Standard Category

धर्म मार्ग पर चलने से पहले मन में से शंकाएं निकाल दे: प्रवीणऋषि

पुरुषवाक्कम स्थित एमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने कहा धर्म के राजमार्ग पर वही पुरुष चलते हैं, जिन्होंने जिस उल्लास और उमंग से कदम उठाया है उसे मं...

जो दूसरों को दुख देता है वह अपने लिए दुख निर्मित करता है: आचार्य पुष्पदंत सागर

कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा जो दूसरों को दुख देता है वह अपने लिए दुख निर्मित करता है। दूसरे को सुख देना स्वयं को ही ...

जिन्होंने अपने जीवन को देश जाती या धर्म के लिये कुर्बान किया जन्म जयंती मनाते है: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...

आत्मरक्षा का करें प्रयास : आचार्य श्री महाश्रमण

माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में आचार्य श्री महाश्रमण ने रक्षाबंधन के पर्व पर कहा कि आज श्रावण की पूर्णिमा हैं| आज के दिन बहने भाइयों के रा...

युगों को जीने का तरीका सिखाने वाले कहलाते हैं युग पुरुष

गुरु दिवाकर कमला वर्षावास समिति, चेन्नई के तत्वावधान में अयनावरम स्थित जैन दादावाड़ी में उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि, उपप्रवर्तक विनयमुनि ‘वागीश’ और यहां चातुर्मास...

समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहते थे गुरुदेव: साध्वी धर्मलता

ताम्बरम जैन स्थानक में साध्वी धर्मलता एवं अन्य साध्वीवृंद के सान्निध्य में मरुधर केशरी मिश्रीमल की जन्म जयंती मनाई गई। इस मौके पर साध्वी ने कहा मरुधर केशरी मिश्...

रक्षाबंधन प्रेम का प्रतीक : विनयमुनि

साहुकारपेट जैन भवन में विराजित उपप्रवर्तक विनयमुनि ने रक्षाबंधन के अवसर पर कहा रक्षाबंधन प्रेम का प्रतीक है, जिसका अपना अलग ही महत्व है। इस पर्व से भाई बहनों मे...

भाई-बहन का रिश्ता जिन्दा हो गया तो संसार के सारे दुष्कर्मी सदाचारी हो जाएंगे: प्रवीणऋषि

पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि ने रक्षाबंधन पर कहा यदि जीवन में भाई-बहन का रिश्ता जिन्दा हो गया तो संसार के सारे दुष्कर्मी सदाचा...

रक्षाबंधन राक्षसी वृत्ति त्यागने का पर्व है: आचार्य पुष्पदंत सागर

कोंडीतोप स्थित सुंदेशा मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा राखी का त्यौहार अपनी वृत्ति-प्रवृत्ति बदलने एवं राक्षसी वृत्ति त्यागने का पर्व है। हैवान...

चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि ने जैन दिवाकर दरबार में धर्म सभा को संबोधित करते हुवे कहा कि ...

गुरु का गुणगान करने से तन, मन और आत्मा तीनो पवित्र होती है:

ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित साध्वी धर्मलता ने कहा गंगा में स्नान करने से केवल तन पवित्र होता है। गुरु का गुणगान करने से तन, मन और आत्मा तीनो पवित्र होती है। ...

समाज का नजरिया बदले में समर्थ थे मरुधर केसरी: प्रवीणऋषि

एएमकेएम परिसर में शनिवार को मरुधर केसरी मिश्रीमलजी की 128वीं जन्म-जयंती उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि व तीर्थेशऋषि के सानिध्य में जप-तप, आराधना और सामायिक साधना के स...

Skip to toolbar