Standard Category

जीवन जीना एक कला है और व्यक्ति को यह कला आनी चाहिए: साध्वी कुमुदलता

अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में साध्वी कुमुदलता ने शुक्रवार को दिशा परिमाण अणुव्रत पर चर्चा करते हुए कहा कि जीवन जीना भी एक कला है और व्यक्ति को यह कला आनी चाहि...

नई पीढ़ी को धर्म और परमात्मा की भक्ति में डुबोना होगा: प्रवीणऋषि

पुरुषावाक्कम स्थित श्री एमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा आज की नई पीढ़ी को यदि अनर्थ और व्यर्थ से बचाना है तो...

चारित्र की सम्यक् आराधना के लिए ज्ञानाराधना जरूरी: आचार्य महाश्रमण

*भिक्षु भक्ति संध्या से भिक्षुमय बना जैन तेरापंथ नगर माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सुत्र के दूसरे अध्याय का विवेचन करते हुए आचार्य ...

भारतीय संस्कृति का प्राण है तप: साध्वी धर्मलता

ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा विषय कषायों से हटकर वीतराग की ओर कदम बढ़ाने के लिए ज्ञानियों ने ज्ञान, दर्शन, चारित्र एवं तप की साधना करने ...

जीवन पथ प्रशस्त होता हो वही सत्संग है: साध्वी धर्मप्रभा

एमकेबी नगर जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मप्रभा ने कहा सदैव सत्पुरुषों के संग में रहना चाहिए। जिसकी संगत से सत्यता, सात्विकता एवं पवित्रता मिलती हो एवं जीवन ...

मरुधर केसरी जन्म जयंती समारोह कल: कपिल मुनि

गोपालपुरम स्थित छाजेड़ भवन में विराजित कपिल मुनि के सानिध्य व श्री जैन संघ के तत्वावधान में शनिवार को मरुधर केसरी मिश्रीमल का 128वां जन्म जयंती समारोह जप तप की ...

हमें नमना सिखाता है नवकार: मुनि संयमरत्न विजय

चेन्नई के साहुकारपेट स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित मुनि संयमरत्न विजय ने कहा नवकार में ‘स’ आठ बार आता है जो अष्टसिद्धियों का सूचक है। नवकार का सच्...

दान करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति: गौतममुनि

साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा दान, शील, तप और भावना के मार्गो से ही मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इन चार पायों में सबसे पहले ...

अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकारने वाला सम्यकत्व और नहीं स्वीकारने वाला मिथ्यात्व:

धर्म से नहीं भटकने वाला ही पाता है लक्ष्य पुरुषवाक्कम स्थित एमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकारने वाला सम्यकत्व और ...

20वें तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का अनुष्ठान किया गया

अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी कुमुदलता व अन्य साध्वीवृन्द के सान्निध्य में मन की शांति, जीवन में सुख, संघ परिवार व समाज के संकट न...

धर्माराधना से परिपूर्ण हो जीवन : आचार्य श्री महाश्रमण*

*केन्द्रीय मंत्री श्री विजय सामला ने किये आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में ठाणं सुत्र के दूसरे अध्याय का विवे...

आहार और विचार दोनों जुड़वां भाई: साध्वी धर्मलता

ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा शरीर का आधार आहार है जिसके बिना शरीर का निर्वाह नहीं हो सकता। आहार हितकारी और परिमित होना चाहिए। भले ही खान...

Skip to toolbar