श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ-तमिलनाडु के तत्वावधान मे प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव का जन्म व दीक्षा कल्याणक एवं आचार्य हीराचंद्रजी म.सा का 86 वां जन्म दिवस तप-त्याग पूर्वक सामायिक साधना दिवस के रुप मे मनाया गया |
शांत-क्रान्त संघ के आचार्य विजयराजजी म.सा की आज्ञानुवर्तिनी विदुषी महासती स्वर्णश्रजी म.सा ने आचार्य हस्तीमलजी म.सा व उनके शिष्य आचार्य हीराचंद्रजी म.सा के जीवन मे घटित प्रत्यक्ष रुप से देखे अनेक संस्मरणों को सुना कर आचार्य हीरा के गुणगान करते हुए कहा कि गुरु के गुणों को जीवन मे धारण करना ही सच्ची श्रद्धा हैं | तपस्विनी साध्वी चिन्मयश्रीजी म.सा ने अवसर्पर्णी काल के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के गुणगान करते हुए कहा कि असि मसि व कृषि की कला सीखाने का उपकार किया व आचार्य हीराचंद्रजी म.सा ने अपने आचरण से सच्चे शिष्य की पहचान बनाते हुए गुरु हस्तीमलजी म.सा के दिल मे स्थान प्राप्त कर लिया|
जन्म व दीक्षा कल्याणक के सुअवसर पर श्रावक संघ के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आचार्य हीराचंद्रजी म.सा के साधनामय जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्य प्रेरणाओं पर प्रकाश किया व महासती मण्डल के प्रति कृतज्ञता भाव प्रकट करते हुए कहा कि धर्मसभा मे उपस्थित श्री जैन संघ,पाड़ी की विनती को ध्यान मे रखते हुए महासती ने श्री जैन संघ,पाड़ी के तत्वावधान मे भगवान महावीर जन्म कल्याणक जप-तप- त्याग पूर्वक पाड़ी जैन स्थानक मे मनाने की स्वीकृति प्रदान की हैं |
संघाध्यक्ष प्रेमकुमार कवाड ने महासती मण्डल के चरणों मे शेखे काल संघ के स्वाध्याय भवन साहूकारपेट, चेन्नई मे विराजने की विनती रखी | युवक परिषद के शाखा प्रमुख संदीप ओस्तवाल ने आचार्य हीरा के गुणगान रुप मे विशिष्टता का उल्लेख करते हुए गतिविधियों की जानकारी | शांत-क्रान्त संघ के वरिष्ठ श्रावक शान्तिलाल कोठारी ने आचार्य हीरा के जीवन की विशेषता पर प्रकाश किया व बताया कि इस वर्ष महासती स्वर्णश्री का चातुर्मास कांकरिया गेस्ट हाउस, किलपाक मे होगा |
अनेक व्रत-नियम-प्रत्याख्यान कराते हुए महासती स्वर्णश्री ने मांगलिक सुनाई | इस अवसर पर श्रावक संघ के क्षेत्रीय प्रधान इंदरचंद सुराणा, पी एम चोरडिया, महावीरचन्द छाजेड़ प्रकाशचंद ओस्तवाल, मदनलाल बोहरा, गौतमचंद कटारिया, रिखबचंद बागमार, नागरमल छाजेड़, अनोपचन्द बागमार, बुधमल बोहरा, पवन बोहरा वीरेन्द्र कांकरिया, रुपराज सेठिया, कांतिलाल तातेड़, गौतमचंद मुणोत, महावीरचन्द ओस्तवाल महावीर कर्णावट, विनोदजी जैन, मनिषजी उज्जवल, विमलचंद सुराणा, रविन्द्र कवाड, रमेश झांगड़ा, रंगरुपमल चोरडिया, अशोक लोढा, दीपक व योगेश श्रीश्रीमाल, उगमचंद कांकरिया वीरेन्द्र ओस्तवाल, नवरतन बागमार, पीयूष ओस्तवाल, शिखरचंद छाजेड़ एस एस जैन संघ किलपाक के अध्यक्ष नवरतन कांकरिया, शांत-क्रान्त संघ के पदाधिकारीगण नेमीचंद कोठारी, नरेन्द्र कोठारी, गौतमचंद सोमावत सहित चेन्नई महानगर से वेपेरी, नंगनल्लूर, कालाडिपेट, पुरसावक्कम, आवडी, अडयार, तिरुवानमयूर, अयनावरम, कुरुकपेट पाड़ी, किलपाक, कौंडितोप, पार्क टाउन, चिन्तादरीपेट,तैनामपेट, चूले क्षेत्रो से श्रावक-श्राविकाओं की सामायिक परिवेश मे उपस्थिति प्रमोदजन्य रही |