चेन्नई में साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट पर स्थित स्वाध्याय भवन’ में जिनवाणी पत्रिका में प्रकाशित मधुर व्याख्यानी श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा के प्रवचन: ‘स्वाधीनता में सुख और पराधीनता में होता दुःख’ पर स्वाध्याय- अनुप्रेक्षा वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री वीरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा की गयी |
स्वाध्यायी बन्धुवर ने विभिन्न आगमों में वर्णित सूत्र, संदेशों व प्रेरणाओं का उल्लेख करते हुए श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा के प्रवचन स्वाधीनता व पराधीनता पर सुन्दर रुप से अनुप्रेक्षा की | उपस्थित जिज्ञासु स्वाध्यायीगण ने जिज्ञासा रखी,स्वाध्यायी बन्धुवर ने समाधान करने के प्रयास किये |
स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वाध्यायीगण श्री अशोककुमारजी रांका गौतमचन्दजी मुणोत, उच्छबराजजी गांग,नथमलजी दुगड़,मनिषजी जैन, महावीरचन्दजी कर्णावट स्वाध्याय भवन सेवक आर नरेन्द्रजी कांकरिया आदि की सामायिक परिवेश में उपस्थिति रही | आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने जैन संकल्प सूत्र करवाया | स्वाध्यायी बन्धुवर नथमलजी दुगड़ ने सामूहिक नियम व प्रत्याख्यान करवाये | इस प्रसंग पर उच्छबराजजी गांग ने उपवास के प्रत्याख्यान किये | स्वाध्यायी बन्धुवर श्री अशोकजी रांका ने मंगल पाठ किया |
पूर्णिमा पाक्षिक पर्व पर वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री बादलचन्दजी बागमार ने प्रतिक्रमण करवाया | गुरु सुखसाता पाठ श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने करवाया| प्रतिक्रमण व सामूहिक वन्दन के पश्चात स्वाध्यायीगण ज्ञानचंदजी बागमार, किशोरजी डाकलिया, आर नरेन्द्रजी कांकरिया, उच्छबराजजी गांग बादलचन्दजी बागमार, गौतमचन्दजी मुणोत उपस्थित सभी ने चोवीसी की सामूहिक स्तुति करते हुए पाक्षिक पक्खी पर्व पर क्षमायाचना की |
प्रेषक : आर नरेन्द्र कांकरिया स्वाध्याय भवन’ 24/25 – बेसिन वाटर स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई तमिलनाडु