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उगता सूर्य विकास का प्रतीक : साध्वी अणिमाश्री

उगता सूर्य विकास का प्रतीक : साध्वी अणिमाश्री

साध्वीश्री ने तेयुप द्वारा आयोजित मंत्र दीक्षा कार्यक्रम में दिया पाथेय

  बच्चे परिवार की शान है, समाज, राष्ट्र की उज्जवल खान हैं उपरोक्त विचार अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वाधान में तेरापंथ युवक परिषद् चेन्नई द्वारा तेरापंथ सभा भवन, साहूकारपेट में आयोजित मंत्र दीक्षा कार्यक्रम में बालकों को मंत्र दीक्षा दिलाते हुए साध्वी अणिमाश्री ने कहें।
   साध्वीश्री ने आगे कहा कि बच्चों का जीवन कोरे कागज की तरह होता है। उस पर जैसे अक्षर लिख दिए जाए, वे अंकित हो जाते हैं। बच्चों के जीवन निर्माण का ज्यादातर समय मां के पास होता है। जो मां स्वयं संकल्पित रहती है, सहनशील होती है, स्वअनुशासित रहती हुई नम्र भाव से आध्यात्म, शालीनता, आत्मीयता के संस्कारों का बीजारोपण करती है, उन बच्चों का जीवन उच्च कोटि का होता हैं।


  साध्वीश्री ने कहा जीवन निर्माण और विकास के अनेक माध्यमों में एक सशक्त माध्यम है- मंत्र दीक्षा। हर अभिभावक अपने बच्चों की मंत्र दीक्षा के प्रति जागरूक बने, क्योंकि इससे आपके बच्चों का शानदार निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि आपका भी भविष्य सुंदर और सुखद बनेगा।
  साध्वीश्री ने कहा मस्तिष्क ज्ञान का प्रतीक है, हमारा संकल्पबल मजबूत होने पर हम हर ज्ञान को अर्जन कर सकते हैं। हमारे ह्रदय में भाव-विचार सदैव सकारात्मक रहने चाहिए। हमारे हाथ श्रमजीवी होने चाहिए। जिस बालक में स्नेह, सद्भाव, आत्मियता के गुणों का वास होता है, वह स्वयं तो विकास के पथ पर आगे बढ़ता ही है, साथ में परिवार, समाज व देश के नवनिर्माण में भी सम्यक सहभागी बनता है।

  बच्चों को दिया समय सबसे महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट

साध्वी श्री ने बच्चों के साथ धर्मपरिषद् को विशेष अवबोध देते हुए कहा उगता सूर्य विकास का प्रतीक होता है। जो सूर्योदय से पहले उठता है, वह अपनी हर लक्षित मंजिल को सरलता से प्राप्त कर सकता है। माता पिता को विशेष संबोधित करते हुए कहा कि अगर आज आप अपने बच्चों को कुछ समय देते हैं, वह आपका सबसे महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट है। अपने बच्चों के साथ सदैव संवाद बनाए रखें। 

माता-पिता और बच्चों के बीच बचपन से बने संवाद से बड़े होने पर किसी भी अप्रिय स्थिति से पार पा सकते हैं। संवाद से परिवार का सामंजस्य, शांति बनी रहती हैं।
 

साध्वीश्री जी ने कहा तेरापंथ सभा ज्ञानशाला का संचालन करती है। युवक परिषद् एवं महिला मंडल व्यवस्था पक्ष को मजबूत बनाते है। पर प्रशिक्षिकाएं धन्यवाद की पात्र है, जो बच्चों के सुंदर भविष्य निर्माण में अपने समय, श्रम, शक्ति का नियोजन कर रही हैं।


 

साध्वी श्री मैत्रीप्रभा ने मंच संचालन करते हुए कहा ज्ञानशाला संस्कारों के अभ्युदय की महत्वपूर्ण शाला है।  अभ्युदय का पथ प्रशस्त करने वाली ज्ञानशाला में जरूर आएं।

तेयुप अध्यक्ष मुकेश नवलखा ने स्वागत भाषण देते हुए शहर की 24 ज्ञानशालाओं के बच्चों की मंत्र दीक्षा में सहभागिता के लिए साधुवाद दिया। मोगापेर ज्ञानशाला के बच्चों ने मंगल संगान किया।

साहूकारपेट, ई एम आर, नई धोबीपेट, पल्लावरम ज्ञानशाला के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतीयां दी। सुश्री दिया बोहरा ने भक्तामर स्रोत के कुछ पदों का उच्चारण किया। रंजीतमल अक्षयकुमार छल्लानी प्रायोजक परिवार का सम्मान तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री प्यारेलाल पितलिया एवं तेयुप अध्यक्ष ने किया। तेयुप मंत्री संतोष सेठिया ने आभार ज्ञापन दिया।
           

स्वरुप चन्द दाँती
प्रचार प्रसार प्रभारी
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चेन्नई

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