाम भौतिक चीजें जुटाने और उनका उपभोग करने में भी कोई बुराई नहीं, आप कितना भी पैसा क्यों न कमा लें, आप एग्जाम में कितने भी अंक क्यों न हासिल कर लें, आपसे ज्यादा पैसा कमाने वाला या आपसे ज्यादा अंक लाने वाला कोई न कोई मिल ही जाता है।

सोचिए, अगर आपके हिसाब से कम पैसा कमाने वाले लोग दुखी रहने लगें, तो दुनिया में खुश रहने का अधिकार तो सिर्फ बिल गेट्स या मुकेश अंबानी को ही होगा। आपके हिसाब से तो बाकी लोगों को दुखी रहना चाहिए। अंत में आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में खुशी इस बात से नहीं आती कि आपने कितना कुछ हासिल कर लिया, बल्कि खुशी इस बात से आती है कि आप उसे कितना महसूस करते हैं। जीवन में आनंद को कितनी जगह देते हैं।

खुश रहने के लिए किसी अच्छे दिन का इंतजार न करें।इसी क्षण खुश हो जाएं, क्योंकि यही क्षण आपका जीवन है।खुश रहने वालों को साथ रखें। यदि कुछ गलत हो जाए तो किसी को दोषी ठहराने की जगह समाधान निकालने की कोशिश करें। पहले इस बात पर भरोसा करें कि आप खुशी पा सकते हैं।

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