आत्मबली और मनोबली थे आचार्य भिक्षु चेन्नई. माधवरम में जैन तेरापंथ नगर स्थित महाश्रमण सभागार में विराजित आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में शुक्रवार को उपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ ने तेरापंथ धर्मसंघ के प्रवर्तक आचार्य भिक्षु का स्मरण कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर आचार्य के साथ उनके एक ओर पूरा साधु समुदाय तो दूसरी ओर साध्वी व समणी समुदाय विराजित था तथा सामने मुमुक्षुओं सहित श्रावक-श्राविकाओं का जनसमूह उपस्थित था। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य के नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने प्रवचन में कहा आदमी के भीतर अनंत खजाना भरा हुआ है। कोई-कोई अतीन्द्रिय ज्ञानी उसका साक्षात्कार कर लेता है। गहराई में पैठने वाला तो कोई-कोई ही होता है। संभवत: आचार्य भिक्षु उस ज्ञान की गहराई तक जाने वाले आचार्य थे। आचार्य ने राजनगर की घटना का प्रसंग को सुनाते हुए कहा उनको लगा कि वर्तमान में...