स्थानक

मनुष्य जीवन मोक्ष प्राप्ति का प्रथम सोपान: साध्वी धर्मप्रभा

एमकेबी नगर स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा इस संसार में मनुष्य एक सर्वश्रेष्ठ प्राणी है। उनकी श्रेष्ठता और महत्ता का कारण उनकी अपार क्षमताएं है। मनुष्य जन्म मंदिर की सीढ़ी की भंाति है जो दोनो दिशाओं में गमन करता है। मनुष्य राम बन सकता है और रावण भी। कृष्ण भी बन सकता है और कंस भी। महावीर भी बन सकता है और गोशालक भी। कुछ भी बनने के लिए मनुष्य की इच्छा और जीवन जीने की प्रक्रिया कैसी है इस पर निर्भर करता है। मनुष्य का यह सौभाग्य है कि वो परमात्मा के पद को प्राप्त करने की सााधना कर सकता है। मनुष्य का जीवन मोक्ष प्राप्ति का प्रथम सोपान है। यह हीरों और रत्नों से अधिक मूल्यवान है। बुद्धिमान पुण्यात्मा इसे सार्थक कर लाभ उठा लेता है और कोई भोग विलास पाप कार्यो में लगा दे इसका कौड़ी का मूल्य नहीं है। साध्वी स्नेह प्रभा जी ने कहा कि दया ही धर्म की जननी है। दया रुपी नदी के किनारे सभी धर्मों क...

Skip to toolbar