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सत्ता का नशा सारी मार्यादाएं भूला देता है

चेन्नई. पेरम्बूर जैन स्थानक में विराजित समकित मुनि ने कहा प्यार का रिश्ता होता है देवर और भाभी का। बहुत से ऐेसे प्रसंग आते हैं जिनमें भाभी ने देवर को अपने बच्चो...

दया, प्रेम, श्रद्धा-भक्ति होगा तो भगवान आएंगे

चेन्नई. सईदापेट जैन स्थानक में विराजित ज्ञानमुनि ने कहा आश्विन (आसोज) के महीने में आत्मसाधना के लिए नवपद ओली की आराधना करते हैं। मुनि ही क्या सामान्य व्यक्ति भी...

जिन्होंने अपने जीवन को साध लिया वही सिद्ध

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित आचार्य सौ यदर्शन ने कहा नमस्कार मंत्र के दूसरे पद में सिद्ध भगवान का नमन किया जाता है। जिन्होंने अपने जीवन को साध ...

नवपद मंत्र अंतरात्माओं के मार्ग में मील के पत्थर

चेन्नई. ट्टाभिराम जैन स्थानक में विराजित साध्वी प्रतिभाश्री ने कहा नवपद मंत्र अंतरात्माओं के मार्ग में मील के पत्थर का काम करता है। जिस प्रकार पथिक को मील का पत...

सिद्धचक्र एक अमोघ चक्र है

साहुकारपेट स्थित जैन आराधना भवन में विराजित गणिवर्य पदमचन्द्रसागर ने नवपद ओली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिद्धचक्र एक अमोघ चक्र है जो कर्मनाशक है। इसके केंद्र...

मांगें मगर अपने लिए नहीं सबके लिए

चेन्नई. नवपद में सब कुछ है लेकिन हम इधर-उधर दौड़ते रहते हैं। नवकार पर श्रद्धा नहीं करते। व्यक्ति स्वार्थ एवं इच्छाओं की पूर्ति के लिए भटकता रहता है लेकिन यह नवक...

बोलना जरूरी तो मौन रहना भी

चेन्नई, साहुकारपेट स्थित श्री जैन भवन में विराजित उपाध्याय प्रवर रवीन्द्र मुनि ने कहा बोलने से भी व्यक्ति की ऊर्जा खर्च होती है। जैसे व्यक्ति काम करके थक जाता ह...

इंद्रियां द्रव्य और भाव जुडऩे पर ही करती हैं कार्य

चेन्नई, साहुकारपेट स्थित जैन आराधना भवन में विराजित गणिवर्य पदमचंद्र सागर भगवान महावीर ने कहा कुछ जीव इन्द्रिय सहित जन्म लेते हैं तो कुछ जीव इन्द्रिय रहित। इन्द...

हिंसा से बचें और दया धारण करें

चेन्नई. ईदापेट जैन स्थानक में विराजित ज्ञानमुनि ने कहा हिंसा अधर्म का मार्ग है, यह दुखों की खान है, नरक का द्वार है इसलिए ङ्क्षहसा से हमेशा बचें और दया धारण करे...

मन ही मित्र व सत्रु मन ही

चेन्नई, साहुकारपेट स्थित श्री जैन भवन में विराजित उपाध्याय प्रवर रविन्द्र मुनि ने कहा कि व्यक्ति का मन ही उसका सबसे बड़ा मित्र और सत्रु होता है। मन में अगर नाका...

सहनशीलता और क्षमा संत का गहना

चेन्नई सईदापेट जैन स्थानक में विराजित ज्ञानमुनि ने कहा कल्याण चाहते हैं तो नम्र बनकर रहना होगा। धर्म के अंदर जाने के चार गुर हैं-पहला क्षमा यानी सहनशील होना चाह...

भाव में रखे साधुता

चेन्नई, साहुकारपेट स्थित श्री जैन भवन में विराजित उपाध्याय प्रवर रवीन्द्र मुनि ने कहा व्यक्ति का सब कुछ ज्ञान और राग पर निर्भर करता है। जिन मिट्टी में मैत्री भा...

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