महाव्रत

संयम की प्रेरणा का मार्ग हैं अणुव्रत : आचार्य महाश्रमण

अणुव्रत का अर्थ है – छोटे छोटे व्रत, संकल्प, नियम| सब बड़े नियमों को स्वीकार कर लें, यह कठिन है| महाव्रतों में बड़े बड़े व्रतों की संयोजना है। पूर्ण अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य व अपरिग्रह की परिपालना हैं, महाव्रत| पर यह यदि न हो सके तो हम ऐसे ही क्यों रहें? क्यों न छोटे-छोटे व्रतों को स्वीकार करके अपने पर अपना अनुशासन कर लें, उपरोक्त विचार माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अन्तर्गत साम्प्रदायिक सौहार्द दिवस के आयोजन के अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण ने कहे|   आचार्य श्री ने आगे कहा कि व्यक्ति अपने जीवन विकास के लिए अणुव्रत के नियमों को अपनाए, संकल्प करें, जैसे मैं किसी निरपराध प्राणी की हत्या नहीं करूंगा| शराब, गुटका, सिगरेट आदि का परिहार करके बड़ा झूठ, धोखाधड़ी व मिलावट नहीं करूंगा|   आचार्य श्री ने आगे कहा कि जैन धर्...

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