Share This Post

Featured News / Featured Slider / ज्ञान वाणी

आत्मशक्ति को एक्टिवेट करता है तप-मुनि अर्हत कुमारजी

आत्मशक्ति को एक्टिवेट करता है तप-मुनि अर्हत कुमारजी

सतरंगी के रंग में रंगा मदुरै

भगवान महावीर ने मोक्ष के चार मार्ग बतलाये उसमे चौथा मार्ग है तप । तप आत्मसोधन की एक विलक्षण प्रक्रिया है । तपस्या से अनाशक्त चेतना का जागरण होता है । तपस्या भवाम्बुधी पार कराने वाली एक विशेष नोका है । तप हमारी आत्मशक्तियो को एक्टिवेट करता है। तप के अनेक प्रकार है उसमें एक प्रकार है “सतरंगी”,सतरंगी तप सामुहिक होता है जिससे संघातिक कर्मो का नाश होता है ।

गुरुदेव की कृपा से मदुरै वासियों को चातुर्मास प्राप्त हुआ और मदुरै वासियों के उत्साह की परिणीति है सतरंगी। सभी तपस्वियों ने बड़ी उमंग के साथ इसमें भाग लिया। तप की आलोकिक ज्योति से अन्तस् तिमिर आत्म प्रकाश में परिवर्तित हो जाता है ।सभी तपस्वी सुविधानुसार तप के पथ पर गतिमान रहे ओर पूरा चातुर्मास तप व जपमय बना रहे ।

सहयोगी संत मुनि भरत कुमारजी ने सयोजनिय भाषण में कहा जिस व्यक्ति में होता है वीर्य ।वही दिखा सकता है शौर्य । तप के द्वारा होता है कल्याण, वह बन सकता है भगवान। सतरंगी तप का करें अनुमोदन,जिससे सबके आत्मा का हो शोधन
बाल संत जयदीप कुमारजी ने सुमधुर गीतिका के द्वारा तपस्वियों का उत्साह वर्धन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ते. महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ ।तेरापंथ सभा अध्यक्ष जयंतिलाल जीरावला ने सभी तपस्वियों का अनुमोदन किया।तेयुप मंत्री
राजकुमार नाहटा , स्थानकवासी समाज अध्यक्ष नेमीचंद बाफना ने अपने विचार व्यक्त किये ।दुगड़ परिवार की ओर से खुशबू ,भावना ने गीतिका द्वारा अपनी अभिव्यक्ति दी ।
ये जानकारी मधु जीरावला ने दी !

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Skip to toolbar